फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   कैसे बसे गरीब बेटियों का घर, जब जिम्मेदार ही बेफिक्र

कैसे बसे गरीब बेटियों का घर, जब जिम्मेदार ही बेफिक्र

Mon, 15 Oct 2018 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर Updated Mon, 15 Oct 2018 11:39 PM IST
विज्ञापन
कैसे बसे गरीब बेटियों का घर, जब जिम्मेदार ही बेफिक्र
सामूहिक विवाह के दौरान मौजूद वर-वधू (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पडरौना। गरीब परिवारों की बेटियों का घर बसाने के लिए मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता वाली ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ का हश्र कुशीनगर जिले में बेहद चिंताजनक है। इस वर्ष शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से 1500 कन्याओं के सामूहिक विवाह का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष अब तक 69 कन्याओं की शादी ही कराई जा चुकी है, जबकि इसके लिए शासन ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में 2.15 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया है।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद वित्तीय वर्ष 2017-18 में योगी आदित्यनाथ ने गरीब परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने के लिए ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ लागू की थी। इसके लिए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, ब्लॉक के बीडीओ और नगरीय क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी को लाभार्थियों का चयन कर उनका विवाह कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन सीएम के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का समुचित लाभ जरूरतमंदों को मिलने की बजाए उनमें जागरुकता तक नहीं आ पाई है।
विज्ञापन

पिछले वित्तीय वर्ष में सिर्फ कुशीनगर नगरपालिका की तरफ से 11, जिला पंचायत की ओर से 10 तथा अन्य ब्लॉकों में 28 सहित कुल 49 कन्याओं की शादी कराई जा सकी थी। उसके बाद मौजूदा वित्तीय वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों से 1440 तथा नगरीय क्षेत्रों से 60 सहित कुल 1500 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक मुख्यालय पर 25 जुलाई को 48 तथा हाटा नगर पालिका परिषद की तरफ से 21 जुलाई को 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया गया है। अन्य सभी ब्लॉक और नगर निकाय इस मामले में फिसड्डी हैं। हालांकि गरीब बेटियों का घर बसाने को लेकर शासन की गंभीरता इस बात से ही देखी जा सकती है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में दो करोड़ पंद्रह लाख पच्चीस हजार रुपये पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं, जिसमें से नेबुआ नौरंगिया और हाटा में हुए सामूहिक विवाह में 69 लाख रुपये खर्च दिखाया गया है। डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि गरीब कन्याओं के विवाह के लिए अपर मुख्य अधिकारी, सभी बीडीओ और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है। प्रस्ताव आने के बाद तिथि तय कर शादियां कराई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



किस ब्लॉक को कितना मिला है लक्ष्य
दुदही को 147, फाजिलनगर को 117, हाटा को 71, कप्तानगंज को 89, कसया को 62, खड्डा को 106, मोतीचक को 86, नेबुआ नौरंगिया को 96, रामकोला को 101, सेवरही को 116, सुकरौली को 84, तमकुहीराज को 112, विशुनपुरा को 106 और पडरौना ब्लॉक को सर्वाधिक 150 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। इसी तरह नगर निकायों में कुशीनगर को 8, खड्डा को 6, रामकोला को 5, हाटा को 5, सेवरही को 9, कप्तानगंज को 9 और पडरौना नगरपालिका को सर्वाधिक 18 कन्याओं का विवाह कराने का लक्ष्य दिया गया है। प्रत्येक ब्लॉक को कम से कम 10 कन्याओं की शादी कराने की बाध्यता है।

कन्याओं के विवाह पर दिए जाने हैं ये सामान-
कन्या के लिए बॉक्स, पांच सेट साड़ी, चुनरी, पायल बिछिया, एक ब्रांडेड मोबाइल, शगुन का सामान और दूल्हे को देने के लिए एक सेट कपड़ा, जिसकी लागत 10 हजार रुपये निर्धारित है। 20 हजार रुपये कन्या के खाते में जमा करने हैं, जबकि आयोजन करने वाले विभाग को प्रति कन्या के विवाह में कुर्सी, मेज, खान-पान, माला, बुके आदि के लिए पांच हजार रुपये दिया जाना है।

नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में हो चुकी है किरकिरी
25 जुलाई को नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में कराए गए सामूहिक विशवाह में पहले से शादीशुदा और जिन महिलाओं के दुधमुंहे बच्चे हैं, उनका भी विवाह कराए जाने की बात सामने आई थी। इससे विभाग की काफी किरकिरी हुई थी। बाद में इसकी जांच हुई थी, जिसमें दोबारा शादी के मामले में उन परिवारों को लीव इन रिलेशन में बताया गया था।


लापरवाही बयां करती हैं चिट्ठियां
डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह की तरफ से सात सितंबर को जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, सभी बीडीओ और नगर निकायों के ईओ को जारी किए गए पत्र में इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर उदासीन बताया गया था। डीएम ने इनसे स्पष्टीकरण तलब किया था। उन्होंने पत्र में बताया था कि 17 अप्रैल, 8 मई, 21 मई, 8 जून, 31 जुलाई, 20 अगस्त और 31 अगस्त को पत्र के जरिए इसे गंभीरता से लेने का निर्देश जारी करने के बावजूद जिम्मेदार इस योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed