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आठ लाख रुपये लेकर एयरपोर्ट से एजेंट फरार
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:32 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दुदही। विशुनपुरा थाना क्षेत्र एक ही गांव के आठ युवकों से दिल्ली की एक ट्रैवेल एजेंसी के संचालक ने एक-एक लाख रुपये विदेश भेजने के नाम पर ले लिया। लखनऊ में रुपये लेने के बाद एजेंसी का एजेंट गायब हो गया। एक सप्ताह से बेरोजगार युवक एजेंसी संचालक व एजेंट को खोज रहे हैं। इधर कर्ज लेकर बेटों को विदेश भेजने वाले घर वाले भी कर्ज वापसी को लेकर चिंतित हैं। पीड़ित युवकों के घर वाले मंगलवार को विशुनपुरा पुलिस से मिलेंगे।
विशुनपुरा ग्राम सभा के पड़रौन मड़ुरही गांव निवासी ग्यासुद्दीन, कन्हैया, रियजुद्दीन, रमतुल्लाह, सरफराज, वहीद, विक्की और क्यामुद्दीन विदेश जाने के लिए प्रयासरत थे। इनकी मुलाकात दिल्ली की एक ट्रैवेल एजेंसी के संचालक से हुई। संचालक ने इनकी मुलाकात अपने एजेंट से कराई। इन आठों को मलेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का खर्च बताया। डील पक्की होने पर सभी आठ लोगों से 20-20 हजार रुपये एडवांस लिए गए। जनवरी में रुपये एक बैंक अकाउंट में जमा कराने के बाद एजेंट ने इन्हें फरवरी में विदेश के लिए वीजा व टिकट देने का आश्वासन दिया। एजेंट के बुलाने पर 17 फरवरी को ये आठों लोग दिल्ली पहुंच गए। वहां इन्हें एक गेस्ट हाऊस में यह कहकर ठहराया गया कि 20 फरवरी को फ्लाइट है। दूसरे दिन इन्हें दिल्ली के महिपालपुर इलाके के एक गेस्ट हाऊस में रखा गया। वहीं इन सभी से बकाया 80-80 हजार रुपये भी ले लिए गए।
19 फरवरी को एजेंसी संचालक व एजेंट इन आठ लोगों को साथ लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। वहीं इन्हें टिकट व वीजा मिलने की बात कही गई। परंतु एयरपोर्ट पर पहुंचने के कुछ ही देर बाद एजेंट व संचालक गायब हो गए। पूरे दिन इंतजार के बाद भी जब वे दोनों नहीं लौटे तब इन बेरोजगारों को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। वे कुछ दिन तक लखनऊ में ही एजेंट की तलाश करते रहे। न मिलने पर सोमवार को युवकों ने घर वापस आने के लिए ट्रेन पकड़ी है।
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पूरा वाकया सुनकर घरवाले भी सन्न रह गए, क्योंकि सामान्य परिवारों से ताल्लुक रखने वाले इन सभी आठ युवकों ने विदेश जाने के लिए कर्ज लिया था। अब रुपया तो डूब ही गया, ब्याज समेत कर्ज भी चुकता करने की जिम्मेदारी है। ठगी के शिकार ग्यासुद्दीन, कन्हैया, रियाजुद्दीन आदि ने बताया कि वे लोग मंगलवार को विशुनपुरा पुलिस को तहरीर देंगे।
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विशुनपुरा ग्राम सभा के पड़रौन मड़ुरही गांव निवासी ग्यासुद्दीन, कन्हैया, रियजुद्दीन, रमतुल्लाह, सरफराज, वहीद, विक्की और क्यामुद्दीन विदेश जाने के लिए प्रयासरत थे। इनकी मुलाकात दिल्ली की एक ट्रैवेल एजेंसी के संचालक से हुई। संचालक ने इनकी मुलाकात अपने एजेंट से कराई। इन आठों को मलेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का खर्च बताया। डील पक्की होने पर सभी आठ लोगों से 20-20 हजार रुपये एडवांस लिए गए। जनवरी में रुपये एक बैंक अकाउंट में जमा कराने के बाद एजेंट ने इन्हें फरवरी में विदेश के लिए वीजा व टिकट देने का आश्वासन दिया। एजेंट के बुलाने पर 17 फरवरी को ये आठों लोग दिल्ली पहुंच गए। वहां इन्हें एक गेस्ट हाऊस में यह कहकर ठहराया गया कि 20 फरवरी को फ्लाइट है। दूसरे दिन इन्हें दिल्ली के महिपालपुर इलाके के एक गेस्ट हाऊस में रखा गया। वहीं इन सभी से बकाया 80-80 हजार रुपये भी ले लिए गए।
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19 फरवरी को एजेंसी संचालक व एजेंट इन आठ लोगों को साथ लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। वहीं इन्हें टिकट व वीजा मिलने की बात कही गई। परंतु एयरपोर्ट पर पहुंचने के कुछ ही देर बाद एजेंट व संचालक गायब हो गए। पूरे दिन इंतजार के बाद भी जब वे दोनों नहीं लौटे तब इन बेरोजगारों को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। वे कुछ दिन तक लखनऊ में ही एजेंट की तलाश करते रहे। न मिलने पर सोमवार को युवकों ने घर वापस आने के लिए ट्रेन पकड़ी है।
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पूरा वाकया सुनकर घरवाले भी सन्न रह गए, क्योंकि सामान्य परिवारों से ताल्लुक रखने वाले इन सभी आठ युवकों ने विदेश जाने के लिए कर्ज लिया था। अब रुपया तो डूब ही गया, ब्याज समेत कर्ज भी चुकता करने की जिम्मेदारी है। ठगी के शिकार ग्यासुद्दीन, कन्हैया, रियाजुद्दीन आदि ने बताया कि वे लोग मंगलवार को विशुनपुरा पुलिस को तहरीर देंगे।