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मैत्रेय प्रोजेक्ट ट्रस्ट को 200 एकड़ का पट्टा हुआ
kushinagar
Updated Fri, 19 Aug 2016 11:15 PM IST
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कायऱ्र्यक्रम
- फोटो : santosh verma
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कसया। महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में मैत्रेय परियोजना को मूर्तरूप में उतारने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से शुक्रवार को मैत्रेय प्रोजेक्ट ट्रस्ट के नाम से 200 एकड़ भूमि उपनिबंधक कार्यालय कसया में पट्टा हुई। मैत्रेय प्रोजेक्ट इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्थापित करने के लिए वर्ष 2003 में प्रदेश सरकार ने मैत्रेय ट्रस्ट के साथ मोओयू मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग किया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण की जटिल प्रक्रिया की वजह से कोई खाका नहीं तैयार नहीं हो पा रहा था। ट्रस्ट के नाम से शुक्रवार को 200 एकड़ भूमि पट्टा होने के बाद मैत्रेय परियोजना के अस्तित्व में आने की उम्मीद बढ़ गई है।
मैत्रेय प्रोजेक्ट ट्रस्ट के चेयरमैन भंते कबीर ने कहा कि 13 वर्ष पुराने सपने को प्रदेश सरकार की सकारात्मक पहल पर पूरा होने के पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है। परियोजना में निर्माण के लिए प्रिजर्वेशन ऑफ महायान ट्रेडिशन धन खर्च करेगी। इसका विश्व के 36 देशों में 147 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। परियोजना के तहत 500 फीट की जगह अब 200 फीट ऊंची महात्मा बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। इसके अलावा चैरिटेबुल अस्पताल, कॉलेज भी खोले जाएंगे। ये सेवाएं स्थानीय लोगों के लिए होंगी। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य लक्ष्य बुद्ध के उपदेशों को विश्व फलक पर विस्तृत करने के साथ कुशीनगर का समग्र विकास करना है। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण में करीब पांच वर्ष का समय लगेगा। परियोजना पर काम शुरू होते ही हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं पर्यटन के दृष्टिकोण से भारतीय और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
बौद्ध सर्किट का खाका बनाया
कसया। बिहार से कुशीनगर तक महात्मा बुद्ध से जुड़े स्थलों को विकसित करने के लिए वर्ल्ड बैंक की टीम ने कई दिनों तक सर्वे करने के बाद शुक्रवार को कुशीनगर में बैठक की। डीएम शम्भु कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में बौद्ध तीर्थ स्थल कुशीनगर के विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
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उप निदेशक पर्यटन आरके रावत ने मौजूद वर्ल्ड बैंक की टीम सहित अन्य लोगों का स्वागत कर किया। उप निदेशक पर्यटन ने स्वदेश दर्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत बुद्धा थीम पार्क, मुख्य मंदिर परिसर में लाइट एंड साउंड सिस्टम, कुशीनारा रेस्टोरेंट में पार्किंग स्थल और टूरिस्ट सूचना केंद्र की स्थापना करना है।
यूपी टूरिज्म प्रोजेक्ट के नवजीत खत्री ने कहा कि बिहार के वैशाली से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के बौद्धस्थलों को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने की योजना पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसलिए टीम कई दिनों से जिले में बौद्ध़ स्थलों की जांच पड़ताल कर रही थी। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को विकसित करना है। ताकि क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिले तथा उनका आर्थिक स्तर बढ़ सके। पर्यटन विकास के लिए कुशीनगर में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन स्वरूप देने के लिए इंफ्रास्टक्चर की जरूरत है। इसके विकास में वर्ल्ड बैंक की मदद के साथ प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से भी मदद मिलने की व्यवस्था की गई। उन्होंने पर्यटकों से जुड़े आंकड़ों को भी पेश किया। बीच में डीएम शम्भु कुमार की तरफ से पूछे गए सवालों के जवाब में वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ इंडियन सीईओ स्टेफेनिया अबाकर्ली ने बताया कि तीन माह में योजना पर कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी। उसके बाद सरकार के अनुमोदन के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। उम्मीद है कि पांच वर्ष में योजना जमीन पर उतरेगी।
बैठक का संचालन सांतुम सेठ ने किया। इस मौके पर वर्ल्ड बैंक टीम के सलाहकार संजय सक्सेना, यूपी टूरिज्म प्रोजेक्ट के तीन सलाहकार सतेंद्र पांडेय, शालिनी महाजन, दयालु जायसवाल और इनकी सहयोगी पूजा द्विवेदी, सुधा मनी, राहुल जादोन, राहुल कर्दम, नवजीत खत्री आदि मौजूद रहे।
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मैत्रेय प्रोजेक्ट ट्रस्ट के चेयरमैन भंते कबीर ने कहा कि 13 वर्ष पुराने सपने को प्रदेश सरकार की सकारात्मक पहल पर पूरा होने के पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है। परियोजना में निर्माण के लिए प्रिजर्वेशन ऑफ महायान ट्रेडिशन धन खर्च करेगी। इसका विश्व के 36 देशों में 147 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। परियोजना के तहत 500 फीट की जगह अब 200 फीट ऊंची महात्मा बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। इसके अलावा चैरिटेबुल अस्पताल, कॉलेज भी खोले जाएंगे। ये सेवाएं स्थानीय लोगों के लिए होंगी। उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य लक्ष्य बुद्ध के उपदेशों को विश्व फलक पर विस्तृत करने के साथ कुशीनगर का समग्र विकास करना है। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण में करीब पांच वर्ष का समय लगेगा। परियोजना पर काम शुरू होते ही हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं पर्यटन के दृष्टिकोण से भारतीय और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
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बौद्ध सर्किट का खाका बनाया
कसया। बिहार से कुशीनगर तक महात्मा बुद्ध से जुड़े स्थलों को विकसित करने के लिए वर्ल्ड बैंक की टीम ने कई दिनों तक सर्वे करने के बाद शुक्रवार को कुशीनगर में बैठक की। डीएम शम्भु कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में बौद्ध तीर्थ स्थल कुशीनगर के विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
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उप निदेशक पर्यटन आरके रावत ने मौजूद वर्ल्ड बैंक की टीम सहित अन्य लोगों का स्वागत कर किया। उप निदेशक पर्यटन ने स्वदेश दर्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत बुद्धा थीम पार्क, मुख्य मंदिर परिसर में लाइट एंड साउंड सिस्टम, कुशीनारा रेस्टोरेंट में पार्किंग स्थल और टूरिस्ट सूचना केंद्र की स्थापना करना है।
यूपी टूरिज्म प्रोजेक्ट के नवजीत खत्री ने कहा कि बिहार के वैशाली से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के बौद्धस्थलों को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने की योजना पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसलिए टीम कई दिनों से जिले में बौद्ध़ स्थलों की जांच पड़ताल कर रही थी। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को विकसित करना है। ताकि क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिले तथा उनका आर्थिक स्तर बढ़ सके। पर्यटन विकास के लिए कुशीनगर में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन स्वरूप देने के लिए इंफ्रास्टक्चर की जरूरत है। इसके विकास में वर्ल्ड बैंक की मदद के साथ प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से भी मदद मिलने की व्यवस्था की गई। उन्होंने पर्यटकों से जुड़े आंकड़ों को भी पेश किया। बीच में डीएम शम्भु कुमार की तरफ से पूछे गए सवालों के जवाब में वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ इंडियन सीईओ स्टेफेनिया अबाकर्ली ने बताया कि तीन माह में योजना पर कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी। उसके बाद सरकार के अनुमोदन के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। उम्मीद है कि पांच वर्ष में योजना जमीन पर उतरेगी।
बैठक का संचालन सांतुम सेठ ने किया। इस मौके पर वर्ल्ड बैंक टीम के सलाहकार संजय सक्सेना, यूपी टूरिज्म प्रोजेक्ट के तीन सलाहकार सतेंद्र पांडेय, शालिनी महाजन, दयालु जायसवाल और इनकी सहयोगी पूजा द्विवेदी, सुधा मनी, राहुल जादोन, राहुल कर्दम, नवजीत खत्री आदि मौजूद रहे।