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लोक अदालत में सुलझाए 3168 मुुकदमे
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:52 PM IST
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अदालत में पहुंचे फरियादी।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 495 वादों का सुलह कराकर निस्तारण किया गया। साथ ही 41135962 रुपये बैंकों को दिलाया गया, जबकि 1391 शमनीय वादों का निस्तारण कर 175220 रुपये जुर्माना वसूला गया। यहां कुल 3168 वादों का निपटारा आपसी सुलह समझौते के आधार पर कराया गया।
प्रभारी जनपद न्यायाधीश, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी व प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सैय्यद वाइज मियां, अपर जिला जज राज सिंह वर्मा, सत्यवीर सिंह, यादव, विनय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी सागर ने संयुक्तरूप से दीप प्रज्जवलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया।
जनपद सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसिद्घ नारायण दीक्षित एवं महामंत्री जन्मेजय तिवारी सहित अनेंक अधिवक्ताओं की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
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इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद जैसे मोटर दुर्घटना से संबंधित वाद, पारिवारिक वाद और अन्य दीवानी वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। साथ ही बैंक ऋण से संबंधित 495 मामलों का निस्तारण लोक अदालत में सुलह के जरिए किया गया। बैंकों की तरफ से कुल 41135962 रुपये का सेटलमेंट किया गया। वहीं 1391 शमनीय वादों का निस्तारण कर 175220 रुपये जुर्माना वसूला गया। मोटर दुर्घटना के 37 वादों का निस्तारण करते हुए 8247500 रुपये प्रतिकर दिलाया गया। 102 पारिवारिक वाद तथा 41 दीवानी वाद भी निस्तारित हुए। इसके अलावा 241 राजस्व तथा समस्त एसडीएम न्यायालयों की तरफ से 793 फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया। इस तरह शनिवार को संपन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 3168 वादों का निपटारा हुआ।
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प्रभारी जनपद न्यायाधीश, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी व प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सैय्यद वाइज मियां, अपर जिला जज राज सिंह वर्मा, सत्यवीर सिंह, यादव, विनय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी सागर ने संयुक्तरूप से दीप प्रज्जवलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया।
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जनपद सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसिद्घ नारायण दीक्षित एवं महामंत्री जन्मेजय तिवारी सहित अनेंक अधिवक्ताओं की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
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इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद जैसे मोटर दुर्घटना से संबंधित वाद, पारिवारिक वाद और अन्य दीवानी वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। साथ ही बैंक ऋण से संबंधित 495 मामलों का निस्तारण लोक अदालत में सुलह के जरिए किया गया। बैंकों की तरफ से कुल 41135962 रुपये का सेटलमेंट किया गया। वहीं 1391 शमनीय वादों का निस्तारण कर 175220 रुपये जुर्माना वसूला गया। मोटर दुर्घटना के 37 वादों का निस्तारण करते हुए 8247500 रुपये प्रतिकर दिलाया गया। 102 पारिवारिक वाद तथा 41 दीवानी वाद भी निस्तारित हुए। इसके अलावा 241 राजस्व तथा समस्त एसडीएम न्यायालयों की तरफ से 793 फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया। इस तरह शनिवार को संपन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 3168 वादों का निपटारा हुआ।