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Kushinagar News: घर बैठे मुंबई के बैंक में 8.49 लाख के हो गए कर्जदार
Sat, 27 Jun 2026 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 27 Jun 2026 02:01 AM IST
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कसया। मैनपुर टोला खदही गांव निवासी किसान के नाम पर मुंबई स्थित सेंट्रल बैंक से करीब 8.49 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि किसान का दावा है कि वह कभी मुंबई गया ही नहीं। मोबाइल पर लोन की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस और साइबर सेल से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मैनपुर टोला खदही निवासी श्याम बिहारी कुशवाहा पुत्र सत्यनारायण कुशवाहा सब्जी की खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका पुत्र बाहर रहकर पढ़ाई करता है। पहले वह किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से फोनपे या गूगल पे के माध्यम से बेटे को रुपये भेजते थे। कुछ दिन पहले बेटे ने घर आकर उनके मोबाइल में फोनपे एप डाउनलोड कर उसे चलाना सिखाया।
एप चालू करने के दौरान श्याम बिहारी के नाम पर 8,49,901 रुपये का ऋण दिखा। बेटे ने जब पिता से मुंबई से लोन लेने की बात पूछी तो उन्होंने साफ कहा कि वह अपने जीवन में कभी मुंबई नहीं गए। पीड़ित का कहना है कि सपहा स्थित सेंट्रल बैंक शाखा से पता चला कि उनके नाम पर ऋण है और ईएमआई के बजाय नियमित ब्याज जमा किया जा रहा है। इससे उन्हें साइबर धोखाधड़ी की आशंका है।
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श्याम बिहारी कुशवाहा ने कसया थानाध्यक्ष और साइबर सेल को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने, फर्जी ऋण स्वीकृत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके नाम से दर्ज ऋण को निरस्त कराने की मांग की है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों में भी चिंता व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि बिना जानकारी और दस्तावेजों के किसी के नाम पर ऋण स्वीकृत हो सकता है, तो यह बैंकिंग व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एसएचओ आशुतोष सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच की जा रही है।
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मैनपुर टोला खदही निवासी श्याम बिहारी कुशवाहा पुत्र सत्यनारायण कुशवाहा सब्जी की खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका पुत्र बाहर रहकर पढ़ाई करता है। पहले वह किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से फोनपे या गूगल पे के माध्यम से बेटे को रुपये भेजते थे। कुछ दिन पहले बेटे ने घर आकर उनके मोबाइल में फोनपे एप डाउनलोड कर उसे चलाना सिखाया।
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एप चालू करने के दौरान श्याम बिहारी के नाम पर 8,49,901 रुपये का ऋण दिखा। बेटे ने जब पिता से मुंबई से लोन लेने की बात पूछी तो उन्होंने साफ कहा कि वह अपने जीवन में कभी मुंबई नहीं गए। पीड़ित का कहना है कि सपहा स्थित सेंट्रल बैंक शाखा से पता चला कि उनके नाम पर ऋण है और ईएमआई के बजाय नियमित ब्याज जमा किया जा रहा है। इससे उन्हें साइबर धोखाधड़ी की आशंका है।
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श्याम बिहारी कुशवाहा ने कसया थानाध्यक्ष और साइबर सेल को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने, फर्जी ऋण स्वीकृत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके नाम से दर्ज ऋण को निरस्त कराने की मांग की है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों में भी चिंता व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि बिना जानकारी और दस्तावेजों के किसी के नाम पर ऋण स्वीकृत हो सकता है, तो यह बैंकिंग व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एसएचओ आशुतोष सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच की जा रही है।