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मजिस्ट्रेट और राजपत्रित अधिकारी लगाए गए थे जांच में
Updated Mon, 05 Jun 2017 06:23 PM IST
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100 गांवों में एक साथ कराई जांच
पडरौना।
राज्यवित्त एवं 14वें वित्त के धन से एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक पडरौना ब्लॉक के 100 गांवों में कराए गए विकास कार्यों की जांच सोमवार को डीएम ने एक साथ कराई। इसके लिए सभी एसडीएम के अलावा राजपत्रित अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रत्येक गांव में एक साथ शुरू हुई जांच से ग्राम प्रधानों से लेकर ग्राम पंचायत सचिवों सहित कई अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
डीएम आंद्रा वामसी ने राज्यवित्त एवं 14वें वित्त के धन से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के अलावा ग्राम पंचायत का नाम, राजस्व ग्राम, ग्राम प्रधान का मोबाइल नंबर, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं सचिव का नाम व मोबाइल नंबर, एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक इन योजनाओं के अधीन ग्राम पंचायतों को भेजी गई अलग-अलग धनराशि का विवरण। दोनों स्रोतों से प्राप्त धनराशि व खर्च की गई धनराशि का विवरण, खर्च करने के बाद अवशेष धनराशि, यह धनराशि किन-किन मदों में खर्च की गई, उन कार्यों का विवरण। व्यय के जरिए कराए गए कार्यों की मौके पर जांच व निरीक्षण के बाद सत्यापन तथा इस संबंध में टिप्पणी, कराए गए कार्यों की मौके पर वर्तमान में भौतिक स्थिति संतोषजनक है अथवा नहीं। कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर तथ्यात्मक टिप्पणी और इन स्रोतों से प्राप्त धनराशि से कराए गए कार्यों का आगणन बढ़ाकर तो नहीं बनाया गया। इस पर अधिकारियों के मूल्यांकन की टिप्पणी सहित 11 बिंदुओं पर डीएम ने सोमवार को अचानक जांच कर शाम पांच बजे तक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी क्षम्य नहीं होगी।
डीएम का आदेश मिलने के बाद एसडीएम सदर गणेश प्रसाद सिंह सेमराहर्दो, एसडीएम कसया श्रीप्रकाश शुक्ल कटेया, हाटा अजय नारायण सिंह जंगल धर्मपुर, एसडीएम तमकुहीराज बंगालीपट्टी, कप्तानगंज रामआसरे सिंह लमकन और एसडीएम खड्डा जयचंद पांडेय कठकुइयां में जांच करने के लिए निकल पड़े। इसी तरह डीडीओ शेषनाथ चौहान ने पचरुखिया, डीपीओ शशि कुमार सिंह ने जंगल हनुमानगंज, पीडी राजेंद्र प्रसाद ने लक्ष्मीपुर, डीएसटीओ ने जंगल चौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी रामपाल यादव ने जंगल बकुलहां, जिला प्रोवेशन अधिकारी राकेश सिंह ने जंगल कुरमौल में पहुंचकर डीएम के निर्देशानुसार 11 बिंदुओं पर जांच कर स्थलीय सत्यापन किया। इसी तरह पडरौना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 100 गांवों में अफसरों ने आवंटित धन के सापेक्ष कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। इस जांच से पडरौना क्षेत्र के सभी गांवों के संबंधित लोगों में खलबली मची रही।
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डीएम आंद्रा वामसी ने कहा कि राज्यवित्त एवं 14वें वित्त से पडरौना ब्लॉक के 100 गांवों में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई गई। इसमें यह देखा जा रहा है कि ग्राम प्रधानों, सचिवों और अन्य जिम्मेदारों ने अपने दायित्वों का निर्वहन अच्छी तरह से किया है कि नहीं। गुणवत्तापूर्वक कार्य होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मंगलवार को शाम तक उपलब्ध हो जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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पडरौना।
राज्यवित्त एवं 14वें वित्त के धन से एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक पडरौना ब्लॉक के 100 गांवों में कराए गए विकास कार्यों की जांच सोमवार को डीएम ने एक साथ कराई। इसके लिए सभी एसडीएम के अलावा राजपत्रित अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रत्येक गांव में एक साथ शुरू हुई जांच से ग्राम प्रधानों से लेकर ग्राम पंचायत सचिवों सहित कई अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
डीएम आंद्रा वामसी ने राज्यवित्त एवं 14वें वित्त के धन से ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों के अलावा ग्राम पंचायत का नाम, राजस्व ग्राम, ग्राम प्रधान का मोबाइल नंबर, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं सचिव का नाम व मोबाइल नंबर, एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक इन योजनाओं के अधीन ग्राम पंचायतों को भेजी गई अलग-अलग धनराशि का विवरण। दोनों स्रोतों से प्राप्त धनराशि व खर्च की गई धनराशि का विवरण, खर्च करने के बाद अवशेष धनराशि, यह धनराशि किन-किन मदों में खर्च की गई, उन कार्यों का विवरण। व्यय के जरिए कराए गए कार्यों की मौके पर जांच व निरीक्षण के बाद सत्यापन तथा इस संबंध में टिप्पणी, कराए गए कार्यों की मौके पर वर्तमान में भौतिक स्थिति संतोषजनक है अथवा नहीं। कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर तथ्यात्मक टिप्पणी और इन स्रोतों से प्राप्त धनराशि से कराए गए कार्यों का आगणन बढ़ाकर तो नहीं बनाया गया। इस पर अधिकारियों के मूल्यांकन की टिप्पणी सहित 11 बिंदुओं पर डीएम ने सोमवार को अचानक जांच कर शाम पांच बजे तक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी क्षम्य नहीं होगी।
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डीएम का आदेश मिलने के बाद एसडीएम सदर गणेश प्रसाद सिंह सेमराहर्दो, एसडीएम कसया श्रीप्रकाश शुक्ल कटेया, हाटा अजय नारायण सिंह जंगल धर्मपुर, एसडीएम तमकुहीराज बंगालीपट्टी, कप्तानगंज रामआसरे सिंह लमकन और एसडीएम खड्डा जयचंद पांडेय कठकुइयां में जांच करने के लिए निकल पड़े। इसी तरह डीडीओ शेषनाथ चौहान ने पचरुखिया, डीपीओ शशि कुमार सिंह ने जंगल हनुमानगंज, पीडी राजेंद्र प्रसाद ने लक्ष्मीपुर, डीएसटीओ ने जंगल चौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी रामपाल यादव ने जंगल बकुलहां, जिला प्रोवेशन अधिकारी राकेश सिंह ने जंगल कुरमौल में पहुंचकर डीएम के निर्देशानुसार 11 बिंदुओं पर जांच कर स्थलीय सत्यापन किया। इसी तरह पडरौना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 100 गांवों में अफसरों ने आवंटित धन के सापेक्ष कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। इस जांच से पडरौना क्षेत्र के सभी गांवों के संबंधित लोगों में खलबली मची रही।
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डीएम आंद्रा वामसी ने कहा कि राज्यवित्त एवं 14वें वित्त से पडरौना ब्लॉक के 100 गांवों में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई गई। इसमें यह देखा जा रहा है कि ग्राम प्रधानों, सचिवों और अन्य जिम्मेदारों ने अपने दायित्वों का निर्वहन अच्छी तरह से किया है कि नहीं। गुणवत्तापूर्वक कार्य होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मंगलवार को शाम तक उपलब्ध हो जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।