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Kushinagar News: पंखिया के बाद अब शटरकटवा गिरोह, बिहार से आकर दिया बड़ी चोरी को अंजाम

Sun, 24 Sep 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 24 Sep 2023 01:07 AM IST
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After Pankhiya, now the Shutterkatwa gang came from Bihar and committed a big theft.
शटर काटने में अभ्यस्त होता है यह गैंग, रखते हैं अपराध का पूरा इंतजाम
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बिहार से गोरखपुर के रास्ते महानगरों में खपाने के लिए ले जा रहे थे बड़ी मात्रा में चरस

कुशीनगर। बिहार की सीमावर्ती जिला होने के कारण कुशीनगर अपराधियों को मुफीद लगने लगा है। यही वजह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और बिहार में संगीन घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी भी यहां अपराध करने लगे हैं। कुशीनगर पुलिस ने अभी बदायूं के पंखिया गिरोह के सदस्यों को पकड़ा ही था कि बिहार का एक गैग भी यहां अपराध कर बैठा। हाटा में मोबाइल की एक बड़ी दुकान में एक सप्ताह पहले चोरी करने वाले गैंग के जो सदस्य शनिवार को गिरफ्तार हुए, वे बिहार के शटरकटवा गिरोह के हैं। दोनों ही चोरों के बड़े गैंग हैं, जो बड़े ही शातिराना तरीके से अपराध को अंजाम देते हैं।
शनिवार को हाटा कोतवाली क्षेत्र के झांगा के पास गिरफ्तार किए गए अपराधी बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के हैं। पुलिस की मानें तो वहां घोड़ासहन नाम की एक ऐसी जगह है, जो शटर काटकर चोरी करने वाले अपराधियों का गढ़ है। वे शटर काटने के पूरे औंजार के साथ चलते हैं। उन्हें पता होता है कि शटर के किस हिस्से पर काटना है, जिससे कम समय में उनका काम हो जाए। उस प्वाइंट को हीट कर जल्दी काट देते हैं। हाटा नगर में चोरी होने के बाद से ही पुलिस खोजबीन में जुट गई थी।
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इन्हें मोबाइल से ट्रेस करना होता है मुश्किल
पुलिस के मुताबिक शटरकटवा गिरोह के सदस्य घटना के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए अपना मोबाइल ट्रक, बस या अन्य वाहनों में रख देेते हैं और दूसरी दिशा में निकल जाते हैं। पुलिस उनके लोकेशन के आधार पर पीछा करती है, लेकिन हाथ नहीं आते और भागने में सफल रहते हैं। उसके बाद साथ में मोबाइल लेकर नहीं चलते हैं। यह गिरोह ज्यादातर बिहार में ही सक्रिय रहता है। नेपाल में भी चोरी करते हैं तो बिहार में वापस चले आते हैं। अलग-अलग स्थानों पर मिले इनके लोकेशन के आधार पर पुलिस ने खोजबीन की, तब जाकर हाथ आए।
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पंखिया गिरोह की तलाश में है अभी पुलिस की एक टुकड़ी
पुलिस की मानी जाए तो रामकोला थाना क्षेत्र में गिरफ्तार किए गए पंखिया गिरोह के सदस्यों को पुलिस ने जेल भेज दिया, लेकिन उनके कुछ साथी और भी थे, जिनकी तलाश की ला रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अभी एक टीम लगी है, जो वापस नहीं आई है। यह टीम बदायूं गई है। हालांकि, वे अपराधी अभी हाथ नहीं आए हैं।

चरस को महानगरों में खपाने का था इरादा
पुलिस के मुताबिक चार करोड़ रुपये की चरस के साथ गिरफ्तार किए गए शटरकटवा गिरोह के सदस्य गोरखपुर और अन्य बड़े शहरों में खपाने के इरादे से जा रहे थे। कुशीनगर पुलिस को इसकी भनक लग गई। झांगा में इन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।


पंखिया गिरोह की तरह शटरकटवा भी शातिर चोरों का गैंग है। ये भी चोरी के पूरे औंजार के साथ चलते हैं। इन्हें पता होता है कि कहां हीट करेंगे कि शटर जल्दी कट जाएगा। मुख्यत: यह बिहार के घोड़ासहन के निवासी हैं और बिहार व नेपाल में ही सक्रिय रहते हैं। पंखिया गिरोह के कुछ बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार करने में टीम लगी हुई है।
धवल जायसवाल, एसपी
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