फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   ग्रामीण डाक सेवकों के आंदोलन का मामला

ग्रामीण डाक सेवकों के आंदोलन का मामला

Wed, 23 May 2018 11:25 PM IST
Updated Wed, 23 May 2018 11:25 PM IST
विज्ञापन
ग्रामीण डाक सेवकों के आंदोलन का मामला
डाक कर्मियों की हड़ताल से फंस गईं 14 हजार चिट्ठियां
विज्ञापन

- मंगलवार से आंदोलन पर बैठे हैं जीडीएस कर्मचारी
फोटो संख्या- 57, 58 व 59 से संबंधित।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना।
ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल से जिले के 20 डाक घरों में लगभग 14 हजार चिट्ठियां फंस गई हैं। इन डाकघरों के लगभग 450 जीडीएस कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण चिट्ठियां अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई हैं। डाक घरों में फंसी चिट्ठियों में तमाम महत्वपूर्ण कागजात के अलावा, आधार कार्ड और पेन कार्ड इत्यादि भी शामिल हैं। परेशान लोग खुद प्रधान डाकघर में पहुंचकर अपनी चिट्ठियों की तलाश कर रहे हैं। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किए जाने को लेकर जिले के 20 डाकघरों के करीब 450 ग्रामीण डाक सेवक मंगलवार से ही हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इसके चलते विभिन्न जगहों से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने वाली चिट्ठियां प्रधान डाकघर में ही पड़ी हुई हैं। इनमें रजिस्ट्री के 2387, स्पीड पोस्ट के 4437, स्पेशल पार्सल के 158 चिट्ठियां हैं। इन चिट्ठियों के वितरण न होने के कारण लोग भी परेशान हैं। क्योंकि इन पत्रों में किसी के नौकरी से संबंधित कागजात है, तो आधार कार्ड और पेन कार्ड भी शामिल है। प्रधान डाकघर पडरौना के पोस्टमास्टर किसी तरह रिटायर्ड कर्मचारियों के जरिए आवश्यक पत्र लोगों तक भेजवा रहे हैं। उनका भी मानना है कि इस आंदोलन से कार्य पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है। यही स्थिति रही तो फिर प्रधान डाक घर में पत्रों की संख्या बहुत अधिक हो जाएगी।
00000
क्या कहते हैं प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर:
प्रधान डाकघर पडरौना के पोस्टमास्टर उमापति त्रिपाठी का कहना है कि जीडीएस कर्मचारियों के हड़ताल से प्रभाव पड़ा है। अधिक संख्या में चिट्ठियों का वितरण नहीं हो पा रहा है। किसी तरह जरूरी पत्रों को लोगों तक रिटायर्ड कर्मचारियों के जरिए पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन

00000000
दूसरे दिन भी धरना पर बैठे रहे कर्मचारी
बुधवार को दूसरे दिन भी जीडीएस कर्मचारी हड़ताल पर बैठे रहे। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रांतीय संयोजक ओपी मिश्रा ने कहा कि जीडीएस कमेटी के कमलेश चंद्रा की रिपोर्ट को जब तक लागू नहीं किया जाएगा, तब तक उनका हड़ताल जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सुखल यादव, महेंद्र यादव, गोपीचंद गोड़, सुमन सिंह, राकेश श्रीवास्तव, उपेंद्र नाथ मिश्र, विनोद कुमार गोड़, चंद्रिका बरनवाल, बरस्टिर यादव, वीरेंद्र शुक्ल, भगवती प्रसाद समेत काफी संख्या में जीडीएस कर्मचारी मौजूद रहे। तमकुही रोड प्रतिनिधि के अनुसार सेवरही क्षेत्र के गांवों में दूसरे दिन भी डाक सेवाएं ठप रही। अपनी मांगों को लेकर जीडीएस कर्मचारियों ने बुधवार को डाक घर पर प्रदर्शन किया। डाक सेवकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक देशव्यापी हड़ताल जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में शारदा यादव, मुनेशर यादव, श्रीकांत सिंह, अनिल कुशवाहा, राम इकबाल सिंह, रामनिवास मिश्र, कुलदीप कुमार, विजय प्रताप सिंह, मुरारी लाल श्रीवास्तव, महातम प्रसाद आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed