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आग से झुलसकर दादा पोते की दर्दनाक मौत
Kushinagar
Updated Thu, 12 Dec 2013 05:42 AM IST
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छितौनी (कुशीनगर)। हनुमानगंज थाना क्षेत्र के बुलहवा गांव के बैराटोला में बुधवार की रात तकरीबन साढे़ आठ बजे लगी आग में दादा-पोते की बुधवार देर शाम झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के वक्त यह दोनों घर में सो रहे थे। घर के बाकी सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई। फूस के इनके रिहायशी घर में आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है।
बैरा टोला निवासी नौमी (50) का पुत्र चुम्मन गोरखपुर रहकर काम करते हैं। घटना के समय वह घर पर नहीं थे। उनके परिवार में नौमी के अलावा उनकी पतोहू मीरा और उसके तीनों बच्चे सुनीता, बबिता और सूरज ही घर पर थे। परिवार के सभी सदस्य बुधवार की रात भोजन करने के बाद सो गए। नौमी और सूरज एक पास सोए थे, जबकि सुनीता और बबिता अपनी मां मीरा के साथ सोई थीं।
रात के लगभग साढ़े आठ बजे घर में अचानक आग की लपटें उठती देख मीरा अपने पास सोए बच्चों को लेकर घर से भाग गई, जबकि नौमी और उनका पांच वर्षीय पोता सूरज आग में घिर गए। आग की लपटें देखकर अगल-बगल के लोग पहुंचे। लोगों ने किसी तरह आग पर काबू तो पा लिया लेकिन नौमी और सूरज को नहीं बचाया जा सका। सूचना पाकर हनुमानगंज के एसओ भीम यादव पुलिस के अन्य जवानों के साथ पहुंचे और शवाें को कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद बच्चों को लेकर गई मीरा घर वापस आ गई। उसने बताया कि आग कैसे लगी, उसे भी नहीं मालूम।
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बैरा टोला निवासी नौमी (50) का पुत्र चुम्मन गोरखपुर रहकर काम करते हैं। घटना के समय वह घर पर नहीं थे। उनके परिवार में नौमी के अलावा उनकी पतोहू मीरा और उसके तीनों बच्चे सुनीता, बबिता और सूरज ही घर पर थे। परिवार के सभी सदस्य बुधवार की रात भोजन करने के बाद सो गए। नौमी और सूरज एक पास सोए थे, जबकि सुनीता और बबिता अपनी मां मीरा के साथ सोई थीं।
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रात के लगभग साढ़े आठ बजे घर में अचानक आग की लपटें उठती देख मीरा अपने पास सोए बच्चों को लेकर घर से भाग गई, जबकि नौमी और उनका पांच वर्षीय पोता सूरज आग में घिर गए। आग की लपटें देखकर अगल-बगल के लोग पहुंचे। लोगों ने किसी तरह आग पर काबू तो पा लिया लेकिन नौमी और सूरज को नहीं बचाया जा सका। सूचना पाकर हनुमानगंज के एसओ भीम यादव पुलिस के अन्य जवानों के साथ पहुंचे और शवाें को कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद बच्चों को लेकर गई मीरा घर वापस आ गई। उसने बताया कि आग कैसे लगी, उसे भी नहीं मालूम।
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