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एसडीएम ने दस्तावेजों के साथ वार्डे न को कार्यालय में किया तलब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:19 PM IST
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय
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पडरौना। शहर से महज तीन किलोमीटर दूर खिरकिया में संचालित पडरौना के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण में गुरुवार को तमाम खामियां मिलीं। एसडीएम के निरीक्षण में कस्तूरबा विद्यालय की 12 बालिकाएं मौके पर मौजूद नहीं थीं। पूछताछ में पता चला कि पांच बालिकाओं की तरफ से अवकाश प्रार्थनापत्र मिला है, जबकि शेष सात के बारे में कोई लिखित सूचना नहीं है। भवन की स्थिति भी जर्जर थी। एसडीएम ने वार्डेन को जरूरी दस्तावेजों के साथ शुक्रवार को अपने कार्यालय में तलब किया है।
एसडीएम सदर गुलाबचंद्र के पहुंचते ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अफरातफरी मच गई। भवन की छत जर्जर हाल में मिली। बताया गया कि बारिश में छत टपकती है। बालिकाओं के सोने की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। सफाई की व्यवस्था भी काफी खराब रही।एसडीएम ने बालिकाओं की उपस्थिति के बारे में पूछा तो मालूम हुआ कि 88 बालिकाएं यहां रहती हैं।
उनमें 12 बालिकाएं गुरुवार को गायब थीं। एसडीएम ने इस बारे में पूछा तो वार्डेन संगीता सिंह ने बताया कि बालिकाएं अवकाश पर हैं, लेकिन सिर्फ पांच बालिकाओं की ओर से दिए गए अवकाश प्रार्थना पत्र को ही प्रस्तुत कर पाई। जबकि सात बालिकाओं का अवकाश आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाई, लेकिन उन्हें भी घर जाना बताई।
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एसडीएम ने बताया कि 12 बालिकाएं कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में उस समय नहीं थीं। उनमें पांच कक्षा छह की हैं तथा सात कक्षा सातवीं की। पांच बच्चियों की तरफ से छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया गया था। छत जर्जर मिली तो परिसर में भी सफाई नहीं थी।
इन सब के बारे में वार्डेन से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा उन्हें शुक्रवार को दस्तावेजों के साथ कार्यालय बुलाया गया है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। एसडीएम के निरीक्षण के बाद बीएसए भी शाम को कस्तूरबा में पहुंच कर जांच पड़ताल किए और आवश्यक निर्देश वार्डेन को दिया।
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एसडीएम सदर गुलाबचंद्र के पहुंचते ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अफरातफरी मच गई। भवन की छत जर्जर हाल में मिली। बताया गया कि बारिश में छत टपकती है। बालिकाओं के सोने की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। सफाई की व्यवस्था भी काफी खराब रही।एसडीएम ने बालिकाओं की उपस्थिति के बारे में पूछा तो मालूम हुआ कि 88 बालिकाएं यहां रहती हैं।
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उनमें 12 बालिकाएं गुरुवार को गायब थीं। एसडीएम ने इस बारे में पूछा तो वार्डेन संगीता सिंह ने बताया कि बालिकाएं अवकाश पर हैं, लेकिन सिर्फ पांच बालिकाओं की ओर से दिए गए अवकाश प्रार्थना पत्र को ही प्रस्तुत कर पाई। जबकि सात बालिकाओं का अवकाश आवेदन पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाई, लेकिन उन्हें भी घर जाना बताई।
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एसडीएम ने बताया कि 12 बालिकाएं कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में उस समय नहीं थीं। उनमें पांच कक्षा छह की हैं तथा सात कक्षा सातवीं की। पांच बच्चियों की तरफ से छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया गया था। छत जर्जर मिली तो परिसर में भी सफाई नहीं थी।
इन सब के बारे में वार्डेन से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा उन्हें शुक्रवार को दस्तावेजों के साथ कार्यालय बुलाया गया है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। एसडीएम के निरीक्षण के बाद बीएसए भी शाम को कस्तूरबा में पहुंच कर जांच पड़ताल किए और आवश्यक निर्देश वार्डेन को दिया।