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पति-पत्नी के झगड़े में जल गए 13 घर
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:56 PM IST
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जले घर।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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खड्डा। थाना क्षेत्र के भैसहां गांव के कोटवा टोला में शनिवार की रात पति-पत्नी के बीच हुए झगड़ने से 13 परिवारों को तबाह कर दिया। पति-पत्नी में झगड़ा शराब पीने को लेकर हुआ था। पत्नी ने ऐतराज जताया तो पति ने उसकी पिटाई कर दी। इससे खफा पत्नी ने मिट्टी का तेल उड़ेल कर शरीर में आग लगा ली। आग ने थोड़ी ही देर में दंपती की झोपड़ी के साथ ही पड़ोस की 12 झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। उधर, पत्नी को बचाने में पति भी झुलस गया है। दोनों का इलाज चल रहा है।
कोटवा टोला निवासी रामआशीष रोज नशे में घर लौटता था। इस बात को लेकर उसकी पत्नी सुनीता से अक्सर लड़ाई होती थी। शनिवार की रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ और रामआशीष ने पत्नी की पिटाई कर दी। इसके बाद सुनीता ने गुस्से में शरीर में आग लगा ली। इसके बाद आग ने पहले सुनीता की झोपड़ी और फिर 12 पड़ोसियों के घरों के चपेट में ले लिया। सभी 13 परिवारों के घर जलकर राख हो चुके हैं। अब उनके पास सिर छिपाने की भी जगह नहीं है।
घर में रखे सारे सामने जल चुकी है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुन्ना यादव ने रविवार को सभी के भोजन की व्यवस्था की। उधर, पत्नी के शरीर में आग लगाने पर रामआशीष ने उसे बचाने की कोशिश की। इस प्रयास में वह भी झुलस गया है। पति-पत्नी की हालत गंभीर है। उन्हें पहले तुर्कहां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार को भी उनकी हालत में सुधार नहीं होने पर दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
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अाग लगने से रामआशीष के पड़ोसी मनोज, ओमप्रकाश, रामनाथ, दशरथ, रक्षा, छोटेलाल, महेंद्र, नत्थू, श्रीगोपाल, संतोष, गब्बर व द्रौपदी की झोपड़ियां भी जल कर राख हो गईं। आग लगने के बाद महिलाओं और बच्चों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई, जबकि झोपड़ियों में रखे जेवर, नकदी, बर्तन, कपड़े, अनाज व अन्य सामान जल गए। गांव वालों की सूचना पर पीआरवी पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और काफी मुशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। क्षेत्रीय विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया।
भैसहां गांव के कोटवा टोला में शनिवार की रात एक व्यक्ति के घर बारात आई थी। गांव के लोग उसमें शामिल थे। रात लगभग साढ़े दस बजे रामआशीष की झोपड़ी से आग की लपटें उठते देख लोग उस तरफ दौड़ पड़े। वहां का दृश्य देख सभी सकेत में आ गए। रामआशीष की पत्नी सुनीता (30) आग की लपटों में घिरी थी और रामआशीष उसे बचाने की कोशिश कर रहा था। गांव के लोगों ने किसी तरह सुनीता के शरीर में लगी आग को बुझाया और उसे अस्पताल पहुंचाया।
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कोटवा टोला निवासी रामआशीष रोज नशे में घर लौटता था। इस बात को लेकर उसकी पत्नी सुनीता से अक्सर लड़ाई होती थी। शनिवार की रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ और रामआशीष ने पत्नी की पिटाई कर दी। इसके बाद सुनीता ने गुस्से में शरीर में आग लगा ली। इसके बाद आग ने पहले सुनीता की झोपड़ी और फिर 12 पड़ोसियों के घरों के चपेट में ले लिया। सभी 13 परिवारों के घर जलकर राख हो चुके हैं। अब उनके पास सिर छिपाने की भी जगह नहीं है।
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घर में रखे सारे सामने जल चुकी है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुन्ना यादव ने रविवार को सभी के भोजन की व्यवस्था की। उधर, पत्नी के शरीर में आग लगाने पर रामआशीष ने उसे बचाने की कोशिश की। इस प्रयास में वह भी झुलस गया है। पति-पत्नी की हालत गंभीर है। उन्हें पहले तुर्कहां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार को भी उनकी हालत में सुधार नहीं होने पर दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
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अाग लगने से रामआशीष के पड़ोसी मनोज, ओमप्रकाश, रामनाथ, दशरथ, रक्षा, छोटेलाल, महेंद्र, नत्थू, श्रीगोपाल, संतोष, गब्बर व द्रौपदी की झोपड़ियां भी जल कर राख हो गईं। आग लगने के बाद महिलाओं और बच्चों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई, जबकि झोपड़ियों में रखे जेवर, नकदी, बर्तन, कपड़े, अनाज व अन्य सामान जल गए। गांव वालों की सूचना पर पीआरवी पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और काफी मुशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। क्षेत्रीय विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया।
भैसहां गांव के कोटवा टोला में शनिवार की रात एक व्यक्ति के घर बारात आई थी। गांव के लोग उसमें शामिल थे। रात लगभग साढ़े दस बजे रामआशीष की झोपड़ी से आग की लपटें उठते देख लोग उस तरफ दौड़ पड़े। वहां का दृश्य देख सभी सकेत में आ गए। रामआशीष की पत्नी सुनीता (30) आग की लपटों में घिरी थी और रामआशीष उसे बचाने की कोशिश कर रहा था। गांव के लोगों ने किसी तरह सुनीता के शरीर में लगी आग को बुझाया और उसे अस्पताल पहुंचाया।