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आलू का उत्पादन बढ़ा तो भंडारण क्षमता घटी
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:24 AM IST
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पडरौना (कुशीनगर)। आलू को लेकर पिछले दिनों विपक्ष ने हंगामा किया तो सरकार ने इसको सुरक्षित रखने और समुचित दाम दिलाने को आश्वस्त किया लेकिन जिले में आलू की अच्छी उपज की संभावना ने ही किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इसका कारण है पैदावार के उम्मीद की अपेक्षा कोल्ड स्टोरेज की क्षमता का कम होना। जिले में केवल 2200 मीट्रिक टन आलू भंडारण की है, जबकि इस वर्ष उत्पादन का अनुमान 29000 मिट्रिक टन लगाया जा रहा है।
जिले के पडरौना, फाजिलनगर, कसया, कप्तानगंज और तमकुही क्षेत्र को आलू उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। यहां इस वर्ष करीब 1400 हेक्टयर क्षेत्रफल में आलू की खेती की गई है। मौसम ठीक रहने से किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद है। उद्यान विभाग के अनुमान के मुताबिक इस बार लगभग 29 हजार मीट्रिक टन आलू की पैदावार होने की उम्मीद है। परंतु अच्छी उपज ही किसानों की चिंता का सबब है।
वजह यह कि केवल 2200 मीट्रिक टन क्षमता वाला कसया का एक कोल्ड स्टोरेज ही चालू है। राजकीय क्षेत्र के दो तथा दो निजी कोल्ड स्टोरेज कई वर्ष से बंद पड़े हैं। इसके लिए पडरौना के औद्योगिक परिसर में एक कोल्ड स्टोरेज करीब एक दशक से निर्माणधीन अवस्था में ही है।
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क्या कहते हैं जिला उद्यान अधिकारी
जिला उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार यादव का कहना है कि अलग-अलग कारणों से कोल्ड स्टोरेज बंद हैं। खड्डा तहसील क्षेत्र में पांच हजार मीट्रिक टन की क्षमता वाले एक कोल्ड स्टोरेज निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिले में आलू की खपत अधिक होने के चलते किसान सीधे बाजार में बेंचकर भी मुुनाफा कमा लेते हैं।
जिले के पडरौना, फाजिलनगर, कसया, कप्तानगंज और तमकुही क्षेत्र को आलू उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। यहां इस वर्ष करीब 1400 हेक्टयर क्षेत्रफल में आलू की खेती की गई है। मौसम ठीक रहने से किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद है। उद्यान विभाग के अनुमान के मुताबिक इस बार लगभग 29 हजार मीट्रिक टन आलू की पैदावार होने की उम्मीद है। परंतु अच्छी उपज ही किसानों की चिंता का सबब है।
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वजह यह कि केवल 2200 मीट्रिक टन क्षमता वाला कसया का एक कोल्ड स्टोरेज ही चालू है। राजकीय क्षेत्र के दो तथा दो निजी कोल्ड स्टोरेज कई वर्ष से बंद पड़े हैं। इसके लिए पडरौना के औद्योगिक परिसर में एक कोल्ड स्टोरेज करीब एक दशक से निर्माणधीन अवस्था में ही है।
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क्या कहते हैं जिला उद्यान अधिकारी
जिला उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार यादव का कहना है कि अलग-अलग कारणों से कोल्ड स्टोरेज बंद हैं। खड्डा तहसील क्षेत्र में पांच हजार मीट्रिक टन की क्षमता वाले एक कोल्ड स्टोरेज निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिले में आलू की खपत अधिक होने के चलते किसान सीधे बाजार में बेंचकर भी मुुनाफा कमा लेते हैं।