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वन विभाग की टीम ने बेहोश कर पकड़ा
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मंदिर में घायलावस्था में मिली बाघिन
- इलाज के पटना भेजी गई बाघिन
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुरहा वन क्षेत्र में स्थित मंदिर में एक बाघिन घायलावस्था में मिली। वन विभाग की टीम ने उसे बेहोश कर पकड़ा और इलाज के लिए पटना भेज दिया।
वीटीआर के मंगुरहा वन क्षेत्र के समीप जम्हौली गांव में एक देवी मंदिर है। इसमें बृहस्पतिवार को एसएसबी के जवान जीडी प्रेम सिंह बृहस्पतिवार को पूजा करने पहुंचे। मूर्ति के पास बाघ को बैठे देख सन्न रह गए। बाघ ने उनके खिलाफ कोई प्रतिक्रिया नहीं की। वह किसी तरह वहां से निकलकर अपने कैंप पहुंचे और अधिकारियों को जानकारी दी। बात फैलते ही गांव व आसपास में हड़कंप मच गया। वन विभाग को सूचना दी गई।व्याघ्र परियोजना के सह निदेशक हेमकांत राय और डीएफओ अंबरीश मल्ल दलबल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने संजय गांधी जैविक उद्यान के प्रशिक्षित लोगों को बुला लिया और पांच घंटे तक चले रेस्क्यू में बाघिन को ट्रेक्यूलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ा। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
सह निदेशक ने बताया कि रिहायशी इलाके में भटकने के कारण बाघिन जख्मी हो गई है। जख्म काफी गहरा है। जंगल में छोड़ने पर उसका जीवन संकट में पड़ सकता है। बेहतर इलाज के लिए उसे पटना भेजा गया है।
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- इलाज के पटना भेजी गई बाघिन
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुरहा वन क्षेत्र में स्थित मंदिर में एक बाघिन घायलावस्था में मिली। वन विभाग की टीम ने उसे बेहोश कर पकड़ा और इलाज के लिए पटना भेज दिया।
वीटीआर के मंगुरहा वन क्षेत्र के समीप जम्हौली गांव में एक देवी मंदिर है। इसमें बृहस्पतिवार को एसएसबी के जवान जीडी प्रेम सिंह बृहस्पतिवार को पूजा करने पहुंचे। मूर्ति के पास बाघ को बैठे देख सन्न रह गए। बाघ ने उनके खिलाफ कोई प्रतिक्रिया नहीं की। वह किसी तरह वहां से निकलकर अपने कैंप पहुंचे और अधिकारियों को जानकारी दी। बात फैलते ही गांव व आसपास में हड़कंप मच गया। वन विभाग को सूचना दी गई।व्याघ्र परियोजना के सह निदेशक हेमकांत राय और डीएफओ अंबरीश मल्ल दलबल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने संजय गांधी जैविक उद्यान के प्रशिक्षित लोगों को बुला लिया और पांच घंटे तक चले रेस्क्यू में बाघिन को ट्रेक्यूलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ा। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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सह निदेशक ने बताया कि रिहायशी इलाके में भटकने के कारण बाघिन जख्मी हो गई है। जख्म काफी गहरा है। जंगल में छोड़ने पर उसका जीवन संकट में पड़ सकता है। बेहतर इलाज के लिए उसे पटना भेजा गया है।
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