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संदिग्ध दशा में युवक की मौत, पत्नी की हालत गंभीर, परिजनों का दावा कोविड का टीका लगवाने के बाद आए बुखार से हुई मौत
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चायल। पिपरी कोतवाली के दरियापुर मजरा रनिहापर गांव में ससुराल आए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों के अनुसार युवक की मौत एक सप्ताह पहले कोरोना का टीका लगवाने के बाद आए तेज बुखार के कारण हुई है। हालांकि, घर के कुछ सदस्यों ने घटना के बाद से परिजनों में कोहराम है।
चरवा कोतवाली के बेरुआ निवासी त्रिभुवन नामदेव के बेटे दिलीप कुमार की ससुराल पिपरी कोतवाली के दरियापुर मजरा रनिहापर गांव में है। दिलीप पांच जुलाई को पत्नी सुमन देवी को बुलाने के लिए ससुराल आया था। यहां पर उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई तो ससुराल वालों ने आननफानन इलाज के लिए उसे तिल्हापुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां हफ्ते भर तक चले इलाज के बाद सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। दिलीप की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार गांव में आयोजित टीकाकरण कैंप के दौरान दिलीप और उसकी पत्नी सुमन ने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। इसी के बाद से ही दोनों की तबीयत खराब हो गई। सुमन के दाहिने हांथ में सूजन होने के कारण उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। घर के कुछ लोगों ने बताया कि दिलीप अपेंडिक्स का मरीज था। कुछ दिन पहले ही उसका ऑपरेशन कराया गया था।
क्या कहते हैं एमओआईसी
गांव में जिस दिन टीकाकरण का कैंप लगा था उस दिन 62 लोगों को कोविड की वैक्सीन लगाई गई थी। किसी अन्य को कोई दिक्कत नहीं हुई। दिलीप की पत्नी का टीकाकरण मूरतगंज ब्लॉक में डॉक्टर सुनील सिंह ने किया था। उनका कहना है कि दिलीप की पत्नी सुमन के बाएं हांथ में टीका लगाया गया था। इंफेक्शन दाहिने हाथ में हुआ है। टीका लगवाने से हालत गंभीर होने की बात अफवाह है। -डाक्टर ललित सिंह, एमओआईसी, नेवादा
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अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
नेवादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित सिंह ने बताया कि वैक्सीन लगने के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं होती है। लोग अफवाह फैलाकर टीकाकरण के कार्य को प्रभावित करना चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वह किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
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चरवा कोतवाली के बेरुआ निवासी त्रिभुवन नामदेव के बेटे दिलीप कुमार की ससुराल पिपरी कोतवाली के दरियापुर मजरा रनिहापर गांव में है। दिलीप पांच जुलाई को पत्नी सुमन देवी को बुलाने के लिए ससुराल आया था। यहां पर उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई तो ससुराल वालों ने आननफानन इलाज के लिए उसे तिल्हापुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां हफ्ते भर तक चले इलाज के बाद सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। दिलीप की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार गांव में आयोजित टीकाकरण कैंप के दौरान दिलीप और उसकी पत्नी सुमन ने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। इसी के बाद से ही दोनों की तबीयत खराब हो गई। सुमन के दाहिने हांथ में सूजन होने के कारण उसकी भी हालत गंभीर बनी हुई है। घर के कुछ लोगों ने बताया कि दिलीप अपेंडिक्स का मरीज था। कुछ दिन पहले ही उसका ऑपरेशन कराया गया था।
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क्या कहते हैं एमओआईसी
गांव में जिस दिन टीकाकरण का कैंप लगा था उस दिन 62 लोगों को कोविड की वैक्सीन लगाई गई थी। किसी अन्य को कोई दिक्कत नहीं हुई। दिलीप की पत्नी का टीकाकरण मूरतगंज ब्लॉक में डॉक्टर सुनील सिंह ने किया था। उनका कहना है कि दिलीप की पत्नी सुमन के बाएं हांथ में टीका लगाया गया था। इंफेक्शन दाहिने हाथ में हुआ है। टीका लगवाने से हालत गंभीर होने की बात अफवाह है। -डाक्टर ललित सिंह, एमओआईसी, नेवादा
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अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
नेवादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. ललित सिंह ने बताया कि वैक्सीन लगने के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं होती है। लोग अफवाह फैलाकर टीकाकरण के कार्य को प्रभावित करना चाहते हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वह किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।