{"_id":"5bfd80fdbdec2241cf75d57b","slug":"31543340285-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में मुफ्त में मिलेगी सीटी स्कैन की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में मुफ्त में मिलेगी सीटी स्कैन की सुविधा
Updated Tue, 27 Nov 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
सीटी स्कैैन मश्ाीन
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
विज्ञापन
पडरौना (कुशीनगर)। अब वह दिन ज्यादा दूर नहीं, जब संयुक्त जिला चिकित्सालय में सिटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी, वह भी बिल्कुल मुफ्त। इसके लिए नई सिटी स्कैन मशीन जिला अस्पताल में आ गई है और इसका इंस्टालेशन भी किया जा रहा है। यहां सिटी स्कैन की सुविधा एचएलएल की तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में लगभग हर तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, देर है तो सिटी स्कैन जांच की। दुर्घटना में हेडइंजरी के मरीज या गंभीर रोगियों का इलाज केवल इसलिए यहां नहीं हो पाता, क्योंकि यहां सिटी स्कैन नहीं होता। ऐसे में मरीजों को लगभग पांच हजार रुपये तक खर्च करके कसया के निजी डाइग्नोसिस सेंटर में जांच करानी पड़ती है या फिर गोरखपुर जाना ही एकमात्र विकल्प होता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन से जांच शुरू कराने की मांग पिछले कई वर्षों से होती आ रही है, लेकिन यह जांच अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
हालांकि अब नई सिटी स्कैन मशीन जिला अस्पताल में आ गई है। सीमेंस कंपनी की तरफ से सिटी स्कैन मशीन, इसे संचालित करने के लिए 500 एमवीए का नया जेनरेटर और अन्य संसाधन जिला अस्पताल में लगाए जा रहे हैं। इस मशीन को लगाने और इसे संचालित करने में आने वाले पूरे खर्च का वहन एचएलएल की तरफ से किया जा रहा है। इसके बाद भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर से एनओसी मिलते ही सिटी स्कैन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
नहीं चली, छह साल पहले लगी सिटी स्कैन मशीन
छह साल पहले भारत सरकार के तत्कालीन पेट्रोलियम राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने गेल की तरफ से करीब दो करोड़ रुपये की लागत की सिटी स्कैन मशीन जिला अस्पताल को मुहैया कराई थी। मशीन लगी, लेकिन जेनरेटर और मानव संसाधन उपलब्ध न होने के कारण नहीं चल सकी। उसके कुछ स्पेयर में भी खराबी आ गई।
जिला अस्पताल को पूर्व में मिली सिटी स्कैन कटेगरी-2 की मशीन थी। उस समय मैनपावर और जेनरेटर उपलब्ध न होने के कारण मशीन नहीं चल पाई थी। इस बार एचएलएल की तरफ से कटेगरी-1 की अत्याधुनिक सिटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराई गई है। एचएलएल की तरफ से यहां मुफ्त में सिटी स्कैन किया जाएगा। मैनपावर और सभी संसाधन एचएलएल के हैं। जितने लोगों का सिटी स्कैन होगा, उनका विवरण वह सरकार को देंगे, जिसके बाद राज्य सरकार सिटी स्कैन जांच के बदले उन्हें धनराशि का भुगतान करेगी। मशीन लग रही है। सिटी स्कैन के दौरान रेडिएशन से किसी मरीज के शरीर पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े, इसके लिए भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) से एनओसी (अनापत्ति) प्रमाण पत्र मिलते ही सिटी स्कैन शुरू हो जाएगा।
डॉ. बजरंगी पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।