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Kushinagar News: 45.17 लाख पौधे रोपे, अब सुरक्षा और जीवितता की होगी जांच
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25 अक्तूबर तक पूरा करना होगा सत्यापन, पांच विभागों में जियोटैगिंग अधूरी
पडरौना। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण, गंगा और आर्द्रभूमि समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें 25 अक्तूबर तक पौधरोपण का अंतर्विभागीय सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि जिले में पौधरोपण महाभियान के तहत 45.17 लाख पौधे रोपे गए हैं। अब इन पौधों की सुरक्षा, जीवितता और जियोटैगिंग की हकीकत परखी जाएगी।
डीएम संजय चौहान को बैठक में बताया गया कि पौधारोपण महाभियान-2026 के तहत जिले में पांच जून को 6.08 लाख और 12 जुलाई को 39.09 लाख पौधे रोपे गए। इस तरह कुल 45.17 लाख पौधों का रोपण किया गया। इनमें वन विभाग ने 14.50 लाख और अन्य 23 विभागों ने 30.67 लाख पौधे लगाए हैं। डीएम की समीक्षा में स्वास्थ्य, राजस्व, ग्राम विकास, बेसिक शिक्षा और पंचायती राज विभाग की तरफ से रोपित पौधों की जियोटैगिंग का काम अब तक शत-प्रतिशत पूरा नहीं मिला।
इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य तत्काल पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रोपित पौधों की नियमित निगरानी की जाए और उनकी जीवितता की स्थिति पर भी नजर रखी जाए। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसमें जैव विविधता समितियों के गठन, जैव विविधता रजिस्टर तैयार करने, बांसी नदी के जीर्णोद्धार, स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 और ग्राम आर्द्रभूमि समितियों के गठन की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके अलावा वेटलैंड संरक्षण और ग्रीन चौपाल के संचालन की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जैव विविधता संवर्धन, नदियों के पुनरुद्धार और आर्द्रभूमियों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
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पडरौना। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरण, गंगा और आर्द्रभूमि समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें 25 अक्तूबर तक पौधरोपण का अंतर्विभागीय सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि जिले में पौधरोपण महाभियान के तहत 45.17 लाख पौधे रोपे गए हैं। अब इन पौधों की सुरक्षा, जीवितता और जियोटैगिंग की हकीकत परखी जाएगी।
डीएम संजय चौहान को बैठक में बताया गया कि पौधारोपण महाभियान-2026 के तहत जिले में पांच जून को 6.08 लाख और 12 जुलाई को 39.09 लाख पौधे रोपे गए। इस तरह कुल 45.17 लाख पौधों का रोपण किया गया। इनमें वन विभाग ने 14.50 लाख और अन्य 23 विभागों ने 30.67 लाख पौधे लगाए हैं। डीएम की समीक्षा में स्वास्थ्य, राजस्व, ग्राम विकास, बेसिक शिक्षा और पंचायती राज विभाग की तरफ से रोपित पौधों की जियोटैगिंग का काम अब तक शत-प्रतिशत पूरा नहीं मिला।
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इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य तत्काल पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रोपित पौधों की नियमित निगरानी की जाए और उनकी जीवितता की स्थिति पर भी नजर रखी जाए। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसमें जैव विविधता समितियों के गठन, जैव विविधता रजिस्टर तैयार करने, बांसी नदी के जीर्णोद्धार, स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 और ग्राम आर्द्रभूमि समितियों के गठन की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके अलावा वेटलैंड संरक्षण और ग्रीन चौपाल के संचालन की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जैव विविधता संवर्धन, नदियों के पुनरुद्धार और आर्द्रभूमियों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
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