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सोशल मीडिया से जुड़ेंगे जनपद के नवाचारी शिक्षक
Updated Sat, 30 Dec 2017 06:57 PM IST
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पडरौना। सोशल मीडिया पर शिक्षकों की बढ़ती भागीदारी का सकारात्मक लाभ उठाने के लिए जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने एक नया प्रयोग किया है। विभाग ने स्वयं के प्रयास से अपने स्कूलों को बेहतर बनाने वाले नवाचारी शिक्षकों को एक ह्वाट्सएप ग्रुप से जोड़ने का निर्णय लिया है। ये अध्यापक अपने स्कूल की अच्छी गतिविधियों को इस ग्रुप पर शेयर करेंगे। इससे जुड़े दूसरे अध्यापक अपने अनुभव साझा करेंगे तथा कार्यक्रम और क्रियाकलापों को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव देंगे। इनसे मिले इनपुट के आधार पर जिले के अन्य स्कूलों में भी बेहतर कार्यक्रम लागू कराए जाएंगे।
जिले में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। बावजूद इसके जिले में करीब दो दर्जन विद्यालय ऐसे भी हैं जिनकी स्थिति कान्वेंट स्कूलों के बराबर या उनसे बेहतर है। डीएम आंद्रा वामसी ने इस वर्ष जिले के 150 अन्य स्कूलों को भी इन दो दर्जन बेहतर स्कूलों जैसा बनाने का लक्ष्य बेसिक शिक्षा विभाग को दिया है। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। प्रथम चरण में जिन 150 स्कूलों को मॉडल के तौर पर विकसित किया जाना है वहां के अध्यापकों को विभागीय नियम व निर्देशों की बजाय स्व प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए बीएसए हेमंत राव ने उन शिक्षकों का एक ह्वाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है, जिनके यहां पहले से ही व्यवस्था बेहतर है। शुक्रवार को बीएसए दफ्तर में इस तरह के अध्यापकों की एक बैठक भी हुई। इसमें कार्यक्रम और ह्वाट्सएप ग्रुप की उपयोगिता पर चर्चा की गई। बीएसए ने बताया कि जिन शिक्षकों ने अपने विद्यालय में सरकार, स्वयं सेवी संस्थाओं या निजी संसाधनों से व्यवस्था परिवर्तन किया है उनके अनुभव से अन्य अध्यापकों को भी अवगत कराया जाएगा।
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जिले में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। बावजूद इसके जिले में करीब दो दर्जन विद्यालय ऐसे भी हैं जिनकी स्थिति कान्वेंट स्कूलों के बराबर या उनसे बेहतर है। डीएम आंद्रा वामसी ने इस वर्ष जिले के 150 अन्य स्कूलों को भी इन दो दर्जन बेहतर स्कूलों जैसा बनाने का लक्ष्य बेसिक शिक्षा विभाग को दिया है। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। प्रथम चरण में जिन 150 स्कूलों को मॉडल के तौर पर विकसित किया जाना है वहां के अध्यापकों को विभागीय नियम व निर्देशों की बजाय स्व प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए बीएसए हेमंत राव ने उन शिक्षकों का एक ह्वाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है, जिनके यहां पहले से ही व्यवस्था बेहतर है। शुक्रवार को बीएसए दफ्तर में इस तरह के अध्यापकों की एक बैठक भी हुई। इसमें कार्यक्रम और ह्वाट्सएप ग्रुप की उपयोगिता पर चर्चा की गई। बीएसए ने बताया कि जिन शिक्षकों ने अपने विद्यालय में सरकार, स्वयं सेवी संस्थाओं या निजी संसाधनों से व्यवस्था परिवर्तन किया है उनके अनुभव से अन्य अध्यापकों को भी अवगत कराया जाएगा।
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