फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   इंसेफेलाइटिस से चार और बच्चों की मौत

इंसेफेलाइटिस से चार और बच्चों की मौत

Tue, 19 Nov 2013 05:40 AM IST
Kushinagar
Kushinagar Updated Tue, 19 Nov 2013 05:40 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। इंसेफे लाइटिस से जिले के चार और बच्चों की मौत हो गई। रामकोला के गांव अडरौना में एक ही परिवार के दो बच्चों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई, जबकि उसी परिवार के तीसरा बच्चा भी इस बीमारी की चपेट में आ गया है। एक ही परिवार को दो बच्चों की मौत हो जाने से गांव के लोग दहशतजदा और गमजदा हैं। जिले के कई अन्य बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में हैं।
विज्ञापन

अडरौना गांव के वीरेंद्र की तीन वर्षीया पुत्री ज्योति तथा उनके भाई राजेंद्र के चार वर्षीय पुत्र कृष्णा को तेज बुखार के साथ शरीर में अकड़न शुरू हुई। परिवार के लोग इन दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने इन्हें इंसेफेलाइटिस से पीड़ित होना बताकर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। इलाज के दौरान दोनों की मौत मेडिकल कॉलेज में हो गई। अभी इस सदमे परिवार उबरा भी नहीं था कि इनके तीसरे भाई जितेंद्र का पुत्र छह वर्षीय किशन भी वैसी ही लक्षण वाली बीमारी की चपेट में आ गया। परिवारवाले इसका इलाज एक निजी चिकित्सक से करवा रहे हैं। इस गांव के बगल के गांव सौनहां निवासी शिवप्रसाद की पोती सात माह की अंगिता को भी तेज बुखार आने लगा। परिवार के लोग इसे जिला अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने इंसेफेलाइटिस से पीड़ित होना बताकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
विज्ञापन

जबकि जटहां बाजार निवासी विजय ठाकुर का पांच वर्षीय पुत्र धीरज रविवार की रात में इस बीमारी की गिरफ्त में आ गया। परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इलाज के दौरान सोमवार को भोर में लगभग साढ़े चार बजे उसने दम तोड़ दिया। जबकि दुदही प्रतिनिधि के मुताबिक दुदही क्षेत्र के बांसगांव टोला चटंगवा निवासी अमेरिका का सात वर्षीय पुत्र गोविंद पिछले एक महीने से इंसेफेलाइटिस की चपेट में था। 28 दिन से उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। लेकिन बचाव की तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार की देर रात उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बीमारी से पीड़ित सुमंत नाम के दस वर्षीय बालक को 16 नवंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करमहवा गांव के इस बालक की हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर ने उसे मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। इनके अलावा कसया क्षेत्र के कुरहवा की चार वर्षीया सोना खातून, सिसवा मनिराज के छह वर्षीय पुत्र रघुवीर और विशुनपुरा के 16 माह के अरमान का इलाज अभी भी जिला अस्पताल के एईएस वार्ड में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed