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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1786 मामलों का हुआ निस्तारण
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1786 मामलों का हुआ निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। रविंद्रनगर स्थित दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से राष्ट्रीय लोग अदालत का आयोजन किया गया। इसमें सुलह समझौते के आधार पर कुल 1786 मामलों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत की शुरूआत जिला जज संतोष कुमार श्रीवास्तव ने दीप जलाकर किया। इसके बाद मामलों की सुनवाई शुरू हुई। देर शाम तक चले इस लोक अदालत में फौजदारी के 1164 वादों का निस्तारण कर जुर्माने के रूप में 259700 रुपये राजकीय कोष में जमा कराए गए। मोटर दुर्घटना से संबंधित वादों का निस्तारण कर 9170000 रुपये मृतकों के परिजन एवं घायलों को मुआवजे के तौर पर जमा कराए गए। इसी तरह बैंक ऋण के 372 वादों का निस्तारण कर तीन करोड़ 32 लाख 22 हजार 611 रुपये टोकन मनी के रूप में जमा कराए गए। इसके अलावा पारिवारिक वाद के 32, दीवानी के 38, टेलीफोन के 14 और राजस्व के 142 मामले समेत कुल 1786 मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी अविनाश चंद्र त्रिपाठी, विनय कुमार, विवेकानंद शरण त्रिपाठी, शालिनी सागर, श्याम मोहन जायसवाल, अमित कुमार तिवारी, मदन मोहन, अमन श्रीवास्तव, शैलेश पांडेय, शबीना खान, अनुपम कुमार त्रिपाठी, श्वेता तिवारी, मनीष कुमार यादव, करिश्मा जायसवाल, महंथ गोपाल दास आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। रविंद्रनगर स्थित दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से राष्ट्रीय लोग अदालत का आयोजन किया गया। इसमें सुलह समझौते के आधार पर कुल 1786 मामलों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत की शुरूआत जिला जज संतोष कुमार श्रीवास्तव ने दीप जलाकर किया। इसके बाद मामलों की सुनवाई शुरू हुई। देर शाम तक चले इस लोक अदालत में फौजदारी के 1164 वादों का निस्तारण कर जुर्माने के रूप में 259700 रुपये राजकीय कोष में जमा कराए गए। मोटर दुर्घटना से संबंधित वादों का निस्तारण कर 9170000 रुपये मृतकों के परिजन एवं घायलों को मुआवजे के तौर पर जमा कराए गए। इसी तरह बैंक ऋण के 372 वादों का निस्तारण कर तीन करोड़ 32 लाख 22 हजार 611 रुपये टोकन मनी के रूप में जमा कराए गए। इसके अलावा पारिवारिक वाद के 32, दीवानी के 38, टेलीफोन के 14 और राजस्व के 142 मामले समेत कुल 1786 मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी अविनाश चंद्र त्रिपाठी, विनय कुमार, विवेकानंद शरण त्रिपाठी, शालिनी सागर, श्याम मोहन जायसवाल, अमित कुमार तिवारी, मदन मोहन, अमन श्रीवास्तव, शैलेश पांडेय, शबीना खान, अनुपम कुमार त्रिपाठी, श्वेता तिवारी, मनीष कुमार यादव, करिश्मा जायसवाल, महंथ गोपाल दास आदि मौजूद रहे।
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