फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   हाईवे किनारे कूडे़ का ढेर, प्रशासन बेपरवाह

हाईवे किनारे कूडे़ का ढेर, प्रशासन बेपरवाह

Thu, 23 Aug 2018 11:37 PM IST
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
हाईवे किनारे कूडे़ का ढेर, प्रशासन बेपरवाह

विज्ञापन
हाईवे किनारे कूडे़ का ढेर, प्रशासन बेपरवाह
बरसात और तेज धूप के बाद निकल रही दुर्गंध से राहगीर परेशान
बौद्ध तीर्थ स्थल कुशीनगर होने के बाद भी सफाई की तरफ ध्यान नहीं

अमर उजाला ब्यूरो
कसया। कूड़े के निस्तारण के लिए न तो तहसील प्रशासन गंभीर दिख रहा है और न ही नगरपालिका। कुशीनगर में कस्बे से निकलने वाले कचरे को राष्ट्रीय राजमार्ग-28 स्थित वन विभाग के पौधशाला के निकट गिराया जा रहा है। इससे प्रदूषण और गंदगी फैल रही है। बरसात और तेज धूप के बाद कचरे से निकलने वाले दुर्गंध के चलते आसपास रहने वाले व इधर से आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बौद्ध तीर्थ स्थल होने के बावजूद कसया कस्बे में कूड़े के निस्तारण का कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया है। आलम यह है कि कुशीनगर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के बगल में खाली पड़ी भूमि पर ही पूरे कस्बे का कूड़ा-कचरा गिराया जाता है। इस वजह से लोगों का इस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है। वहीं एनएच से सटे मोहल्लों के लोगों का अपने घरों में रहना मुश्किल हो गया है। तेज हवा चलने पर कूड़े-कचरे की बारिश के बाद सड़न से उठ रही दुर्गंध से लोग परेशान हैं। डंपिंग स्थल का निर्धारण न होने की वजह से नगरपालिका प्रशासन कई साल से कस्बे से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े-कचरे राष्ट्रीय राजामार्ग के बगल में गिरवाता आ रहा है। तहसील प्रशासन भी इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं देता है। 15 अगस्त से पूरी तरह से पॉलीथिन के उपयोग पर लगी रोक का भी कोई असर नहीं है। गिराए जा रहे कचरे में अब भी पॉलीथीन और प्लास्टिक साफ दिखाई दे जाएंगे। पॉलीथिन के उपयोग को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से छिटपुट जांच अभियान चलाकर औपचारिकताएं पूरी कर दी जा रही हैं। प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कहीं भी होर्डिंग, बैनर अथवा पोस्टर नहीं चस्पा किया गया है।
विज्ञापन

इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी प्रेमशंकर गुप्ता का कहना है कि कचरा निस्तारण के लिए गैर उपयोगी, सीलिंग या बंजर जमीन की जरूरत है। इसके लिए तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। उम्मीद है कि तहसील प्रशासन की मदद से कचरे के निस्तारण के लिए जल्द भूमि उपलब्ध हो जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों से बातचीत चल रही है। पॉलीथिन का उपयोग बंद करने के लिए नगरपालिका प्रशासन एसडीएम के साथ लगातार छापे की कार्रवाई कर जांच कर रही है। फिलहाल खाली पड़ी गड्ढायुक्त जमीन और कस्बे के बाहरी इलाके में कूड़ा-कचरा गिरवाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed