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जिले का पहला ब्लॉक कसया जल्द होगा ओडीएफ
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:31 PM IST
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बजीरपुर कोटला: शौचालय अधूरे, फिर भी ओडीएफ
- फोटो : Amar Ujala
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पडरौना। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाए जाने और गांवों को ओडीएफ करने की दिशा में शासन-प्रशासन का पूरा जोर है। आलम यह है कि कुशीनगर जिले में अभी तक 702 गांव ही ओडीएफ घोषित हो पाए हैं। वैसे एक सप्ताह के भीतर सबसे पहले कसया ब्लॉक को ओडीएफ घोषित किया जाएगा।
कुशीनगर जिले में कुल 14 ब्लॉक हैं और कुल 605369 परिवार हैं। जिसमें से 5,51761 परिवारों के घरों में शौचालय बन चुका है। जबकि 53608 परिवारों के घर अभी शौचालय बनवाए जाने शेष हैं। जिले में कुल 1540 राजस्व गांव हैं। जिसमें से अभी तक 702 गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। डीपीआरओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक दुदही ब्लॉक में 91 गांव हैं और अब तक 38 गांव ओडीएफ हो गए हैं, जबकि फाजिलनगर में 126 गांव के सापेक्ष 62 गांव, कप्तानगंज में 95 के सापेक्ष 47 गांव, खड्डा में 142 के सापेक्ष 86, मोतीचक में 63 के सापेक्ष 17 गांव, नेबुआ नौरंगिया 115 के सापेक्ष 53 गांव, पडरौना में 181 के सापेक्ष 62 गांव, रामकोला में 69 के सापेक्ष 29 गांव, सेवरही में 137 के सापेक्ष 48 गांव, सुकरौली में 101 के सापेक्ष 51, तमकुहीराज में 162 के सापेक्ष 88 गांव और विशुनपुरा में 144 के सापेक्ष 53 गांव ही ओडीएफ घोषित हो पाए हैं।
जबकि कसया में 21 गांव के सापेक्ष 19 और हाटा में 73 के सापेक्ष 48 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। जिला स्वच्छता समन्यवक शशि भूषण सिंह ने बताया कि दो अक्टूबर 2018 तक जिले को हर हाल में ओडीएफ घोषित किया जाना है। इसके लिए डीएम की ओर से सभी बीडीओ और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वैसे अभी तक 702 गांव ही ओडीएफ घोषित हुए हैं। 32 दिन शेष हैं और अभी 53608 परिवारों में शौचालय बनवाया जाना शेष है। वैसे प्रतिदिन करीब 2000 शौचालयों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में समय सीमा के अंदर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। जिले का पहला ब्लॉक कसया एक सप्ताह के भीतर ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। यहां के मुसहर बाहुल्य धुरिया गांव में 750 परिवार है और करीब 550 परिवारों में शौचालय ही बन पाया है। इसी वजह से ओडीएफ नहीं हो पाया था। दूसरा ओडीएफ ब्लॉक हाटा घोषित होगा। डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि निर्धारित समय में जिले को ओडीएफ होना है। इसके लिए जरुरी कदम उठाए जा रहे है। कार्य में किसी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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कुशीनगर जिले में कुल 14 ब्लॉक हैं और कुल 605369 परिवार हैं। जिसमें से 5,51761 परिवारों के घरों में शौचालय बन चुका है। जबकि 53608 परिवारों के घर अभी शौचालय बनवाए जाने शेष हैं। जिले में कुल 1540 राजस्व गांव हैं। जिसमें से अभी तक 702 गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। डीपीआरओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक दुदही ब्लॉक में 91 गांव हैं और अब तक 38 गांव ओडीएफ हो गए हैं, जबकि फाजिलनगर में 126 गांव के सापेक्ष 62 गांव, कप्तानगंज में 95 के सापेक्ष 47 गांव, खड्डा में 142 के सापेक्ष 86, मोतीचक में 63 के सापेक्ष 17 गांव, नेबुआ नौरंगिया 115 के सापेक्ष 53 गांव, पडरौना में 181 के सापेक्ष 62 गांव, रामकोला में 69 के सापेक्ष 29 गांव, सेवरही में 137 के सापेक्ष 48 गांव, सुकरौली में 101 के सापेक्ष 51, तमकुहीराज में 162 के सापेक्ष 88 गांव और विशुनपुरा में 144 के सापेक्ष 53 गांव ही ओडीएफ घोषित हो पाए हैं।
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जबकि कसया में 21 गांव के सापेक्ष 19 और हाटा में 73 के सापेक्ष 48 गांव ओडीएफ हो चुके हैं। जिला स्वच्छता समन्यवक शशि भूषण सिंह ने बताया कि दो अक्टूबर 2018 तक जिले को हर हाल में ओडीएफ घोषित किया जाना है। इसके लिए डीएम की ओर से सभी बीडीओ और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वैसे अभी तक 702 गांव ही ओडीएफ घोषित हुए हैं। 32 दिन शेष हैं और अभी 53608 परिवारों में शौचालय बनवाया जाना शेष है। वैसे प्रतिदिन करीब 2000 शौचालयों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में समय सीमा के अंदर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। जिले का पहला ब्लॉक कसया एक सप्ताह के भीतर ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। यहां के मुसहर बाहुल्य धुरिया गांव में 750 परिवार है और करीब 550 परिवारों में शौचालय ही बन पाया है। इसी वजह से ओडीएफ नहीं हो पाया था। दूसरा ओडीएफ ब्लॉक हाटा घोषित होगा। डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि निर्धारित समय में जिले को ओडीएफ होना है। इसके लिए जरुरी कदम उठाए जा रहे है। कार्य में किसी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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