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घनी आबादी की ओर बड़ी गंडक के रुख करने से लोगों में बेचैनी बढ़ी
Updated Sun, 27 Aug 2017 05:08 PM IST
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कुशीनगर। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के अहिरौलीदान गांव में गंडक नदी का कटान जारी है। दो पुरवों को उजाड़ने के बाद अब घनी आबादी वाले डीह टोला और कचहरी टोला पर बड़ी गंडक के बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बड़ी गंडक के जलस्तर में निरंतर कमी आने के बावजूद अहिरौलीदान के चार पुरवों पर कटान का खतरा बना हुआ है। पिछले पांच दिनों से कटान जारी है। इस भय से चित्तू टोला और कंचन टोला के 40-50 परिवार अपने ही हाथों से तैयार की गई झोपड़ियों को उजाड़कर पलायन कर चुके हैं। तीन-चार दिनों तक यह नदी सिर्फ इन दो पुरवों के लिए खतरा बनी थी, लेकिन रविवार से कटान करते हुए यह नदी अहिरौलीदान के घनी आबादी वाले दो पुरवों डीह टोला और कचहरी टोला की ओर बढ़ रही है। इससे इन दोनों पुरवों में रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
इन गांवों के लोगों का कहना है कि शासन व प्रशासन की उदासीनता के चलते बैरिया टोला, खलवा टोला, भिंडा टोला और कोदई टोला बड़ी गंडक की बाढ़ में पहले ही कट चुके है। वहां रहने वाले लोग बंधों पर शरण लिए हुए हैं। अहिरौलीदान के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव का कहना है कि यदि कटान को रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति कभी भी भयावह हो सकती है। अहिरौलीदान निवासी एवं भाजपा नेता जेके सिंह ने केंद्रीय मंत्री व देवरिया के सांसद कलराज मिश्र को कटान से उत्पन्न हुई स्थिति से अवगत कराते हुए जरूरी इंतजाम किए जाने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल, चंद्रिका यादव, सिंहासन राय, अरविंद सिंह, रामजीत राम, विक्रमा यादव, उमेश राम, भगत यादव आदि ने सिंचाई विभाग से कटान रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में एक्सईएन बीपी सिंह का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बचाव कार्य भी जारी है।
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बड़ी गंडक के जलस्तर में निरंतर कमी आने के बावजूद अहिरौलीदान के चार पुरवों पर कटान का खतरा बना हुआ है। पिछले पांच दिनों से कटान जारी है। इस भय से चित्तू टोला और कंचन टोला के 40-50 परिवार अपने ही हाथों से तैयार की गई झोपड़ियों को उजाड़कर पलायन कर चुके हैं। तीन-चार दिनों तक यह नदी सिर्फ इन दो पुरवों के लिए खतरा बनी थी, लेकिन रविवार से कटान करते हुए यह नदी अहिरौलीदान के घनी आबादी वाले दो पुरवों डीह टोला और कचहरी टोला की ओर बढ़ रही है। इससे इन दोनों पुरवों में रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
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इन गांवों के लोगों का कहना है कि शासन व प्रशासन की उदासीनता के चलते बैरिया टोला, खलवा टोला, भिंडा टोला और कोदई टोला बड़ी गंडक की बाढ़ में पहले ही कट चुके है। वहां रहने वाले लोग बंधों पर शरण लिए हुए हैं। अहिरौलीदान के ग्राम प्रधान हीरालाल यादव का कहना है कि यदि कटान को रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति कभी भी भयावह हो सकती है। अहिरौलीदान निवासी एवं भाजपा नेता जेके सिंह ने केंद्रीय मंत्री व देवरिया के सांसद कलराज मिश्र को कटान से उत्पन्न हुई स्थिति से अवगत कराते हुए जरूरी इंतजाम किए जाने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल, चंद्रिका यादव, सिंहासन राय, अरविंद सिंह, रामजीत राम, विक्रमा यादव, उमेश राम, भगत यादव आदि ने सिंचाई विभाग से कटान रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। इस संबंध में एक्सईएन बीपी सिंह का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बचाव कार्य भी जारी है।
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