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Kushinagar News: एडीओ पंचायत, सचिव और प्रशासक ने नोटिस के 23 दिन बाद भी नहीं दिया जवाब
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सफाईकर्मी की पत्नी को शौचालय अनुदान देने का मामला, एडीओ पंचायत, सचिव और प्रशासक से मांगा गया था स्पष्टीकरण
मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत विरईठ रामनगर गांव में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के अनुदान में हुए अनियमितता का मामला अब भी लंबित है। सफाईकर्मचारी की पत्नी को नियमों के विपरीत शौचालय अनुदान का लाभ दिए जाने के मामले में छह अक्तूबर को जारी नोटिस का जवाब अब तक नहीं मिला है। 23 दिन बाद भी स्पष्टीकरण नहीं मिलने से कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने तत्कालीन एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव और महिला ग्राम पंचायत प्रशासक को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आवंटित धनराशि की वसूली के साथ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में जिला समन्वयक एसबीएम अखंड प्रताप की ओर से पांच सितंबर को किए गए निरीक्षण की आख्या को आधार बनाया गया है।
निरीक्षण में नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में तैनात सफाई कर्मचारी कैलाश की पत्नी इंद्रावती को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के अनुदान का लाभ नियमों के विरुद्ध दिए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने संबंधित जिम्मेदारों से जवाब तलब किया। विभागीय नोटिस के अनुसार संबंधित जिम्मेदारों को सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। लेकिन 29 अक्तूबर तक जवाब नहीं मिलने से प्रकरण का निस्तारण नहीं हो सका है। इस संबंध में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मामले में अभी तक नोटिस का जवाब नहीं मिला है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। दोबारा नोटिस भेजा जाएगा।
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मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत विरईठ रामनगर गांव में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के अनुदान में हुए अनियमितता का मामला अब भी लंबित है। सफाईकर्मचारी की पत्नी को नियमों के विपरीत शौचालय अनुदान का लाभ दिए जाने के मामले में छह अक्तूबर को जारी नोटिस का जवाब अब तक नहीं मिला है। 23 दिन बाद भी स्पष्टीकरण नहीं मिलने से कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने तत्कालीन एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव और महिला ग्राम पंचायत प्रशासक को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आवंटित धनराशि की वसूली के साथ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में जिला समन्वयक एसबीएम अखंड प्रताप की ओर से पांच सितंबर को किए गए निरीक्षण की आख्या को आधार बनाया गया है।
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निरीक्षण में नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में तैनात सफाई कर्मचारी कैलाश की पत्नी इंद्रावती को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के अनुदान का लाभ नियमों के विरुद्ध दिए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद विभाग ने संबंधित जिम्मेदारों से जवाब तलब किया। विभागीय नोटिस के अनुसार संबंधित जिम्मेदारों को सात दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। लेकिन 29 अक्तूबर तक जवाब नहीं मिलने से प्रकरण का निस्तारण नहीं हो सका है। इस संबंध में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मामले में अभी तक नोटिस का जवाब नहीं मिला है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। दोबारा नोटिस भेजा जाएगा।
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