{"_id":"5a79f9594f1c1ba5268b8b36","slug":"36717-students-passed-the-examination-in-the-first-shift","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन 7984 ने छोड़ दी परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन 7984 ने छोड़ दी परीक्षा
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:22 AM IST
विज्ञापन
परीक्षा देते विद्यार्थी।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पडरौना। मंगलवार को जिले के 150 केंद्रों पर यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुरू हो गई। प्रथम पाली में पंजीकृत कुल 42005 परीक्षार्थियों में से 5318 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। 36687 छात्रों ने परीक्षा दी। विशुनपुरा ब्लाक के एक सेंटर पर प्रवेश पत्र के अभाव में कई परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। दूसरी पॉली में 25998 विद्यार्थी पंजीकृत थे। 23368 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 2630 ने परीक्षा छोड़ दी। इंटर कॉलेज सपही टड़वा में एक परीक्षार्थी को निष्कासित किया गया।
मंगलवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल के गृहविज्ञान विषय की परीक्षा में पंजीकृत कुल 20642 परीक्षार्थियों में से 2374 ने परीक्षा छोड़ दी। इस विषय में 18268 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। प्रथम पाली में ही इंटर के साहित्यक हिंदी विषय के प्रथम प्रश्न पत्र की भी परीक्षा थी। इसमें पंजीकृत कुल 21363 परीक्षार्थियों में से 2944 ने परीक्षा छोड़ दी और 18419 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। दोपहर बाद दो बजे से शुरू हुई दूसरी पॉली की परीक्षा में इंटर के ही सामान्य हिंदी विषय के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा थी। इस परीक्षा के दौरान इंटर कालेज सपही टड़वा से एक परीक्षार्थी को अनुचित साधन के प्रयोग के आरोप में रस्टीकेट किया गया।
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार विशुनपुरा ब्लाक के गांव माघी कोठिलवा में बिना मान्यता के संचालित एक इंटर कॉलेज के कई छात्र-छात्रा पहले दिन ही परीक्षा से वंचित रह गए। छात्र आमिर अंसारी, सबा परवीन, सालिम अंसारी, कविता कुशवाहा, पूनम भारती आदि ने बताया कि उनके स्कूल संचालक ने परीक्षा फार्म किसान इंटर कालेज बलकुड़िया से भरे जाने की बात कही थी। परंतु प्रवेश पत्र नहीं मिला। मंगलवार की सुबह वे लोग परीक्षा केंद्र पर गए थे लेकिन प्रवेश पत्र के अभाव में परीक्षा नहीं दे पाए। बाद में इनके घरवालों ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल पर जाकर हंगामा किया। माहौल बिगड़ता देख वहां से स्कूल संचालक भाग निकले। इस संबंध में किसान इंटर कालेज बलकुड़िया के प्रधानाचार्य नरेंद्र पांडेय का कहना है कि जो बच्चे परीक्षा से वंचित होने का आरोप लगा रहे हैं वे उनके यहां पंजीकृत ही नहीं हैं और न ही उनका फार्म भरा गया है। लिहाजा प्रवेश पत्र भी नहीं आया है। वहीं डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र का कहना है कि इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। पता कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र का कहना है कि नकल विहीन परीक्षा कराने की शासन की मंशा के अनुरूप कार्य हो रहा है। सभी सचल दल और जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों ने पहले ही दिन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। सख्ती के चलते ही पहले दिन बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
मंगलवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल के गृहविज्ञान विषय की परीक्षा में पंजीकृत कुल 20642 परीक्षार्थियों में से 2374 ने परीक्षा छोड़ दी। इस विषय में 18268 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। प्रथम पाली में ही इंटर के साहित्यक हिंदी विषय के प्रथम प्रश्न पत्र की भी परीक्षा थी। इसमें पंजीकृत कुल 21363 परीक्षार्थियों में से 2944 ने परीक्षा छोड़ दी और 18419 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। दोपहर बाद दो बजे से शुरू हुई दूसरी पॉली की परीक्षा में इंटर के ही सामान्य हिंदी विषय के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा थी। इस परीक्षा के दौरान इंटर कालेज सपही टड़वा से एक परीक्षार्थी को अनुचित साधन के प्रयोग के आरोप में रस्टीकेट किया गया।
विज्ञापन
जटहां बाजार प्रतिनिधि के अनुसार विशुनपुरा ब्लाक के गांव माघी कोठिलवा में बिना मान्यता के संचालित एक इंटर कॉलेज के कई छात्र-छात्रा पहले दिन ही परीक्षा से वंचित रह गए। छात्र आमिर अंसारी, सबा परवीन, सालिम अंसारी, कविता कुशवाहा, पूनम भारती आदि ने बताया कि उनके स्कूल संचालक ने परीक्षा फार्म किसान इंटर कालेज बलकुड़िया से भरे जाने की बात कही थी। परंतु प्रवेश पत्र नहीं मिला। मंगलवार की सुबह वे लोग परीक्षा केंद्र पर गए थे लेकिन प्रवेश पत्र के अभाव में परीक्षा नहीं दे पाए। बाद में इनके घरवालों ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल पर जाकर हंगामा किया। माहौल बिगड़ता देख वहां से स्कूल संचालक भाग निकले। इस संबंध में किसान इंटर कालेज बलकुड़िया के प्रधानाचार्य नरेंद्र पांडेय का कहना है कि जो बच्चे परीक्षा से वंचित होने का आरोप लगा रहे हैं वे उनके यहां पंजीकृत ही नहीं हैं और न ही उनका फार्म भरा गया है। लिहाजा प्रवेश पत्र भी नहीं आया है। वहीं डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र का कहना है कि इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। पता कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र का कहना है कि नकल विहीन परीक्षा कराने की शासन की मंशा के अनुरूप कार्य हो रहा है। सभी सचल दल और जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों ने पहले ही दिन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। सख्ती के चलते ही पहले दिन बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।