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गांव के लोग बने शाकाहारी...
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सालिकपुर गांव में कई लोग चिकनपॉक्स की चपेट में
खड्डा। गंडक नदी पार सालिकपुर गांव में एक माह से चिकन पॉक्स का प्रकोप फैला हुआ है। गांववाले इसे माता का प्रकोप मान दहशत में शाकाहारी बन गए हैं। महिलाएं देवी को मनाने के लिए समूह में छांक दे रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कोई नुमाइंदा गांव में नहीं पहुंचा है।
खड्डा क्षेत्र के ग्राम सभा सालिकपुर में लगभग एक माह पहले सर्वप्रथम दिग्विजय शर्मा के 12 वर्षीय बेटे रवि को चिकन पॉक्स हुआ। उसके बाद उसकी पत्नी सरिता भी इसकी चपेट में आ गई। धीरे-धीरे पूरे गांव में यह बीमारी फैलने लगी। इस गांव की लक्ष्मी, प्रियंका, मुरारी, विशाल, अंकित, लक्कड़, नंदिनी आदि को भी इस बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया।
इस गांव के सुदामा भगत, सरिता आदि ने बताया कि इस बीमारी के चलते गांव के लोग भयभीत हैं। माता के प्रकोप से मुक्ति के लिए (मलहोरी ) पूजा कर रहे हैं। मांस मछली छोड़ शाकाहारी भोजन कर रहे हैं। सामूहिक रूप से देवी को छाक (अर्घ्य) दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से कोई नहीं आया है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी उमाशंकर नायक का कहना है कि प्रभावित गांव में टीम भेजी जा रही है।
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खड्डा। गंडक नदी पार सालिकपुर गांव में एक माह से चिकन पॉक्स का प्रकोप फैला हुआ है। गांववाले इसे माता का प्रकोप मान दहशत में शाकाहारी बन गए हैं। महिलाएं देवी को मनाने के लिए समूह में छांक दे रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कोई नुमाइंदा गांव में नहीं पहुंचा है।
खड्डा क्षेत्र के ग्राम सभा सालिकपुर में लगभग एक माह पहले सर्वप्रथम दिग्विजय शर्मा के 12 वर्षीय बेटे रवि को चिकन पॉक्स हुआ। उसके बाद उसकी पत्नी सरिता भी इसकी चपेट में आ गई। धीरे-धीरे पूरे गांव में यह बीमारी फैलने लगी। इस गांव की लक्ष्मी, प्रियंका, मुरारी, विशाल, अंकित, लक्कड़, नंदिनी आदि को भी इस बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया।
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इस गांव के सुदामा भगत, सरिता आदि ने बताया कि इस बीमारी के चलते गांव के लोग भयभीत हैं। माता के प्रकोप से मुक्ति के लिए (मलहोरी ) पूजा कर रहे हैं। मांस मछली छोड़ शाकाहारी भोजन कर रहे हैं। सामूहिक रूप से देवी को छाक (अर्घ्य) दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से कोई नहीं आया है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी उमाशंकर नायक का कहना है कि प्रभावित गांव में टीम भेजी जा रही है।
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