वसूली लाखों की, सुविधाएं कुछ नहीं

Kushinagar Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
तमकुहीरोड। तमकुहीरोड में चार वर्ष पूर्व से ही कृषि उप मंडी स्थल का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक निर्माण की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। इससे सब्जी व्यापारियों व किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सब्जी व्यवसायियों का कहना है कि तमकुहीरोड सब्जी मंडी से लाखों की वसूली होती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी मयस्सर नहीं हो सका।
सब्जी मंडी निर्माण न होने से नाराज व्यवसायियों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का मूड बना लिया है। गत दिन इस मामले को लेकर व्यापारियों ने बैठक भी की थी। उसमें वक्ताओं ने कहा कि तमकुहीरोड में कृषि मंडी समिति की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी। 36 साल तक तमकुहीरोड कृषि मंडी समिति मुख्यालय के रूप में कार्य करता रहा। 2008 में तत्कालीन सरकार ने कृषि मंडी समिति का मुख्यालय तमकुहीरोड से पडरौना कर दिया। उस समय क्षेत्र के सब्जी व्यवसायियों व किसानों को आश्वस्त किया गया था कि तमकुहीरोड में कृषि उप मंडी स्थल का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन सरकारी घोषणा के चार साल बीत जाने के बाद भी कृषि उप मंडी स्थल का निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसके कारण सब्जी व्यवसायियों व किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में सब्जी व्यवसायियों ने मंडी न बनने को लेकर चिंता जताई और शासन-प्रशासन से शीघ्र निर्माण शुरू कराने की मांग की। थोक सब्जी व्यवसायी व पूर्व विधायक कासिम अली का कहना रहा कि प्रस्तावित कृषि उप मंडी स्थल का निर्माण न होने से कारोबार पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सब्जी व्यवसायी दुर्गेश कुमार मद्धेशिया ने कहा कि प्रति वर्ष लाखों का राजस्व वसूला जाता है, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता। सब्जी व्यवसायी ओमप्रकाश, रामायन, टुनटुन, महादेव, सुभाष, साहेब अली आदि ने शासन से तमकुहीरोड में शीघ्र कृषि उप मंडी स्थल का निर्माण कराने की मांग की है।

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