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कारोबार पर भी पड़ रहा असर
Kushinagar
Updated Thu, 11 Apr 2013 05:30 AM IST
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कसया। कसया-रामकोला मार्ग पर स्थित अहिरौली बाजार में छह हजार लोग निवास करते हैं। आसपास के कई गांव लोग जरूरत के सामन इसी बाजार से खरीदते हैं। बाजार में 200 छोटे-बड़े दुकानदार हैं। जब सड़क की स्वीकृत मिली तभी से बाजार की 500 मीटर सड़क पर मिट्टी और कंक्रीट गिरा कर छोड़ दी गई है। मिट्टी और गिट्टी से उड़ रही धूल से दुकानदारों को परेशानी हो रही है।
दुकानदार राजेश जायसवाल के अनुसार धूल से मिठाई, नमकीन बर्बाद हो जाती है। दुकानदार सामान घर के अंदर रखते हैं। जिस सामान में एक बार धूल चली जाती है, उसे फेंक देना पड़ता है। जेपी जायसवाल, मनोज जायसवाल, अशोक, अजय, रणजीत, मुन्ना आदि मिठाई के दुकानदारों का भी ऐसा ही कहना है। किराना के दुकानदार कौशल कुमार जायसवाल का कहना है कि खुले में बिकने वाले सामान को सहेजकर रखना पड़ रहा है। शेषनाथ, राधेश्याम, श्रीराम, जितेंद्र आदि दुकानदारों ने खुले में सामान बेचना बंद कर दिया है। मेडिकल स्टोर चलाने वाले श्रवण गुप्ता का कहना है कि पूरा दिन दुकान झाड़ना पड़ता है। मुंह पर गमछा बांध कर बैठना पड़ता है। कपड़ा के दुकानदार कपड़े से धूल झाड़ते-झाड़ते परेशान हैं। कपड़ा व्यापारी बैरिस्टर मद्धेशिया का कहना है कि कपड़े घर के अंदर रखने पड़ रहे हैं। लालू मद्धेशिया, मजहर अली, राजेश समेत कई दुकानदारों का कहना है कि दिन में कई बार कपड़ों से धूल झाड़नी पड़ती है। फलों के जूस बेचने वाले छट्ठू मद्धेशिया, गुलाब, केशव, नरेश आदि का कहना है कि धूल से फल खराब हो जा रहे हैं। सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर विजय कुमार मिश्रा का कहना है कि धूल से उनके जैसे कई लोग बीमार पड़ जाते हैं। वह दो साल से गोरखपुर में सांस की बीमारी का इलाज करा रहे हैं। उधर, दुकानदारों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने सड़क पर गिट्टी गिरा सड़क बनने का संदेश दिया है किंतु जब तक निर्माण पूरा नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रखने की जरूरत है।
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दुकानदार राजेश जायसवाल के अनुसार धूल से मिठाई, नमकीन बर्बाद हो जाती है। दुकानदार सामान घर के अंदर रखते हैं। जिस सामान में एक बार धूल चली जाती है, उसे फेंक देना पड़ता है। जेपी जायसवाल, मनोज जायसवाल, अशोक, अजय, रणजीत, मुन्ना आदि मिठाई के दुकानदारों का भी ऐसा ही कहना है। किराना के दुकानदार कौशल कुमार जायसवाल का कहना है कि खुले में बिकने वाले सामान को सहेजकर रखना पड़ रहा है। शेषनाथ, राधेश्याम, श्रीराम, जितेंद्र आदि दुकानदारों ने खुले में सामान बेचना बंद कर दिया है। मेडिकल स्टोर चलाने वाले श्रवण गुप्ता का कहना है कि पूरा दिन दुकान झाड़ना पड़ता है। मुंह पर गमछा बांध कर बैठना पड़ता है। कपड़ा के दुकानदार कपड़े से धूल झाड़ते-झाड़ते परेशान हैं। कपड़ा व्यापारी बैरिस्टर मद्धेशिया का कहना है कि कपड़े घर के अंदर रखने पड़ रहे हैं। लालू मद्धेशिया, मजहर अली, राजेश समेत कई दुकानदारों का कहना है कि दिन में कई बार कपड़ों से धूल झाड़नी पड़ती है। फलों के जूस बेचने वाले छट्ठू मद्धेशिया, गुलाब, केशव, नरेश आदि का कहना है कि धूल से फल खराब हो जा रहे हैं। सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर विजय कुमार मिश्रा का कहना है कि धूल से उनके जैसे कई लोग बीमार पड़ जाते हैं। वह दो साल से गोरखपुर में सांस की बीमारी का इलाज करा रहे हैं। उधर, दुकानदारों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने सड़क पर गिट्टी गिरा सड़क बनने का संदेश दिया है किंतु जब तक निर्माण पूरा नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रखने की जरूरत है।
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