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Kushinagar News: जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों के 63 मरीज भर्ती
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जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती मरीज और उनके पास भीड़ लगाए तीमारदार।
- फोटो : KUSHINAGAR
जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों के 63 मरीज भर्ती
सर्दी, बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त और सांस लेने में हो रही दिक्कत, बच्चे भी हैं ग्रसित
एक तरफ कोरोना संक्रमण को लेकर अलर्ट, दूसरी ओर मरीजों की संख्या बढ़ी
पडरौना। चीन में कोरोना महामारी के फिर से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सूबे में अलर्ट घोषित कर रखा है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोविड गाइडलाइन का पालन कराने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसी बीच पड़ रही कड़ाके की ठंड से अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में जिला अस्पताल की ओपीडी से लगायत वार्ड तक संक्रमण से बचाव के बीच मरीजों का इलाज कराना कठिन होने लगा है। शनिवार को जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में मौसमी बीमारी के 51 वयस्क मरीज भर्ती थे, जबकि चाइल्ड वार्ड में 12 बच्चों का इलाज चल रहा था।
चीन में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट से लोगों के तेजी से संक्रमित होने के बाद केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बचाव पर पूरा जोर दिया जा रहा है। यह महामारी फिर से न फैले, इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिन लोगों में कोरोना के लक्षण मिले, उनकी जांच कराने और संक्रमित मिलने पर क्वारंटीन करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसी बीच कड़ाके की ठंड भी पड़ने लगी है। शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह बूंदाबांदी भी हुई। सर्द हवा चली, जिससे ठंड और अधिक बढ़ गई। ठंड बढ़ने से बच्चों से लगायत वयस्क तक में बुखार, सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त, सांस लेने में तकलीफ सहित, चलने फिरने में परेशानी सहित अन्य दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती प्रौढ़ और बच्चों की संख्या अधिक रही।
जनरल वार्ड में सांस की तकलीफ से पीड़ित भृगुराशन (65) निवासी नरचोचवा, इंद्रदेव (62) निवासी गांगीटीकर, गउदी देवी (65) निवासी शाहपुर नौका टोला, नवासी देवी (65) निवासी सिसवा मठिया, उल्टी-दस्त से पीड़ित लक्ष्मी देवी (29) निवासी गुदरी बाजार, दस्त से पीड़ित जीउती देवी (85) निवासी बनकटा सहित 51 मरीजों को भर्ती कराया गया था, जहां इनका इलाज चल रहा था। चाइल्ड वार्ड में भी खांसी और उल्टी से पीड़ित कार्तिक (डेढ़ वर्ष) पुत्र दिनेश यादव निवासी सुगही, उल्टी से पीड़ित अनुराधा (12) पुत्री मंकेश्वर निवासी जंगल जगदीशपुर, पेट दर्द से पीड़ित अंगीता (07) पुत्री रतन निवासी रामपुर, दस्त से पीड़ित अंतिमा (पांच माह) पुत्री बृजभाष्कर निवासी बेतिया, बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द से पीड़ित अफरीना (08) पुत्री शहाबुद्दीन निवासी मनिकौरा, बुखार, खांसी-जुकाम से पीड़ित अनुशिका (02) पुत्री दीपक निवासी बेलवा जंगल और बुखार और सिर दर्द से पीड़ित कृतिका (पांच माह) पुत्री दीपक निवासी बेलवा जंगल सहित 12 बच्चों का इलाज चल रहा था।
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मरीज के पास ही लोगों की है भीड़
कोरोना संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ने लगा है। सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया है, लेकिन जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के पास ही चार-पांच की संख्या में तीमारदार भी बैठे रहते हैं। मास्क का प्रयोग भी नहीं होता है। मौजूदा समय में यह स्थिति संक्रमण बढ़ने का कारण बन सकती है।
ओपीडी में भी धक्का-मुक्की, सतर्कता पर नहीं है ध्यान
जिला अस्पताल की ओपीडी में भी डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए धक्का-मुक्की होती रहती है। अस्पताल परिसर में बैठने की जगह होने के बावजूद लोग डॉक्टर तक जल्दी पहुंचने की होड़ में धक्का-मुक्की करते रहते हैं। यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। न कोई मास्क लगाता है और न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करता है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही भी संक्रमण बढ़ने का कारण बन सकती है।
डॉक्टर का सुझाव
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश यादव बताते हैं कि इन दिनों ठंड बढ़ गई है। इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। पानी में भीगने न दें। बाहर ठंड पड़ने पर घर से बाहर न निकलने दें। क्योंकि उन्हें ठंड लग सकती है। इससे उल्टी-दस्त, बुखार, सर्दी-खांसी और बीमारी अधिक बढ़ने पर निमोनिया हो सकता है। यदि कोई बच्चा इसकी चपेट में आ जाए तो योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
फिर से सतर्कता बरतने का समय आ गया है। सरकार ने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया है। मरीजों और उनके तीमारदारों को भी चाहिए कि जिला अस्पताल आते समय पूरी सावधानी बरतें। मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अस्पताल के स्टॉफ को भी कोविड गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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सर्दी, बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त और सांस लेने में हो रही दिक्कत, बच्चे भी हैं ग्रसित
एक तरफ कोरोना संक्रमण को लेकर अलर्ट, दूसरी ओर मरीजों की संख्या बढ़ी
पडरौना। चीन में कोरोना महामारी के फिर से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सूबे में अलर्ट घोषित कर रखा है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोविड गाइडलाइन का पालन कराने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसी बीच पड़ रही कड़ाके की ठंड से अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में जिला अस्पताल की ओपीडी से लगायत वार्ड तक संक्रमण से बचाव के बीच मरीजों का इलाज कराना कठिन होने लगा है। शनिवार को जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में मौसमी बीमारी के 51 वयस्क मरीज भर्ती थे, जबकि चाइल्ड वार्ड में 12 बच्चों का इलाज चल रहा था।
चीन में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट से लोगों के तेजी से संक्रमित होने के बाद केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बचाव पर पूरा जोर दिया जा रहा है। यह महामारी फिर से न फैले, इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिन लोगों में कोरोना के लक्षण मिले, उनकी जांच कराने और संक्रमित मिलने पर क्वारंटीन करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसी बीच कड़ाके की ठंड भी पड़ने लगी है। शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह बूंदाबांदी भी हुई। सर्द हवा चली, जिससे ठंड और अधिक बढ़ गई। ठंड बढ़ने से बच्चों से लगायत वयस्क तक में बुखार, सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त, सांस लेने में तकलीफ सहित, चलने फिरने में परेशानी सहित अन्य दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती प्रौढ़ और बच्चों की संख्या अधिक रही।
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जनरल वार्ड में सांस की तकलीफ से पीड़ित भृगुराशन (65) निवासी नरचोचवा, इंद्रदेव (62) निवासी गांगीटीकर, गउदी देवी (65) निवासी शाहपुर नौका टोला, नवासी देवी (65) निवासी सिसवा मठिया, उल्टी-दस्त से पीड़ित लक्ष्मी देवी (29) निवासी गुदरी बाजार, दस्त से पीड़ित जीउती देवी (85) निवासी बनकटा सहित 51 मरीजों को भर्ती कराया गया था, जहां इनका इलाज चल रहा था। चाइल्ड वार्ड में भी खांसी और उल्टी से पीड़ित कार्तिक (डेढ़ वर्ष) पुत्र दिनेश यादव निवासी सुगही, उल्टी से पीड़ित अनुराधा (12) पुत्री मंकेश्वर निवासी जंगल जगदीशपुर, पेट दर्द से पीड़ित अंगीता (07) पुत्री रतन निवासी रामपुर, दस्त से पीड़ित अंतिमा (पांच माह) पुत्री बृजभाष्कर निवासी बेतिया, बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द से पीड़ित अफरीना (08) पुत्री शहाबुद्दीन निवासी मनिकौरा, बुखार, खांसी-जुकाम से पीड़ित अनुशिका (02) पुत्री दीपक निवासी बेलवा जंगल और बुखार और सिर दर्द से पीड़ित कृतिका (पांच माह) पुत्री दीपक निवासी बेलवा जंगल सहित 12 बच्चों का इलाज चल रहा था।
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मरीज के पास ही लोगों की है भीड़
कोरोना संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ने लगा है। सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया है, लेकिन जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों के पास ही चार-पांच की संख्या में तीमारदार भी बैठे रहते हैं। मास्क का प्रयोग भी नहीं होता है। मौजूदा समय में यह स्थिति संक्रमण बढ़ने का कारण बन सकती है।
ओपीडी में भी धक्का-मुक्की, सतर्कता पर नहीं है ध्यान
जिला अस्पताल की ओपीडी में भी डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए धक्का-मुक्की होती रहती है। अस्पताल परिसर में बैठने की जगह होने के बावजूद लोग डॉक्टर तक जल्दी पहुंचने की होड़ में धक्का-मुक्की करते रहते हैं। यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। न कोई मास्क लगाता है और न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करता है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही भी संक्रमण बढ़ने का कारण बन सकती है।
डॉक्टर का सुझाव
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश यादव बताते हैं कि इन दिनों ठंड बढ़ गई है। इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। पानी में भीगने न दें। बाहर ठंड पड़ने पर घर से बाहर न निकलने दें। क्योंकि उन्हें ठंड लग सकती है। इससे उल्टी-दस्त, बुखार, सर्दी-खांसी और बीमारी अधिक बढ़ने पर निमोनिया हो सकता है। यदि कोई बच्चा इसकी चपेट में आ जाए तो योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
फिर से सतर्कता बरतने का समय आ गया है। सरकार ने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया है। मरीजों और उनके तीमारदारों को भी चाहिए कि जिला अस्पताल आते समय पूरी सावधानी बरतें। मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अस्पताल के स्टॉफ को भी कोविड गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल