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27 को आ सकते हैं सीएम, मिलेंगे कई सौगात
Updated Fri, 01 Sep 2017 04:47 PM IST
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कुशीनगर। इस महीने की 27 तारीख को मुख्यमंत्री कुशीनगर में पर्यटन दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हो सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अगर मुख्यमंत्री आते हैं तो उनके हाथों करीब 20 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है। इसके अलावा डीएम की तरफ से कुशीनगर में पर्यटन विकास के लिए बनवाए गए बुकलेट व वीडियो क्लिप के लोकार्पण की भी योजना है।
डीएम आंद्रा वामसी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों को लुभाने के लिए कुशीनगर के महत्वपूर्ण स्थलों व होटल आदि की जानकारी वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना जरूरी है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। कोशिश है कि आगामी 27 सितंबर को मुख्यमंत्री कुशीनगर में पर्यटन दिवस समारोह में आएं और जिले के विकास के लिए अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करें। इनमें कुशीनगर में लाइट एंड साउंड सिस्टम लगाने, मुख्य गेट को नए डिजाइन में बनवाने, फोरलेन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा लगवाने, मुख्य गेट पर लगी प्रतिमा के सुंदरीकरण, स्ट्रीट लाइट लगवाने आदि के कार्य प्रस्तावित हैं। इसके अलावा अनुमति मिलने पर रामाभार स्तूप के सुंदरीकरण की भी योजना है। तमकुहीराज से बिहार के बेतिया को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क का शिलान्यास भी सितंबर महीने में ही प्रस्तावित है। उस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। डीएम ने बताया कि पडरौना शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कठकुइयां से खड्डा रोड तक करीब 15 किमी लंबे बाईपास मार्ग, दुदही-सेवरही मार्ग, कसया-तमकुुही मार्ग और नौरंगिया-कप्तानगंज मार्ग के चौड़ीकरण के कार्य भी सितंबर महीने में ही शुरू कराए जाएंगे। डीएम ने बताया कि पडरौना चीनी मिल को चालू करने के लिए 25 करोड़ के बजट की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिल चुकी है। मिल चलाने के लिए जिस भी कंपनी से एग्रीमेंट होगा, उसे पहले किसानों व मजदूरों के बकाए का भुगतान करना होगा। एक सवाल के जवाब में डीएम ने कहा कि अगर मैत्रेय ट्रस्ट ने छह माह में कार्य में तेजी नहीं दिखाई तो इनको दी गई जमीनें किसी अन्य संस्था को देकर वहां कोई अन्य कार्य कराए जा सकते हैं। इसके अलावा जिला कारागार के निर्माण के लिए तमकुहीराज क्षेत्र के रजवटिया गांव की 14 हेक्टेयर जमीन भी प्रस्तावित कर दी गई है। इसमें से करीब सात हेक्टेयर जमीन सरकारी है, शेष सात हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जानी है।
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डीएम आंद्रा वामसी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों को लुभाने के लिए कुशीनगर के महत्वपूर्ण स्थलों व होटल आदि की जानकारी वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना जरूरी है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। कोशिश है कि आगामी 27 सितंबर को मुख्यमंत्री कुशीनगर में पर्यटन दिवस समारोह में आएं और जिले के विकास के लिए अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करें। इनमें कुशीनगर में लाइट एंड साउंड सिस्टम लगाने, मुख्य गेट को नए डिजाइन में बनवाने, फोरलेन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा लगवाने, मुख्य गेट पर लगी प्रतिमा के सुंदरीकरण, स्ट्रीट लाइट लगवाने आदि के कार्य प्रस्तावित हैं। इसके अलावा अनुमति मिलने पर रामाभार स्तूप के सुंदरीकरण की भी योजना है। तमकुहीराज से बिहार के बेतिया को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क का शिलान्यास भी सितंबर महीने में ही प्रस्तावित है। उस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। डीएम ने बताया कि पडरौना शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कठकुइयां से खड्डा रोड तक करीब 15 किमी लंबे बाईपास मार्ग, दुदही-सेवरही मार्ग, कसया-तमकुुही मार्ग और नौरंगिया-कप्तानगंज मार्ग के चौड़ीकरण के कार्य भी सितंबर महीने में ही शुरू कराए जाएंगे। डीएम ने बताया कि पडरौना चीनी मिल को चालू करने के लिए 25 करोड़ के बजट की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिल चुकी है। मिल चलाने के लिए जिस भी कंपनी से एग्रीमेंट होगा, उसे पहले किसानों व मजदूरों के बकाए का भुगतान करना होगा। एक सवाल के जवाब में डीएम ने कहा कि अगर मैत्रेय ट्रस्ट ने छह माह में कार्य में तेजी नहीं दिखाई तो इनको दी गई जमीनें किसी अन्य संस्था को देकर वहां कोई अन्य कार्य कराए जा सकते हैं। इसके अलावा जिला कारागार के निर्माण के लिए तमकुहीराज क्षेत्र के रजवटिया गांव की 14 हेक्टेयर जमीन भी प्रस्तावित कर दी गई है। इसमें से करीब सात हेक्टेयर जमीन सरकारी है, शेष सात हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जानी है।
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