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Kushinagar News: तीन दिन के प्रयास में जाल में फंसा एक घोड़ा, दो की निगरानी बढ़ी
Fri, 07 Jul 2023 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 07 Jul 2023 12:35 AM IST
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हिंसक घोडे को पकड कर वैन में चढ़ाते नगरपालिका के कर्मर्चारी व पशु विभाग की टीम।संवाद
चार दिनों में दर्जनों लोगों को किए जख्मी, दहशत में शहरवासी
पशु चिकित्सा विभाग और नगर पालिका की लगाई गई टीम
तीन दिन बाद टीम को मिली सफलता, कई लोग हुए चोटिल
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर में तीन घोड़े चार दिनों में करीब 17 लोगों को काट चुके हैं। घोड़ों के आतंक से लोग रास्ता बदलकर जान बचा रहे हैं। तीन दिनों से नगर पालिका के कर्मचारी और पशु चिकित्सा विभाग की टीम पकड़ने की कोशिश में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। बृहस्पतिवार को ढाई घंटे प्रयास के बाद टीम ने एक हिंसक घोड़े को पकड़ लिया। उसे मदनपुर जंगल में ले जाकर छोड़े जाने की बात कही जा रही है।
नगर में चार दिनों से तीन घोड़े लोगों को जख्मी कर रहे थे। कई बाइक सवार लोगों पर भी हमला कर जख्मी कर दिए हैं, कुछ को काट लिया है। इनके भय से शहर के अलावा आसपास के गांवों से आने वाले लोगों में भी इनके हमला करने का डर बना हुआ है। तीन दिन से नगर पालिका परिषद की टीम और पशु चिकित्सा विभाग की तीन टीमें उपकरणों के साथ घोड़ों को पकड़ने में लगी थी। तमाम कोशिशों के बावजूद घोड़े पकड़ में नहीं आ रहे थे।
बृहस्पतिवार को सुबह टीम ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल और पशु चिकित्सा विभाग के नेतृत्व में घोड़े की घेराबंदी भूतनाथ कालोनी में की, लेकिन घायल करने वाला मुख्य घोड़ा चकमा देकर भाग निकला। टीम ने खिरिया टोला, नोनिया पट्टी, जगदीशपुरम काॅलोनी, बेलवा जंगल, खिरकिया बाजार, मटियरवा, अंबे चौक, बेलवा चुंगी उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह छकाता रहा।
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करीब ढाई घंटे मशक्कत के बाद महाराणा प्रताप नगर में लोगों की मदद से उसे पकड़ने में कामयाबी मिली। बाकी दो घोड़े अब भी पकड़ से दूर हैं। पशु चिकित्सा विभाग का मानना है कि जो घोड़ा पकड़ा गया है, यही ज्याद हिंसक था।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र प्रसाद और नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल ने बताया कि तीनों घोड़ों में एक ही हिंसक था। उसे पकड़ लिया गया है। उसे बिहार के मदनपुर जंगल में छोड़ा जाएगा। बाकी दो घोड़ों पर नजर रखी जा रही है।
जख्मी लोगों का हुआ इलाज
-बाजार में आए सिकंदर अली (20), शंभूनाथ मिश्र (63), निशा सिंह (18) समेत लगभग 17 लोगों को घोड़े ने काटकर और दौड़ाकर जख्मी किया था। इलाज के अलावा इन लोगों को हर्ष बाइट का इंजेक्शन भी लगाया गया। घोड़े के दौड़ाने से बाइक सवार विजय कुमार, रामाज्ञा, कुंदन पटेल, सोनू भारती गिरकर घायल हो गए हैं। चेयरमैन विनय जायसवाल ने बताया कि घोड़े के हिंसक होने से नगर के लोग दहशत में थे। उसे पकड़ने के लिए कर्मचारियों को पूरे संसाधनों के साथ भेजा गया था।
कई बार टीम पर भी हमले की कोशिश
नगर पालिका परिषद के अलावा पशु चिकित्सा विभाग की तीन टीमें घोड़े को पकड़ने में लगाई गई थीं। एक टीम डिप्टी सीवीओ अमर सिंह, दूसरी टीम रामकोला के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुबोध सिंह और तीसरी टीम तुर्कपट्टी के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल सिंह के नेतृत्व में लगाई गई थी। कई बार हिंसक तीनों घोड़े टीम पर हमला किए, लेकिन बाल-बाल टीम के सदस्य बच निकले। सुबह नौ बजे से ही घोड़ेे को पकड़ने के लिए टीम के अलावा नगर के सैकड़ों लोग लगे थे।
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पशु चिकित्सा विभाग और नगर पालिका की लगाई गई टीम
तीन दिन बाद टीम को मिली सफलता, कई लोग हुए चोटिल
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर में तीन घोड़े चार दिनों में करीब 17 लोगों को काट चुके हैं। घोड़ों के आतंक से लोग रास्ता बदलकर जान बचा रहे हैं। तीन दिनों से नगर पालिका के कर्मचारी और पशु चिकित्सा विभाग की टीम पकड़ने की कोशिश में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। बृहस्पतिवार को ढाई घंटे प्रयास के बाद टीम ने एक हिंसक घोड़े को पकड़ लिया। उसे मदनपुर जंगल में ले जाकर छोड़े जाने की बात कही जा रही है।
नगर में चार दिनों से तीन घोड़े लोगों को जख्मी कर रहे थे। कई बाइक सवार लोगों पर भी हमला कर जख्मी कर दिए हैं, कुछ को काट लिया है। इनके भय से शहर के अलावा आसपास के गांवों से आने वाले लोगों में भी इनके हमला करने का डर बना हुआ है। तीन दिन से नगर पालिका परिषद की टीम और पशु चिकित्सा विभाग की तीन टीमें उपकरणों के साथ घोड़ों को पकड़ने में लगी थी। तमाम कोशिशों के बावजूद घोड़े पकड़ में नहीं आ रहे थे।
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बृहस्पतिवार को सुबह टीम ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल और पशु चिकित्सा विभाग के नेतृत्व में घोड़े की घेराबंदी भूतनाथ कालोनी में की, लेकिन घायल करने वाला मुख्य घोड़ा चकमा देकर भाग निकला। टीम ने खिरिया टोला, नोनिया पट्टी, जगदीशपुरम काॅलोनी, बेलवा जंगल, खिरकिया बाजार, मटियरवा, अंबे चौक, बेलवा चुंगी उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह छकाता रहा।
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करीब ढाई घंटे मशक्कत के बाद महाराणा प्रताप नगर में लोगों की मदद से उसे पकड़ने में कामयाबी मिली। बाकी दो घोड़े अब भी पकड़ से दूर हैं। पशु चिकित्सा विभाग का मानना है कि जो घोड़ा पकड़ा गया है, यही ज्याद हिंसक था।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र प्रसाद और नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल ने बताया कि तीनों घोड़ों में एक ही हिंसक था। उसे पकड़ लिया गया है। उसे बिहार के मदनपुर जंगल में छोड़ा जाएगा। बाकी दो घोड़ों पर नजर रखी जा रही है।
जख्मी लोगों का हुआ इलाज
-बाजार में आए सिकंदर अली (20), शंभूनाथ मिश्र (63), निशा सिंह (18) समेत लगभग 17 लोगों को घोड़े ने काटकर और दौड़ाकर जख्मी किया था। इलाज के अलावा इन लोगों को हर्ष बाइट का इंजेक्शन भी लगाया गया। घोड़े के दौड़ाने से बाइक सवार विजय कुमार, रामाज्ञा, कुंदन पटेल, सोनू भारती गिरकर घायल हो गए हैं। चेयरमैन विनय जायसवाल ने बताया कि घोड़े के हिंसक होने से नगर के लोग दहशत में थे। उसे पकड़ने के लिए कर्मचारियों को पूरे संसाधनों के साथ भेजा गया था।
कई बार टीम पर भी हमले की कोशिश
नगर पालिका परिषद के अलावा पशु चिकित्सा विभाग की तीन टीमें घोड़े को पकड़ने में लगाई गई थीं। एक टीम डिप्टी सीवीओ अमर सिंह, दूसरी टीम रामकोला के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुबोध सिंह और तीसरी टीम तुर्कपट्टी के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल सिंह के नेतृत्व में लगाई गई थी। कई बार हिंसक तीनों घोड़े टीम पर हमला किए, लेकिन बाल-बाल टीम के सदस्य बच निकले। सुबह नौ बजे से ही घोड़ेे को पकड़ने के लिए टीम के अलावा नगर के सैकड़ों लोग लगे थे।