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Kushinagar News: बचपन की चौखट पर दुखों का पहाड़, पांच मासूम निगाहों में तैर रहे अनगिनत सवाल
Fri, 26 Jun 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:34 AM IST
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धनहा में मृतक योगेश के घर पहुंचकर जायजा लेती तहसीलदार जया राय।संवाद
सुकरौली। हाटा कोतवाली क्षेत्र के पड़री गांव में बृहस्पतिवार को भी मातम पसरा रहा। गांव के लोग अब भी 34 वर्षीय सफाईकर्मी योगेश की संदिग्ध मौत के सदमे से उबर नहीं पाए हैं।
बुधवार सुबह झाड़ियों में उसका शव मिलने के बाद जहां पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई, वहीं उसके घर का दृश्य हर आने वाले की आंखें नम कर दे रहा है। घर के बाहर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा है, लेकिन भीतर बैठे पांच मासूम बच्चों की खामोशी सबसे ज्यादा दर्द बयां कर रही है।
गोरखपुर नगर निगम में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत योगेश 17 जून से लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। इसी बीच बुधवार सुबह पड़री गांव के समीप झाड़ियों में उसका शव मिलने की सूचना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां को पहले ही खो चुके इन बच्चों के सिर से अब पिता का साया भी उठ गया है। एक ही झटके में इनकी दुनिया जैसे उजड़ गई।
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घर के एक कोने में जमीन पर बैठे बच्चों की सूनी आंखें और बुझी हुई चेहरे की रौनक देखकर हर किसी का कलेजा भर आ रहा है। कोई चुपचाप लोगों को निहार रहा है तो कोई शून्य में ताक रहा है। उन्हें शायद अभी यह पूरी तरह समझ नहीं है कि उनके जीवन में कितना बड़ा खालीपन आ गया है, लेकिन घर का बदला माहौल उनकी मासूम निगाहों में साफ दिखाई दे रहा है।
गांव के बुजुर्ग हों या महिलाएं, जो भी इन बच्चों को देख रहा है उसकी जुबान पर बस एक ही सवाल है की आखिर इन बच्चों का क्या कसूर था।ग्रामीणों का कहना है कि योगेश की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
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बुधवार सुबह झाड़ियों में उसका शव मिलने के बाद जहां पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई, वहीं उसके घर का दृश्य हर आने वाले की आंखें नम कर दे रहा है। घर के बाहर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा है, लेकिन भीतर बैठे पांच मासूम बच्चों की खामोशी सबसे ज्यादा दर्द बयां कर रही है।
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गोरखपुर नगर निगम में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत योगेश 17 जून से लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। इसी बीच बुधवार सुबह पड़री गांव के समीप झाड़ियों में उसका शव मिलने की सूचना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां को पहले ही खो चुके इन बच्चों के सिर से अब पिता का साया भी उठ गया है। एक ही झटके में इनकी दुनिया जैसे उजड़ गई।
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घर के एक कोने में जमीन पर बैठे बच्चों की सूनी आंखें और बुझी हुई चेहरे की रौनक देखकर हर किसी का कलेजा भर आ रहा है। कोई चुपचाप लोगों को निहार रहा है तो कोई शून्य में ताक रहा है। उन्हें शायद अभी यह पूरी तरह समझ नहीं है कि उनके जीवन में कितना बड़ा खालीपन आ गया है, लेकिन घर का बदला माहौल उनकी मासूम निगाहों में साफ दिखाई दे रहा है।
गांव के बुजुर्ग हों या महिलाएं, जो भी इन बच्चों को देख रहा है उसकी जुबान पर बस एक ही सवाल है की आखिर इन बच्चों का क्या कसूर था।ग्रामीणों का कहना है कि योगेश की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।

धनहा में मृतक योगेश के घर पहुंचकर जायजा लेती तहसीलदार जया राय।संवाद