पूर्वजों की मजार पर किया सजदा, मांगीं दुआएं
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जानकीनगर प्रतिनिधि के अनुसार शब-ए-बरात के मौके पर लोगों ने अपने पूर्वजों व रिश्तेदारों की कब्रों व मजारों पर फातिहा पढ़ा और दुआएं मांगी। जानकीनगर सहित बंजारापट्टी, खुशीपट्टी, जिगना, बाजूपट्टी, बैजनाथपुर, बरवापट्टी, अर्जुनहां, परसौना, सोहनरिया, नटवा, चौपरिया, सिधुआं बांगर भाठ आदि गांवों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने अपने गांव की मस्जिदों में नमाज पढ़ी और कुरान की तिलावत कर इबादत की। अपने गांव के कब्रिस्तानों में जाकर फातिहा पढ़ अपने पूर्वजों की मगफिरत के लिए दुआ मांगी।
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार शब-ए-बरात के अवसर पर क्षेत्र के मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरी रात जागकर इबादत की और परिवार व मुल्क में अमन व खुशहाली की दुआ मांगी। परसौनी, अमवा, बतरौली बाजार, इंद्रसेनवा, फागूपुर विशुनपुरा, कल्याण छापर, गंगौली, शिवपुर बुजुर्ग, सखवनिया, भटवलिया, धरनीछापर, पिपरासी, बढ़वलिया, बालखंडी, सरेयां, गांगरानी, बरहज, सहजवलिया, बड़गांव, सिकटा, सेमरा, लक्ष्मीपुर, घोरघटिया, बदलपट्टी, प्रधानपट्टी, शुक्लपट्टी, खह्नवार बकलोलही, पिपरा जटामपुर, खुशीपट्टी आदि गांवों में मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरी रात जगकर इबादत की।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार कीरात कब्रिस्तानों, मस्जिदों और घरों में रोशनी की गई और पूर्वजों को याद करते हुए अल्लाह से गुनाहों की माफी तथा तरक्की के लिए दुआ मांगी गई। शाही जामा मस्जिद तुलसीनगर के कारी जिक्रुल्लाह ने बताया कि वैसे तो शाबान का पूरा महीना ही अल्लाह की रहमतों का पाक महीना होता है, लेकिन इस महीने की 15वीं तारीख बेहद खास होती है और इस दिन शब-ए-बरात मनाया जाता है। यह रात गुनाहों की माफ़ी की रात होती है। इस दिन कब्रिस्तानों, मस्जिदों और घरों में रोशनी कर लोग दुआ मांगते हैं। मेहदिया, दाहूगंज, भुलिया, बेलवारी पट्टी, गौरी इब्राहिम, लतवाचट्टी, सलेमगढ़, बभनौली, विशुनपुरा सहित अन्य स्थानों पर भी शब-ए-बरात मनाया गया।