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Kushinagar News: यूजीसी के नए कानून के खिलाफ जताया आक्रोश
Wed, 28 Jan 2026 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 28 Jan 2026 01:25 AM IST
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते लोग।स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। रवीन्द्रनगर धूस स्थित बुद्धा पार्क में मंगलवार को सवर्ण समाज के एक हजार से अधिक लोगों की भीड़ अचानक जुट गई। लोग हाथों में तख्ती लेकर नारेबाजी करने लगे। लोगों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून से नाराज थे।
प्रधानमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम महेंद्र सिंह तंवर को देकर यूजीसी कानून के वापसी की मांग की। कलक्ट्रेट में पहुंची भीड़ के चलते करीब आधे घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
प्रदर्शनकारियों की ओर से दिए गए मांग पत्र में कहा गया है कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 धर्म, जाति और सामाजिक सौहार्द पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सवर्ण समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यह बिल न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी विपरीत असर डाल सकता है। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा नीति में किसी भी बदलाव के लिए सभी वर्गों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श जरूरी है। विरोध प्रदर्शन में यह भी कहा गया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष व्याप्त है। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन होगा, इसकी भनक भी गोपनीय एजेंसियों को नहीं थी।
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प्रधानमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम महेंद्र सिंह तंवर को देकर यूजीसी कानून के वापसी की मांग की। कलक्ट्रेट में पहुंची भीड़ के चलते करीब आधे घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
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प्रदर्शनकारियों की ओर से दिए गए मांग पत्र में कहा गया है कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 धर्म, जाति और सामाजिक सौहार्द पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सवर्ण समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यह बिल न केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी विपरीत असर डाल सकता है। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा नीति में किसी भी बदलाव के लिए सभी वर्गों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श जरूरी है। विरोध प्रदर्शन में यह भी कहा गया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष व्याप्त है। कलक्ट्रेट में प्रदर्शन होगा, इसकी भनक भी गोपनीय एजेंसियों को नहीं थी।
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