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14 हजार किसानों को मिला पौने तीन करोड़

Thu, 26 Aug 2021 10:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 10:27 PM IST
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14 thousand farmers got quarter to three crores
14 हजार किसानों को मिला पौने तीन करोड़
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छह लाख में से 63 हजार किसानों ने कराया था फसल बीमा
सुधीर कुमार मिश्र
पडरौना। जिले में ओलावृष्टि, सूखा, आंधी-बारिश आदि से फसलों को होने वाली क्षति की पूर्ति के लिए किसानों में फसल बीमा को लेकर जागरूकता बढ़ी है। इस साल 63 हजार किसानों में से 14 हजार ने फसल बीमा कराया था, जिसके एवज में उन्हें पौने तीन करोड़ रुपये मिले हैं।
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 284376 हेक्टेयर है। इसमें से 223836 हेक्टेयर क्षेत्रफल कृषि योग्य भूमि है। इस कृषि योग्य भूमि में जिले के करीब छह लाख किसान गन्ना, गेहूं, धान, मक्का, मसूर, केला और मटर आदि फसलें उगाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं से फसलें नष्ट हो जाती थीं, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता था। कई किसान तो बैंक अथवा गांव के साहूकारों से कर्ज लेकर खेत में फसलें उगाते थे, लेकिन प्राकृतिक आपदा से फसलें नष्ट होने के बाद किसानों की कमर टूट जाती थी। इससे किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से रबी और खरीफ के मौसम में बोई जाने वाली फसलों का बीमा कराने की व्यवस्था दी है। इस वर्ष जिले के 63495 ऋणी कृषक और 370 गैर ऋणी कृषक समेत कुल 63856 किसानों हैं। इन किसानों ने 28283 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उगाई गई फसलों का बीमा कराया था। इसमें से 14393 किसानों को लाभांवित करते हुए उन्हें 27494664.51 लाख रुपये दावे की धनराशि दी गई है। संवाद
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फसल बीमा के लिए ऐसे करें आवेदन
जो किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित हैं, उनका अनिवार्य रूप से फसल बीमा किया जाता है। लेकिन यदि कोई किसान फसल बीमा कराना नहीं चाहते हैं तो उन किसानों को बैंक को लिखित रूप से अवगत कराते हैं तो उनका फसल बीमा नहीं किया जाता है। जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है। ऐसे किसान किसी भी सहज जनसेवा केंद्र से संपर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं।
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क्षतिपूर्ति के लिए ऐसे होता है आवेदन
यदि किसी ग्राम पंचायत में प्रतिकूल मौसम की वजह से 75 फीसदी से अधिक क्षेत्रफल में बुआई नहीं हो सकी है तो ऐसी स्थिति में बीमित राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत बीमा का लाभ दिया जा सकता है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को संबंधित बैंक या कृषि विभाग को सूचना देनी पड़ती है। इसके अलावा जिन किसानों की फसल प्राकृतिक आपदा से नष्ट हुई है, उन किसानों को 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग, बीमा कंपनी अथवा संबंधित बैंक को सूचना देनी पड़ती है।

आगामी रबी के मौसम में फसलों का बीमा पुन: शुरू होगा। इसके लिए किसान निर्धारित समय के भीतर बैंक सहज जनसेवा केंद्र से संपर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं। रबी के मौसम की फसलों का बीमा आगामी रबी का मौसम शुरू होने के बाद 31 दिसंबर तक किया जाएगा। फसल बीमा में आई किसी भी असुविधा के लिए किसान प्रत्येक कार्य दिवस में कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क अधिक जानकारी ले सकता है।
- डॉ. बीआर मौर्या, उपकृषि निदेशक कृषि विभाग
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