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उग्रसेन का गर्मजोशी से स्वागत किया
Kushinagar
Updated Thu, 02 Jan 2014 05:43 AM IST
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खड्डा। चंडीगढ़ की ताइक्वांडो प्रतियोगिता में अपने वजन के जूनियर वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाले उग्रसेन यादव को गांव पहुंचने पर लोगों ने फूल मालाओं से लाद दिया। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर उग्रसेन ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उग्रसेन ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ-साथ कोच को बताया।
हनुमानगंज थाने के गांव गंगाछापर निवासी मक्खन यादव के छोटे पुत्र उग्रसेन यादव की प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर हुई। वर्तमान में खड्डा के स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्र हैं। उग्रसेन के पिता स्वयं ही एक अच्छे पहलवान रहे हैं। उग्रसेन बताते हैं कि गांव के बगल के निवासी राकेश यादव से पहली बार उन्हे ताइक्वांडो के प्रति प्रेरणा मिली। उसके बाद इस खेल के प्रशिक्षक महराजगंज के फिरोज अली से उनकी मुलाकात हुई। उन्ही के मार्गदर्शन में उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ इस खेल को अपने जीवन का हिस्सा मान लिया और पूरे लगन के साथ इस खेल की तैयारी शुरू कर दी। उग्रसेन बताते हैं कि महराजगंज में 06 अक्टूबर को हुए ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल मिलने के बाद उनका हौसला और बढ़ गया। उनके कोच ने उन्हें बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने चंडीगढ़ जाना है। 26 दिसंबर को वे अपने कोच के साथ चंडीगढ़ पहुंच गए। टीएफआई के तहत होने वाले 34 वे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 29 दिसंबर को उग्रसेन का मुकाबला 68 किलोग्राम वजन में हुआ। उग्रसेन बताते हैं कि उन्हाेंने पहले ही राउंड में अपने विपक्षी को धाराशायी कर गोल्ड मेडल प्राप्त कर लिया। बुधवार को जैसे ही उग्रसेन अपने पैतृक गांव के खड्डा रेलवे स्टेशन पर उतरे वहां उपस्थित लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। जैसे ही वह अपने घर पहुंचे उनकी माता वासमती देवी की आंख भर गई। गांव के तमाम लोग उनके दरवाजे पर पहुंच गए, सभी लोगों ने कहा कि उग्रसेन ने इस गांव ही नहीं क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है।
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हनुमानगंज थाने के गांव गंगाछापर निवासी मक्खन यादव के छोटे पुत्र उग्रसेन यादव की प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर हुई। वर्तमान में खड्डा के स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्र हैं। उग्रसेन के पिता स्वयं ही एक अच्छे पहलवान रहे हैं। उग्रसेन बताते हैं कि गांव के बगल के निवासी राकेश यादव से पहली बार उन्हे ताइक्वांडो के प्रति प्रेरणा मिली। उसके बाद इस खेल के प्रशिक्षक महराजगंज के फिरोज अली से उनकी मुलाकात हुई। उन्ही के मार्गदर्शन में उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ इस खेल को अपने जीवन का हिस्सा मान लिया और पूरे लगन के साथ इस खेल की तैयारी शुरू कर दी। उग्रसेन बताते हैं कि महराजगंज में 06 अक्टूबर को हुए ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल मिलने के बाद उनका हौसला और बढ़ गया। उनके कोच ने उन्हें बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने चंडीगढ़ जाना है। 26 दिसंबर को वे अपने कोच के साथ चंडीगढ़ पहुंच गए। टीएफआई के तहत होने वाले 34 वे राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 29 दिसंबर को उग्रसेन का मुकाबला 68 किलोग्राम वजन में हुआ। उग्रसेन बताते हैं कि उन्हाेंने पहले ही राउंड में अपने विपक्षी को धाराशायी कर गोल्ड मेडल प्राप्त कर लिया। बुधवार को जैसे ही उग्रसेन अपने पैतृक गांव के खड्डा रेलवे स्टेशन पर उतरे वहां उपस्थित लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। जैसे ही वह अपने घर पहुंचे उनकी माता वासमती देवी की आंख भर गई। गांव के तमाम लोग उनके दरवाजे पर पहुंच गए, सभी लोगों ने कहा कि उग्रसेन ने इस गांव ही नहीं क्षेत्र और जिले का नाम रोशन किया है।
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