चिकित्सकों ने काली पट्टी बांध कर किया काम
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सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि एसोसिएशन की तरफ से कई बार पहल की गई लेकिन, शासन-प्रशासन की हठधर्मिता की वजह से चिकित्सकों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए जिले के सीएचसी और पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों ने विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम किया। उन्होंने ग्रामीण भत्ता मूल वेतन का 25 प्रतिशत करने, पोस्टमार्टम भत्ता प्रति केस सौ रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये करने, दंत चिकित्सा संवर्ग के चिकित्सक को भी विशिष्ट एसीपी का लाभ देने, कार्य के घंटे निर्धारित करने, सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने आदि मांगें दोहराईं।
इस दौरान डॉ. राजेेश कुमार, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. सतीश रंजन, डॉ. सतीश सिंह, डॉ. पीएन सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. एलएस सिंह, डॉ. वीएस सिंह आदि ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया।
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार, डॉक्टरों का कहना था कि कई बार मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन भी किया जा चुका है, लेकिन शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है। यही वजह है कि आज फिर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस दौरान डॉ. अजय सिंह, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. प्रशांत मिश्रा, डॉ. एलबी यादव, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. निधि, डॉ. विजयलक्ष्मी घोष आदि शामिल रहे।