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गंडक का तांडव शुरू
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:24 PM IST
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गंडक उफान पर, कटान से पलायन की तैयारी में लोग
- अहिरौलीदान क्षेत्र के पांच गांव पर सबसे अधिक खतरा
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के नदी क्षेत्र में पड़ने वाले पांचों गांव अब शनिवार को पूरी तरह कटान के जद में आ गए है। इससे इन गांवों में अफरा-तफरी मची हुई है। लोग कटान के भय से अपने पक्के मकानों को तोड़ने तथा सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पलायन करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। लोगों का आरोप है कि समय रहते प्रशासन ने बचाव कार्य कराया होता, तो आज उन्हें यहां से पलायन की जरूरत ही नहीं पड़ती।
शनिवार से अहिरौली दान में गंडक नदी का तांडव शुरू हो गया है। क्योंकि गंडक नदी ने नदी क्षेत्र में पड़ने वाले कचहरी टोला, नोनिया पट्टी, मदुरही, खैरखुटा और डीहटोला को पूरी तरह कटान की जद में ले लिया है। कटान इतना तेज है कि इन गांवों में अफरा-तफरी मची हुई है। शुक्रवार को मदुरही में रबड़राम व बिजली की झोपड़ी नदी में विलीन हो गई थी। शनिवार को बिंदाराम और भुटेला का घर, जिसे वह तोड़ चुके, वह जमीन भी नदी की धारा में विलीन हो गया। इसी तरह कचहरी टोला में भी कई लोगों के घरों को नदी ने निशाना बना लिया है। कटान के भय से नगीना राम, राघव राम, प्रहलाद, रूदल राम आदि ने भी अपने पक्के मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। लोगों के अनुसार अगर समय रहते प्रशासन ने कटान रोकने का इंतजाम किया होता, तो शायद लोगों को अपने पक्के मकानों को तोड़कर पलायन करने के लिए विवश नहीं होना पड़ता। दूसरी ओर शनिवार को अहिरौलीदान में विधायक अजय कुमार लल्लू व एसडीएम त्रिभुवन ने निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि विस्थापित लोगों को अन्यत्र बसाने की व्यवस्था की जाएगी।
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- अहिरौलीदान क्षेत्र के पांच गांव पर सबसे अधिक खतरा
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के नदी क्षेत्र में पड़ने वाले पांचों गांव अब शनिवार को पूरी तरह कटान के जद में आ गए है। इससे इन गांवों में अफरा-तफरी मची हुई है। लोग कटान के भय से अपने पक्के मकानों को तोड़ने तथा सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पलायन करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। लोगों का आरोप है कि समय रहते प्रशासन ने बचाव कार्य कराया होता, तो आज उन्हें यहां से पलायन की जरूरत ही नहीं पड़ती।
शनिवार से अहिरौली दान में गंडक नदी का तांडव शुरू हो गया है। क्योंकि गंडक नदी ने नदी क्षेत्र में पड़ने वाले कचहरी टोला, नोनिया पट्टी, मदुरही, खैरखुटा और डीहटोला को पूरी तरह कटान की जद में ले लिया है। कटान इतना तेज है कि इन गांवों में अफरा-तफरी मची हुई है। शुक्रवार को मदुरही में रबड़राम व बिजली की झोपड़ी नदी में विलीन हो गई थी। शनिवार को बिंदाराम और भुटेला का घर, जिसे वह तोड़ चुके, वह जमीन भी नदी की धारा में विलीन हो गया। इसी तरह कचहरी टोला में भी कई लोगों के घरों को नदी ने निशाना बना लिया है। कटान के भय से नगीना राम, राघव राम, प्रहलाद, रूदल राम आदि ने भी अपने पक्के मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। लोगों के अनुसार अगर समय रहते प्रशासन ने कटान रोकने का इंतजाम किया होता, तो शायद लोगों को अपने पक्के मकानों को तोड़कर पलायन करने के लिए विवश नहीं होना पड़ता। दूसरी ओर शनिवार को अहिरौलीदान में विधायक अजय कुमार लल्लू व एसडीएम त्रिभुवन ने निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि विस्थापित लोगों को अन्यत्र बसाने की व्यवस्था की जाएगी।
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