{"_id":"65e77a6002939e102a0a65c9","slug":"after-getting-loan-from-the-group-the-fraudster-ran-away-with-five-lakhs-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-113688-2024-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: समूह से कर्ज दिलाने के बाद पांच लाख लेकर भागा जालसाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: समूह से कर्ज दिलाने के बाद पांच लाख लेकर भागा जालसाज
Wed, 06 Mar 2024 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 06 Mar 2024 01:32 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। समूह की महिलाओं को कर्ज दिलाकर पांच लाख रुपये लेकर जालसाज फरार हो गया। चिटफंड कंपनी के वर्कर कर्ज के लिए दबाव डाल रहे हैं। नहीं देने पर दरवाजे पर बंधे जानवर और घर का सामन लेकर जाने की धमकी दे रहे हैं। ऋण चुकाने में असमर्थ समूह की महिलाएं एसपी से मिलकर शिकायत की है। एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए पडरौना कोतवाल को निर्देश दिया है।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नोनिया पट्टी गांव की अफसाना, माजिद,शायरा समेत 25 महिलाओं का समूह बनाकर तीन चिटफंड कंपनियों से गांव का एक शख्स छह माह पहले कर्ज दिलाया। कर्ज दिलाने के बाद जालसाज चिटफंड कंपनी के वर्करों की मिलीभगत से पांच लाख रुपये ले लिया। समूह की महिलाएं जब उस रुपये के लिए जालसाज से मांगा तो बताया कि जो रुपये आप लोग दी है। उतना रुपये कम कर ऋण जमा करना होगा। इसके बाद महिलाएं संतुष्ट हो गईं और किस्त के हिसाब से ऋण जमा करने लगीं। बाकी बचे रुपये के लिए चिटफंड कंपनी के वर्कर दरवाजे पर पहुंचे और पांच लाख रुपये बकाया बताया तो महिलाएं परेशान हो गईं और पूरी बात बताईं। चिटफंड कंपनी के वर्कर ने किसी तरह का रुपये जमा होने से इन्कार कर दिया। जब महिलाएं जालसाज के घर गईं तो पता चला कि वह दो दिन से घर छोड़कर फरार है। अगले दिन चिटफंड कंपनी के करीब पांच वर्कर उनके दरवाजे पर पहुंचे और ऋण नहीं लौटाने पर घर का सामान उठा ले जाने की धमकी देकर चले गए। एक सप्ताह में ऋण चुकता करने का समय दिया है। इससे परेशान होकर महिलाएं एसपी को पूरी घटना और जालसाजी की जानकारी दी। जालसाजी की शिकार महिलाओं ने बताया कि जालसाज के साथ चिटफंड कंपनी का एक युवक भी आया था। एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके पहले भी जिले में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ मामलों में चिटफंड कंपनियों वर्करों और जालसाजों पर कार्रवाई भी हुई है। बावजूद जालसाजी की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रहा है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच के लिए निर्देश दिया गया है,जो भी दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-
गृहकलह और आत्महत्या की वजह बन रहा कर्ज
चिटफंड कंपनी और माइक्रो फाइनेंस कंपनी गांव में समूह बनाकर महिलाओं को कर्ज दे रही हैं। इसी का फायदा उठाकर जालसाज चिटफंड कंपनी के वर्करों की मिलीभगत से समूह की महिलाओं के नाम पर रुपये हड़प ले रहे हैं। किश्त देने के चक्कर में फंसी महिलाओं का इसकी जानकारी तब होती है जब उनके दरवाजे पर ऋण वसूलने के लिए कंपनी के वर्कर पहुंचकर हंगामा करते हैं। गृहकलेश, आत्महत्या और हत्या का कारण भी चिटफंड कंपनियों से लिया गया कर्ज बन रहे हैं।
विज्ञापन
-
केस नंबर एक
-सेवरही थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी आरती देवी 30 पत्नी धर्मनाथ यादव ने सात अलग-अलग माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज ली थी। कर्ज की बोझ तले दबी आरती किश्त नहीं दे पा रही थी। कंपनी के वर्करों की प्रताड़ना से तंग आकर 15 दिसंबर 2023 को जहर खाकर जान दे दी थी। इस मामले में कंपनी के वर्करों पर केस दर्ज हुआ था।
-
केस नंबर दो
-विशुनपुरा थाना क्षेत्र के तिलका पट्टी गांव निवासी सो रहे शर्मा निषाद को इनकी पत्नी पूनम ने गर्दन रेतकर हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में पता चला कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज और शराबी पति से छुटकारा पाने के लिए उसने अपना सुहाग हमेशा के लिए मिटा दिया। पूनम अलग-अलग आठ कंपनियों से पौने चार लाख कर्ज ले रखा था
--
केस नंबर तीन-
सेवरही थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी गुड्डी देवी ने फाइनेंस कंपनी से घर बनवाने और खेती के लिए पौने दो लाख रुपये कर्ज ले रखा था। कंपनी के वर्कर गांव में वसूली के लिए बार-बार पहुंचते थे। रुपये नहीं देने पर बकरी, सिलाई मशीन, रसोई गैस सिलेंडर उठा ले गए। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कंपनी के वर्करों पर किया था। तब इसका कर्ज से पीछा छूटा।
विज्ञापन
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नोनिया पट्टी गांव की अफसाना, माजिद,शायरा समेत 25 महिलाओं का समूह बनाकर तीन चिटफंड कंपनियों से गांव का एक शख्स छह माह पहले कर्ज दिलाया। कर्ज दिलाने के बाद जालसाज चिटफंड कंपनी के वर्करों की मिलीभगत से पांच लाख रुपये ले लिया। समूह की महिलाएं जब उस रुपये के लिए जालसाज से मांगा तो बताया कि जो रुपये आप लोग दी है। उतना रुपये कम कर ऋण जमा करना होगा। इसके बाद महिलाएं संतुष्ट हो गईं और किस्त के हिसाब से ऋण जमा करने लगीं। बाकी बचे रुपये के लिए चिटफंड कंपनी के वर्कर दरवाजे पर पहुंचे और पांच लाख रुपये बकाया बताया तो महिलाएं परेशान हो गईं और पूरी बात बताईं। चिटफंड कंपनी के वर्कर ने किसी तरह का रुपये जमा होने से इन्कार कर दिया। जब महिलाएं जालसाज के घर गईं तो पता चला कि वह दो दिन से घर छोड़कर फरार है। अगले दिन चिटफंड कंपनी के करीब पांच वर्कर उनके दरवाजे पर पहुंचे और ऋण नहीं लौटाने पर घर का सामान उठा ले जाने की धमकी देकर चले गए। एक सप्ताह में ऋण चुकता करने का समय दिया है। इससे परेशान होकर महिलाएं एसपी को पूरी घटना और जालसाजी की जानकारी दी। जालसाजी की शिकार महिलाओं ने बताया कि जालसाज के साथ चिटफंड कंपनी का एक युवक भी आया था। एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके पहले भी जिले में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ मामलों में चिटफंड कंपनियों वर्करों और जालसाजों पर कार्रवाई भी हुई है। बावजूद जालसाजी की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रहा है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच के लिए निर्देश दिया गया है,जो भी दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-
गृहकलह और आत्महत्या की वजह बन रहा कर्ज
चिटफंड कंपनी और माइक्रो फाइनेंस कंपनी गांव में समूह बनाकर महिलाओं को कर्ज दे रही हैं। इसी का फायदा उठाकर जालसाज चिटफंड कंपनी के वर्करों की मिलीभगत से समूह की महिलाओं के नाम पर रुपये हड़प ले रहे हैं। किश्त देने के चक्कर में फंसी महिलाओं का इसकी जानकारी तब होती है जब उनके दरवाजे पर ऋण वसूलने के लिए कंपनी के वर्कर पहुंचकर हंगामा करते हैं। गृहकलेश, आत्महत्या और हत्या का कारण भी चिटफंड कंपनियों से लिया गया कर्ज बन रहे हैं।
विज्ञापन
-
केस नंबर एक
-सेवरही थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी आरती देवी 30 पत्नी धर्मनाथ यादव ने सात अलग-अलग माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज ली थी। कर्ज की बोझ तले दबी आरती किश्त नहीं दे पा रही थी। कंपनी के वर्करों की प्रताड़ना से तंग आकर 15 दिसंबर 2023 को जहर खाकर जान दे दी थी। इस मामले में कंपनी के वर्करों पर केस दर्ज हुआ था।
-
केस नंबर दो
-विशुनपुरा थाना क्षेत्र के तिलका पट्टी गांव निवासी सो रहे शर्मा निषाद को इनकी पत्नी पूनम ने गर्दन रेतकर हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में पता चला कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज और शराबी पति से छुटकारा पाने के लिए उसने अपना सुहाग हमेशा के लिए मिटा दिया। पूनम अलग-अलग आठ कंपनियों से पौने चार लाख कर्ज ले रखा था
केस नंबर तीन-
सेवरही थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी गुड्डी देवी ने फाइनेंस कंपनी से घर बनवाने और खेती के लिए पौने दो लाख रुपये कर्ज ले रखा था। कंपनी के वर्कर गांव में वसूली के लिए बार-बार पहुंचते थे। रुपये नहीं देने पर बकरी, सिलाई मशीन, रसोई गैस सिलेंडर उठा ले गए। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कंपनी के वर्करों पर किया था। तब इसका कर्ज से पीछा छूटा।