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टाइगर प्रोजेक्ट में एक और हिरन ट्रेन से कटा
Kushinagar
Updated Sun, 17 Nov 2013 05:41 AM IST
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खड्डा (कुशीनगर)। वाल्मीकिनगर व्याघ्र परियोजना के जंगल से गुजरने वाली रेल लाइन पर ट्रेन से कट जाने के कारण दो दिनों में दो हिरनों की मौत हो गई। वन विभाग का कहना है कि इस मामले में गार्ड और ड्राइवर पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे वाल्मीकिनगर वन्य जीव अभ्यारण्य के मदनपुर रेंज के जंगल से गोरखपुर-नरकटियागंज रेल लाइन गुजरती है। सात किलोमीटर की लंबाई में यह जंगल पनियहवा और वाल्मीकिनगर स्टेशन के बीच पड़ता है। बृहस्पतिवार की रात नरकटियागंज से गोरखपुर जा रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस की चपेट में आने से चीतल प्रजाति के एक हिरन की मौत हो गई। दूसरे दिन शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने से एक अन्य हिरन की भी मौत हो गई। इस संबंध में परियोजना के डीएफओ नंद किशोर का कहना है कि हिरनों की मौत के मामले में संबंधित ट्रेनों के चालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे वाल्मीकिनगर वन्य जीव अभ्यारण्य के मदनपुर रेंज के जंगल से गोरखपुर-नरकटियागंज रेल लाइन गुजरती है। सात किलोमीटर की लंबाई में यह जंगल पनियहवा और वाल्मीकिनगर स्टेशन के बीच पड़ता है। बृहस्पतिवार की रात नरकटियागंज से गोरखपुर जा रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस की चपेट में आने से चीतल प्रजाति के एक हिरन की मौत हो गई। दूसरे दिन शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने से एक अन्य हिरन की भी मौत हो गई। इस संबंध में परियोजना के डीएफओ नंद किशोर का कहना है कि हिरनों की मौत के मामले में संबंधित ट्रेनों के चालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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