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मिल का कबाड़ बेच करेंगे वेतन की भरपाई
Kushinagar
Updated Fri, 20 Dec 2013 05:42 AM IST
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पडरौना। बृहस्पतिवार को स्थानीय चीनी मिल के कर्मचारियों ने चीनी मिल के गेट पर आपात बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी चीनी मिल के कबाड़ को बेचेंगे।
स्थानीय जेएचवी चीनी एंड शुगर मिल्स के कर्मचारियों ने चीनी मिल के गेट पर श्र्रमिक प्रतिनिधि राजेंद्र पांडेय की अगुवाई में बैठक की। बैठक में चीनी मिल के कर्मचारियों के आर्थिक और दैनिक स्थितियों के बारे में चर्चा की गई। बैठक में राजेंद्र पांडेय ने कहा कि चीनी मिल के कर्मचारियों कर दस माह से वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों के परिवार के सामने रोटी का संकट आ गया है। उन्होंने कहा कि तमकुहीराज विधायक की अगुवाई में कर्मचारियों की समस्याओं से डीएम को अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यदि 22 दिसंबर तक चीनी मिल के कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया गया तो उसके बाद कर्मचारी चीनी मिल में पड़े कबाड़ को बेचकर अपने वेतन की भरपाई करेंगे।
पडरौना चीनी मिल चलवाने की पहल
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
मजदूरों के बकाए वेतन के भुगतान की भी मांग की
बोले, मिल चलने से किसानों, श्रमिकों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने पडरौना की बंद पड़ी चीनी मिल को चलवाने के लिए पहल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा है। सीएम से इस पर व्यक्तिगत रुचि लेने की अपील की है।
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सीएम को लिखे पत्र में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा है कि पडरौना की चीनी मिल बंद होने से क्षेत्रीय किसानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मिल में कार्यरत मजदूर कई वर्षों से वेतन और भत्तों से वंचित हैं। मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रुचि लेने का अनुरोध करते हुए चीनी मिल को चलवाने और मजदूरों को उनके बकाए वेतन का भुगतान दिलाने के लिए निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि ऐसा होने से न केवल किसानों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूरों को भी राहत मिलेगी।
मालूम हो कि वर्ष 2012-13 से मिल बंद पड़ी है। नियमित कर्मचारियों की तादाद सौ और सीजनल पांच सौ के आसपास है। इस मिल की पेराई क्षमता प्रतिदिन पचास हजार क्विंटल रही है। मिल परिक्षेत्र में पैंतीस हजार से अधिक किसान हैं। मिल बंद होने से इतने किसान और कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य प्रभावित हैं।
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स्थानीय जेएचवी चीनी एंड शुगर मिल्स के कर्मचारियों ने चीनी मिल के गेट पर श्र्रमिक प्रतिनिधि राजेंद्र पांडेय की अगुवाई में बैठक की। बैठक में चीनी मिल के कर्मचारियों के आर्थिक और दैनिक स्थितियों के बारे में चर्चा की गई। बैठक में राजेंद्र पांडेय ने कहा कि चीनी मिल के कर्मचारियों कर दस माह से वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों के परिवार के सामने रोटी का संकट आ गया है। उन्होंने कहा कि तमकुहीराज विधायक की अगुवाई में कर्मचारियों की समस्याओं से डीएम को अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यदि 22 दिसंबर तक चीनी मिल के कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया गया तो उसके बाद कर्मचारी चीनी मिल में पड़े कबाड़ को बेचकर अपने वेतन की भरपाई करेंगे।
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पडरौना चीनी मिल चलवाने की पहल
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
मजदूरों के बकाए वेतन के भुगतान की भी मांग की
बोले, मिल चलने से किसानों, श्रमिकों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने पडरौना की बंद पड़ी चीनी मिल को चलवाने के लिए पहल की है। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा है। सीएम से इस पर व्यक्तिगत रुचि लेने की अपील की है।
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सीएम को लिखे पत्र में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा है कि पडरौना की चीनी मिल बंद होने से क्षेत्रीय किसानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मिल में कार्यरत मजदूर कई वर्षों से वेतन और भत्तों से वंचित हैं। मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रुचि लेने का अनुरोध करते हुए चीनी मिल को चलवाने और मजदूरों को उनके बकाए वेतन का भुगतान दिलाने के लिए निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि ऐसा होने से न केवल किसानों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूरों को भी राहत मिलेगी।
मालूम हो कि वर्ष 2012-13 से मिल बंद पड़ी है। नियमित कर्मचारियों की तादाद सौ और सीजनल पांच सौ के आसपास है। इस मिल की पेराई क्षमता प्रतिदिन पचास हजार क्विंटल रही है। मिल परिक्षेत्र में पैंतीस हजार से अधिक किसान हैं। मिल बंद होने से इतने किसान और कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्य प्रभावित हैं।