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जांच में अनियमितता की पुष्टि पर हुई कार्रवाई
Updated Sun, 17 Sep 2017 07:03 PM IST
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कुशीनगर। जांच में अनियमितता की बात सामने आने पर साधन सहकारी समिति खेसिया की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। डीएम के निर्देश के बाद हुई जांच के बाद डीएसओ ने यह कार्रवाई की है।
विशुनपुरा ब्लॉक के खेसिया गांव के कुछ टोलों के लोगों का राशन साधन सहकारी समिति से मिलता है। समिति के सचिव शंकर यादव राशन वितरण करते हैं। गांव की प्रधान तजमुन नेशा सहित अन्य लोगों ने डीएम से राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की थी। अनियमितता को लेकर ग्राम प्रतिनिधि जमालुद्दीन और कोटेदार के पुत्र मनोज यादव के बीच मारपीट हुई थी, जिसको लेकर गांववालों ने धरना भी दिया था।
डीएम के निर्देश के बाद मंगलवार की शाम पूर्ति निरीक्षक रत्नेश मिश्र और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने गांव में पहुंचकर जांच की थी। जांच आख्या में अधिकारियों ने बताया कि कोटे की दुकान पर कोई भी रेट सूची नहीं लगी थी और कोटेदार उपस्थित नहीं थे। जांच में बताया गया कि राशन वितरण कोटेदार का लड़का करता है। जांच में अंत्योदय कार्ड पर चार किलोग्राम की घटतौली, अधिक मूल्य लेने, यूनिट के हिसाब से राशन वितरण नहीं होने, कार्डधारकों से दुर्व्यवहार किए जाने सहित कई शिकायतें सही मिलीं। इसके बाद डीएसओ विमल शुक्ल ने कोटेदार शंकर यादव का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। साथ ही कोटेदार से एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है।
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विशुनपुरा ब्लॉक के खेसिया गांव के कुछ टोलों के लोगों का राशन साधन सहकारी समिति से मिलता है। समिति के सचिव शंकर यादव राशन वितरण करते हैं। गांव की प्रधान तजमुन नेशा सहित अन्य लोगों ने डीएम से राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की थी। अनियमितता को लेकर ग्राम प्रतिनिधि जमालुद्दीन और कोटेदार के पुत्र मनोज यादव के बीच मारपीट हुई थी, जिसको लेकर गांववालों ने धरना भी दिया था।
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डीएम के निर्देश के बाद मंगलवार की शाम पूर्ति निरीक्षक रत्नेश मिश्र और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने गांव में पहुंचकर जांच की थी। जांच आख्या में अधिकारियों ने बताया कि कोटे की दुकान पर कोई भी रेट सूची नहीं लगी थी और कोटेदार उपस्थित नहीं थे। जांच में बताया गया कि राशन वितरण कोटेदार का लड़का करता है। जांच में अंत्योदय कार्ड पर चार किलोग्राम की घटतौली, अधिक मूल्य लेने, यूनिट के हिसाब से राशन वितरण नहीं होने, कार्डधारकों से दुर्व्यवहार किए जाने सहित कई शिकायतें सही मिलीं। इसके बाद डीएसओ विमल शुक्ल ने कोटेदार शंकर यादव का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। साथ ही कोटेदार से एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है।
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