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राह में मिला पर्स और मोबाइल मजदूर ने लौटाया
Mon, 01 Apr 2019 11:39 PM IST
राकेश पांडेय
kushinagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 01 Apr 2019 11:39 PM IST
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देवानंद को पर्स व मोबाइल लौटाते जीतन।
- फोटो : अमर उजाला
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बेलवा कारखाना। रविवार शाम खेत में मजदूरी करने के बाद घर जा रहे पटहेरवा थाना क्षेत्र के ग्राम विशुनपुरा टोला मुंडेरा मुगलही निवासी जीतन प्रसाद को रास्ते में गिरा एक पर्स और मोबाइल मिला। पर्स में 11,430 रुपये थे और मोबाइल 16180 रुपये कीमत का था। सही व्यक्ति द्वारा उचित प्रमाण देने पर उसे जीतन ने लौटा दिया।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के ग्राम विशुनपुरा टोला मुंडेरा मुगलही निवासी जीतन प्रसाद खेत में मजदूरी कर अपना और परिवार का जीवन यापन करते हैं। रविवार शाम जब खेत में मजदूरी कर घर वापस लौट रहे थे, तभी उनकी नजर रास्ते मे पड़े मल्टीमीडिया मोबाइल और पर्स पर पड़ी। उन्होंने जब पर्स खोलकर देखा तो उसमें 11430 रुपये थे। मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण पैसा और मोबाइल किसका है, पता नहीं चल पाया। उन्होंने मोबाइल ऑन किया तो कुछ देर बात फोन आया और बताया कि यह फोन विशुनपुरा निवासी मेरे चाचा देवानंद उपाध्याय का है। वह पेशे से एक मैकेनिक हैं और अपने खेत में कंबाइन मशीन से गेहूं कटवाने गए थे। वहां उनका मोबाइल और पर्स गलती से रास्ते में गिर गया, जिसमें जरूरी कागजात के साथ कुछ रुपये थे। जीतन प्रसाद ने कहा आपका पर्स मिला है। मोबाइल की रसीद दिखाकर अपना पर्स व मोबाइल ले जाइए। देवानंद पर्स और मोबाइल पाकर खुश होते हुए कुछ प्रोत्साहन राशि के रूप में जीतन को देने की कोशिश की, लेकिन जीतन प्रसाद ने लेने से मना कर दिया। यह बात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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पटहेरवा थाना क्षेत्र के ग्राम विशुनपुरा टोला मुंडेरा मुगलही निवासी जीतन प्रसाद खेत में मजदूरी कर अपना और परिवार का जीवन यापन करते हैं। रविवार शाम जब खेत में मजदूरी कर घर वापस लौट रहे थे, तभी उनकी नजर रास्ते मे पड़े मल्टीमीडिया मोबाइल और पर्स पर पड़ी। उन्होंने जब पर्स खोलकर देखा तो उसमें 11430 रुपये थे। मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण पैसा और मोबाइल किसका है, पता नहीं चल पाया। उन्होंने मोबाइल ऑन किया तो कुछ देर बात फोन आया और बताया कि यह फोन विशुनपुरा निवासी मेरे चाचा देवानंद उपाध्याय का है। वह पेशे से एक मैकेनिक हैं और अपने खेत में कंबाइन मशीन से गेहूं कटवाने गए थे। वहां उनका मोबाइल और पर्स गलती से रास्ते में गिर गया, जिसमें जरूरी कागजात के साथ कुछ रुपये थे। जीतन प्रसाद ने कहा आपका पर्स मिला है। मोबाइल की रसीद दिखाकर अपना पर्स व मोबाइल ले जाइए। देवानंद पर्स और मोबाइल पाकर खुश होते हुए कुछ प्रोत्साहन राशि के रूप में जीतन को देने की कोशिश की, लेकिन जीतन प्रसाद ने लेने से मना कर दिया। यह बात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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