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Kushinagar News: गंडक पार की पांच सड़कों के निर्माण की मिली मंजूरी
Fri, 29 May 2026 02:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 29 May 2026 02:09 AM IST
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खड्डा। गंडक नदी पार बसे बाढ़ प्रभावित गांवों को राहत देने की दिशा में शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधायक विवेकानंद पांडेय की पहल पर राज्य सड़क निधि योजना के तहत 21 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पांच संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।
धनराशि भी जारी कर दी गई है। हालांकि, बरसात का मौसम शुरू होने में अब लगभग पंद्रह दिन ही शेष हैं, ऐसे में इस बाढ़ सीजन में ग्रामीणों को इसका पूरा लाभ मिल पाना मुश्किल लग रहा है।
गंडक नदी के बाएं तट पर बसे मरिचहवां, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नारायनपुर समेत कई गांव वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ में जलमग्न हो गए थे।
बाढ़ की तेज धारा में गांवों को जोड़ने वाली सड़कें कई स्थानों पर बह गई थीं। तीन वर्ष बीतने के बाद भी सड़कें पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकीं, जिससे ग्रामीणों को आज भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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बरसात के दिनों में लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है, जबकि कई जगह ग्रामीण श्रमदान कर बांस की चचरी बनाकर आने-जाने को मजबूर होते हैं। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को देखते हुए विधायक विवेकानंद पांडेय ने क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार कराई और शासन को प्रस्ताव भेजा था। लगातार पैरवी के बाद अब पांच संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण को मंजूरी मिली है।
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धनराशि भी जारी कर दी गई है। हालांकि, बरसात का मौसम शुरू होने में अब लगभग पंद्रह दिन ही शेष हैं, ऐसे में इस बाढ़ सीजन में ग्रामीणों को इसका पूरा लाभ मिल पाना मुश्किल लग रहा है।
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गंडक नदी के बाएं तट पर बसे मरिचहवां, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नारायनपुर समेत कई गांव वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ में जलमग्न हो गए थे।
बाढ़ की तेज धारा में गांवों को जोड़ने वाली सड़कें कई स्थानों पर बह गई थीं। तीन वर्ष बीतने के बाद भी सड़कें पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकीं, जिससे ग्रामीणों को आज भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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बरसात के दिनों में लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है, जबकि कई जगह ग्रामीण श्रमदान कर बांस की चचरी बनाकर आने-जाने को मजबूर होते हैं। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को देखते हुए विधायक विवेकानंद पांडेय ने क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार कराई और शासन को प्रस्ताव भेजा था। लगातार पैरवी के बाद अब पांच संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण को मंजूरी मिली है।