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चौपाल में नहीं पहुंचे डीएम, निराश लौटे फरियादी

Thu, 05 Oct 2017 10:11 PM IST
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:11 PM IST
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चौपाल में नहीं पहुंचे डीएम, निराश लौटे फरियादी
ढाढ़ा (कुशीनगर)। सुकरौली क्षेत्र के बंचरा गांव में बृहस्पतिवार को आयोजित चौपाल में अधिकांश जिलास्तरीय अधिकारी नहीं पहुंचे। लोग घंटों इंतजार के बाद निराश होकर अपने-अपने घर लौट गए। चौपाल में इस क्षेत्र के विधायक ने पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं। बंचरा गांव में चौपाल का प्रचार-प्रसार कई दिनों से किया जा रहा था। सुबह दस बजे से ही आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी, लेकिन सुबह दस बजे से शुरू होने वाली इस चौपाल में दोपहर तक अधिकांश अधिकारी नदारद थे। इस कार्यक्रम में डीएम को आना था, लेकिन वह भी नहीं पहुंचे। घंटों बैठने के बाद एक-एक कर फरियादी अपने घरों को लौटने लगे।
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तब वहां मौजूद जिला कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी और एसडीएम ने औपचारिकता के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। चौपाल में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक पवन केडिया ने भीड़ को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बीडीओ सुरेंद्र प्रसाद, एडीओ पंचायत अवधेश कुमार राय, सचिव शबाना खातून, ज्ञान विक्रम सिंह, सुभाष पांडेय सहित कई लोग मौजूद रहे।
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स्थानीय अफसरों से निराश हैं लोग
ढाढ़ा। सुकरौली ब्लाक के बंचरा गांव में वृहस्पतिवार को डीएम के आने की सूचना पर पहुंचे लोग स्थानीय अफसरों से निराश थे। वे इन अफसरों को अपनी पीड़ा सुनाना ही नहीं चाह रहे थे। इन लोगों का कहना था कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती, इसीलिए वे लोग डीएम से अपनी बात कहने आए थे। पिड़रा गांव के माई धिया टोले की रहने वाली वृद्ध इमरती देवी ने बताया कि एक हादसा में उनका हाथ टूट गया है। मजदूरी करने की उम्र नहीं है और कोटेदार राशन व तेल भी नहीं देता। कई बार ग्राम प्रधान और ब्लॉक के अधिकारियों से गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई मदद नहीं मिली। जगदीशपुर गांव के रहने वाले रामबेलाश भी उम्र के अंतिम पड़ाव पर हैं। आवास और पेंशन के लिए चक्कर लगा रहा हैं। किसी तरह डीएम को अपनी फरियाद सुनाने पहुंचे थे, स्थानीय अफसरों को पहले भी अपनी पीड़ा बता चुके हैं, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। परसिया गांव की कुसुमावती का कहना था कि आय का कोई साधन नहीं है। इसके बाद भी बीपीएल लिस्ट में उसका नाम नहीं है। इसलिए राशन नहीं मिलता। पिड़रा के किशोरी और गोपाल टोला निवासी राजपति ने कहा कि आवास के लिए ब्लॉक के चक्कर काट रही हैं, लेकिन आवास नहीं मिला। ये तो कुछ नाम थे जो अपनी पीड़ा कह रहे थे। बहुत से लोग तो चुपचाप ही घर लौट गए।
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