{"_id":"5a0f20f14f1c1b69678bc47e","slug":"121510940913-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उल्टी-दस्त से दो बच्चों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उल्टी-दस्त से दो बच्चों की मौत
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:36 PM IST
विज्ञापन
बच्चे की मौत
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कसया (कुशीनगर)। क्षेत्र के मैनपुर गांव के पकड़ीहार टोला में रहने वाले लोग अपने बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं। तेज बुखार और उल्टी से दस दिनों के भीतर दो बच्चों की मौत हो गई है, जबकि दो बच्चों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। शुक्रवार को सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी की स्वास्थ्य टीम ने गांव में पहुंचकर बीमारी के बारे में जानकारी ली।
मैनपुर गांव के पकड़ीहार टोला निवासी सलीम की सात वर्षीय पुत्री चांदनी दो सप्ताह से तेज बुखार और उल्टी की चपेट में आई थी। घरवाले उसे कसया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। वहां भी इलाज होने पर चांदनी की हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। घरवाले उसे छह नवंबर को मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसके बाद चांदनी के घर के बगल में 9रहने वाले सैफुद्दीन की पांच वर्षीय पुत्री नाजिया को भी वही बीमारी हो गई। दस दिन पहले इस बीमारी की चपेट में आई नाजिया को परिवार के लोग जिला अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एक सप्ताह इलाज के बाद बृहस्पतिवार की देर शाम नाजिया की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
इसी टोले के निवासी शहीद के सात वर्षी य पुत्र इमरान और शहाबुद्दीन की पुत्री नाजमा भी तेज बुखार और उल्टी से पीड़ित हैं। इन दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ग्राम प्रधान भागवत यादव ने बताया कि इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है, लेकिन विभागीय टीम मौके पर नहीं पहुंची। टोले में दो बच्चों की मौत से लोग दहशत में हैं। कई लोगों ने अपने बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए रिश्तेदारों के घर भेज दिया है। इस गांव के रवींद्र राय, बृजेश राय, हजरत, सद्दीक, सद्दाम सहित कई लोगों ने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग इस गांव में कैंप लगाकर इलाज नहीं करता है तो स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना था कि कसया सीएचसी की टीम प्रभावित गांव में गई थी। वहां तीन बच्चे बीमार हुए थे। बीमार बच्चों के बारे में ब्यौरा मांगा गया है। अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी वहां मुहैया कराई जाएंगी।
मैनपुर गांव के पकड़ीहार टोला निवासी सलीम की सात वर्षीय पुत्री चांदनी दो सप्ताह से तेज बुखार और उल्टी की चपेट में आई थी। घरवाले उसे कसया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। वहां भी इलाज होने पर चांदनी की हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। घरवाले उसे छह नवंबर को मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
इसके बाद चांदनी के घर के बगल में 9रहने वाले सैफुद्दीन की पांच वर्षीय पुत्री नाजिया को भी वही बीमारी हो गई। दस दिन पहले इस बीमारी की चपेट में आई नाजिया को परिवार के लोग जिला अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एक सप्ताह इलाज के बाद बृहस्पतिवार की देर शाम नाजिया की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
इसी टोले के निवासी शहीद के सात वर्षी य पुत्र इमरान और शहाबुद्दीन की पुत्री नाजमा भी तेज बुखार और उल्टी से पीड़ित हैं। इन दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ग्राम प्रधान भागवत यादव ने बताया कि इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है, लेकिन विभागीय टीम मौके पर नहीं पहुंची। टोले में दो बच्चों की मौत से लोग दहशत में हैं। कई लोगों ने अपने बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए रिश्तेदारों के घर भेज दिया है। इस गांव के रवींद्र राय, बृजेश राय, हजरत, सद्दीक, सद्दाम सहित कई लोगों ने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग इस गांव में कैंप लगाकर इलाज नहीं करता है तो स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार का कहना था कि कसया सीएचसी की टीम प्रभावित गांव में गई थी। वहां तीन बच्चे बीमार हुए थे। बीमार बच्चों के बारे में ब्यौरा मांगा गया है। अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी वहां मुहैया कराई जाएंगी।