{"_id":"630f9d728404b37b8a2e0af8","slug":"10-years-imprisonment-for-rape-convict-kushinagar-news-gkp448930694","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के दोषी को दस साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म के दोषी को दस साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुष्कर्म के दोषी को दस साल की कैद
पडरौना। दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के दोषी को न्यायालय ने बुधवार को सजा सुनाई। कोर्ट ने दस साल के कारावास की सजा सुनाते हुए दोषी पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
हाटा कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 18 मई 2013 को उनकी 15 वर्षीय पुत्री नित्यक्रिया के लिए गांव से बाहर गई थी। वहां मौजूद गांव का एक युवक उनकी पुत्री को लेकर भाग गया। हाटा कोतवाली में आरोपी पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो नंबर-एक अमित तिवारी के न्यायालय में इस मामले में सुनवाई हुई। उन्होंने साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद दोषी को दस साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वादी की ओर से मुकदमे की पैरवी विशेष शासकीय अधिवक्ता फूलबदन कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के दोषी को न्यायालय ने बुधवार को सजा सुनाई। कोर्ट ने दस साल के कारावास की सजा सुनाते हुए दोषी पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
हाटा कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 18 मई 2013 को उनकी 15 वर्षीय पुत्री नित्यक्रिया के लिए गांव से बाहर गई थी। वहां मौजूद गांव का एक युवक उनकी पुत्री को लेकर भाग गया। हाटा कोतवाली में आरोपी पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ।
विज्ञापन
विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो नंबर-एक अमित तिवारी के न्यायालय में इस मामले में सुनवाई हुई। उन्होंने साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद दोषी को दस साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वादी की ओर से मुकदमे की पैरवी विशेष शासकीय अधिवक्ता फूलबदन कर रहे थे।
विज्ञापन