{"_id":"59ee2aef4f1c1b6e548b88e5","slug":"2-cleanliness-on-chhathaghatas-crowds-in-markets","type":"story","status":"publish","title_hn":"छठ घाटों पर होने लगी सफाई, बाजारों में उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छठ घाटों पर होने लगी सफाई, बाजारों में उमड़ी भीड़
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Mon, 23 Oct 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
छठघाट की साफ-सफाई करते लोग।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। सूर्यषष्ठी (छठ) पर्व की तैयारी हर जगह जोरों पर है। छठघाटों की सफाई के साथ-साथ व्रती महिलाओं के लिए अन्य जरुरी इंतजाम किए जा रहे हैं। दूसरी ओर छठ पूजा में प्रयुक्त होने पूजन सामग्रियों से लगायत कपड़े, आभूषण और सौंदर्य प्रसाधन की सामग्रियां खरीदने के लिए बाजारों में अत्यधिक भीड़ लग रही है।
संतानों की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्घि के लिए मनाए जाने वाले छठ पर्व की तैयारी जिले में जगह-जगह चल रही है। छठघाटों की सफाई के साथ-साथ नई छठ बेदियां बनवाने और उनका रंगरोगन कराने के साथ साथ लोग पुरानी बेदियों को भी दुरुस्त करा रहे हैं। धीरे-धीरे छठघाटों पर फिर से रौनक लौटने लगी है। मंगलवार को नहाय-खाय के साथ ही व्रत का क्रम शुरू हो जाएगा। गुरुवार को डुबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ व्रत करने वाली महिला श्रद्घालुओं ने अपने परिधानों से लगायत सौंदर्य प्रसाधन और अन्य सामानों की खरीदारी शुरू कर दी है। लोगों के बाजारों की ओर रुख कर देने से वहां सड़कों और दुकानों में चहल पहल पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
जरार निवासी शास्त्री रवींद्रनाथ त्रिपाठी बताते हैं कि यह त्योहार खासकर संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-सलामती के लिए किया जाता है। मान्यता है कि भगवान सूर्य के अस्तांचलगामी और उदयांचलगामी स्वरूप के साथ-साथ छठ माता की पूरी श्रद्घा से पूजा करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
विज्ञापन
इसी सिलसिले में सोमवार को पडरौना नगर के श्री हनुमत ज्योतिष केंद्र में आचार्यों की बैठक हुई। पं. दयाशंकर मिश्र की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छठ पर्व औ इसके शुभ मुहूर्त के बारे में चर्चा की गई। इसमें बताया गया कि तीन दिनों तक चलने वाला डाला छठ पर्व 24 अक्टूबर को प्रारंभ होगा। व्रती महिलाएं 26 अक्टूबर की शाम को अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी तथा 27 को उदयांचलनगामी सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करेंगी।
पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार छठपूजा के लिए बेदियों की रंगाई, पुताई और पोखरों की सफाई होने लगी है। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कलवारीपट्टी गांव में ग्राम प्रधान शांतिस शाही की तरफ से सामूहिक रूप से छठ बेदी बनवाई जा रही है। पोखरे के आस पास बने गड्ढे पाटे जा रहे हैं। सोमवार को सौरहा खुर्द में ग्राम प्रधान विश्वनाथ यादव ने सार्वजनिक पोखरे की सफाई कराई।
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार कोहरवलिया गांव में प्रधान प्रतिनिधि मुनीब यादव तथा एडीओ पडरौना रामअवध यादव की मौजूदगी में छठ घाट की सफाई कराई गई। इसी तरह पिपरा जटामपुर और कोहरवलिया न्याय पंचायत के करीब पच्चीस सफाईकर्मियों को लगाकर भूप सागर पोखरे पर स्थित छठ घाट की सफाई की गई। पिपरा, नौका टोला, कपरधिक्का, परसौनी आदि गांवों भी छठ पूजा की तैयारी चल रही है।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में सूर्यषष्ठी पर्व मंगलवार को प्रारंभ होगा। इसकी तैयारी क्षेत्र के हर गांव के छठघाट पर की जा रही है। बाजारों में भी सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है।
विज्ञापन
संतानों की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्घि के लिए मनाए जाने वाले छठ पर्व की तैयारी जिले में जगह-जगह चल रही है। छठघाटों की सफाई के साथ-साथ नई छठ बेदियां बनवाने और उनका रंगरोगन कराने के साथ साथ लोग पुरानी बेदियों को भी दुरुस्त करा रहे हैं। धीरे-धीरे छठघाटों पर फिर से रौनक लौटने लगी है। मंगलवार को नहाय-खाय के साथ ही व्रत का क्रम शुरू हो जाएगा। गुरुवार को डुबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ व्रत करने वाली महिला श्रद्घालुओं ने अपने परिधानों से लगायत सौंदर्य प्रसाधन और अन्य सामानों की खरीदारी शुरू कर दी है। लोगों के बाजारों की ओर रुख कर देने से वहां सड़कों और दुकानों में चहल पहल पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
विज्ञापन
जरार निवासी शास्त्री रवींद्रनाथ त्रिपाठी बताते हैं कि यह त्योहार खासकर संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-सलामती के लिए किया जाता है। मान्यता है कि भगवान सूर्य के अस्तांचलगामी और उदयांचलगामी स्वरूप के साथ-साथ छठ माता की पूरी श्रद्घा से पूजा करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
विज्ञापन
इसी सिलसिले में सोमवार को पडरौना नगर के श्री हनुमत ज्योतिष केंद्र में आचार्यों की बैठक हुई। पं. दयाशंकर मिश्र की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छठ पर्व औ इसके शुभ मुहूर्त के बारे में चर्चा की गई। इसमें बताया गया कि तीन दिनों तक चलने वाला डाला छठ पर्व 24 अक्टूबर को प्रारंभ होगा। व्रती महिलाएं 26 अक्टूबर की शाम को अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी तथा 27 को उदयांचलनगामी सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करेंगी।
पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार छठपूजा के लिए बेदियों की रंगाई, पुताई और पोखरों की सफाई होने लगी है। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कलवारीपट्टी गांव में ग्राम प्रधान शांतिस शाही की तरफ से सामूहिक रूप से छठ बेदी बनवाई जा रही है। पोखरे के आस पास बने गड्ढे पाटे जा रहे हैं। सोमवार को सौरहा खुर्द में ग्राम प्रधान विश्वनाथ यादव ने सार्वजनिक पोखरे की सफाई कराई।
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार कोहरवलिया गांव में प्रधान प्रतिनिधि मुनीब यादव तथा एडीओ पडरौना रामअवध यादव की मौजूदगी में छठ घाट की सफाई कराई गई। इसी तरह पिपरा जटामपुर और कोहरवलिया न्याय पंचायत के करीब पच्चीस सफाईकर्मियों को लगाकर भूप सागर पोखरे पर स्थित छठ घाट की सफाई की गई। पिपरा, नौका टोला, कपरधिक्का, परसौनी आदि गांवों भी छठ पूजा की तैयारी चल रही है।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में सूर्यषष्ठी पर्व मंगलवार को प्रारंभ होगा। इसकी तैयारी क्षेत्र के हर गांव के छठघाट पर की जा रही है। बाजारों में भी सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है।