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20 से 25 मीटर दूर रही गई है नदी
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बाढ़खंड के स्टोर रूम पर मंडराया खतरा
बचाव कार्य शुरू नहीं होने से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। जंगलीपट्टी गांव के सामने एपी बांध के किलोमीटर 0.600 से 0.800 के बीच बाढ़खंड के स्टोर रूम पर बड़ी गंडक नदी का खतरा मंडराने लगा है। नदी इससे 20 से 25 मीटर दूर रह गई है। बचाव कार्य शुरू नहीं किए जाने से नाराज लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इन लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता रणविजय सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने नदी के किनारे प्रदर्शन किया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू कराए जाने की मांग की। उन लोगों का कहना था कि कटान के चलते बांध और गांव के वजूद पर खतरा मंडराने लगा है। इस दौरान राजेंद्र, वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, दीनानाथ कुशवाहा, राजेश सिंह, दूधनाथ कुशवाहा, पुरन यादव, हेमंत सिंह, रामजीत यादव, रामानंद कुशवाहा सहित अन्य लोग मौजूद थे।
बाढ़खंड महकमा बाघाचौर और अहिरौलीदान में कटान रोकने में जुटा तो है, लेकिन जंगलीपट्टी में नदी किमी 0.600 से 0.800 के बीच भी आ गई है। सत्संग भवन और बाढ़खंड विभाग के स्टोर रूम ही गंडक की जद में आ गए हैं। स्टोर रूम से नदी मात्र 20 से 25 मीटर की दूरी पर रह गई है।
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यह वही स्थान है, जहां पिछले साल छह करोड़ रुपये की लागत से स्पर का निर्माण कराया गया था। यही नहीं इस स्थान से एक किलोमीटर आगे घघवा जगदीश में 2007 में एपी बांध कट गया था और लोगों को महीनों बाढ़ की विभीषका झेलनी पड़ी थी। जंगलीपट्टी के मथुरा सिंह कहते है कि दिनोदिन नदी अपने कटान का दायरा बढ़ाती जा रही है, जिससे स्टोर रूम व बांध पर खतरा मंडराने लगा है। इस क्षेत्र के निवासी और गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता रणविजय सिंह, राजेश सिंह, बाबूलाल निषाद, हेमंत सिंह, राजू सिंह, लल्लन सिंह, हरिहर यादव, अखिलेश सिंह, राकेश सिंह आदि का कहना है कि यदि किमी 0.600 से 0.800 के बीच शीघ्र बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया तो 2007 की स्थिति एक बार फिर लौट सकती है। बाढ़खंड के एसडीओ पीसी त्रिपाठी का कहना है कि बांध सुरक्षा के प्रति विभाग बेहद गंभीर है।
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बचाव कार्य शुरू नहीं होने से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। जंगलीपट्टी गांव के सामने एपी बांध के किलोमीटर 0.600 से 0.800 के बीच बाढ़खंड के स्टोर रूम पर बड़ी गंडक नदी का खतरा मंडराने लगा है। नदी इससे 20 से 25 मीटर दूर रह गई है। बचाव कार्य शुरू नहीं किए जाने से नाराज लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इन लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता रणविजय सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने नदी के किनारे प्रदर्शन किया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू कराए जाने की मांग की। उन लोगों का कहना था कि कटान के चलते बांध और गांव के वजूद पर खतरा मंडराने लगा है। इस दौरान राजेंद्र, वीरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, दीनानाथ कुशवाहा, राजेश सिंह, दूधनाथ कुशवाहा, पुरन यादव, हेमंत सिंह, रामजीत यादव, रामानंद कुशवाहा सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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बाढ़खंड महकमा बाघाचौर और अहिरौलीदान में कटान रोकने में जुटा तो है, लेकिन जंगलीपट्टी में नदी किमी 0.600 से 0.800 के बीच भी आ गई है। सत्संग भवन और बाढ़खंड विभाग के स्टोर रूम ही गंडक की जद में आ गए हैं। स्टोर रूम से नदी मात्र 20 से 25 मीटर की दूरी पर रह गई है।
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यह वही स्थान है, जहां पिछले साल छह करोड़ रुपये की लागत से स्पर का निर्माण कराया गया था। यही नहीं इस स्थान से एक किलोमीटर आगे घघवा जगदीश में 2007 में एपी बांध कट गया था और लोगों को महीनों बाढ़ की विभीषका झेलनी पड़ी थी। जंगलीपट्टी के मथुरा सिंह कहते है कि दिनोदिन नदी अपने कटान का दायरा बढ़ाती जा रही है, जिससे स्टोर रूम व बांध पर खतरा मंडराने लगा है। इस क्षेत्र के निवासी और गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता रणविजय सिंह, राजेश सिंह, बाबूलाल निषाद, हेमंत सिंह, राजू सिंह, लल्लन सिंह, हरिहर यादव, अखिलेश सिंह, राकेश सिंह आदि का कहना है कि यदि किमी 0.600 से 0.800 के बीच शीघ्र बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया तो 2007 की स्थिति एक बार फिर लौट सकती है। बाढ़खंड के एसडीओ पीसी त्रिपाठी का कहना है कि बांध सुरक्षा के प्रति विभाग बेहद गंभीर है।