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यमुना की तराई में बाढ़ का संकट

Sun, 21 Aug 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sun, 21 Aug 2016 12:51 AM IST
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यमुना की तराई में बसे गांवों में बाढ़ का संकट शुरू हो गया है। कुछ गांवों में यमुना का पानी खेतों की फसलों को अपनी आगोश में ले चुका तो कुछ गांव पानी से घिरने लगे हैं। उफनाई यमुना को देख तराई के गांवों में बसे लोगों में दहशत पसर गई है। वहीं, प्रशासन है कि वह मामले में तनिक भी संजीदा नहीं दिख रहा है।
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गंगा-यमुना के बीच में बसे दोआबा में बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। सप्ताह भर से हो रही लगातार बारिश के चलते यमुना नदी उफान पर आ गई हैं। इसके चलते तराई में बसे गांवों के किसानों की फसलों को यमुना अपनी आगोश में लेने लगी है। दूसरी ओर गांवों में भी बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है। जिले में इसकी शुरुआत सराय अकिल थाना क्षेत्रों के दो गांवों से हो गई है। शुक्रवार की रात थानाक्षेत्र के डांड़ी और बरगदी गांव के किसानों की हजारों बीघा कद्दू, मिर्च, बाजरा आदि फसलें जलमग्न हो गईं। सुबह फसलों के डूबने का नजारा देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। अब पानी इन गांवों में घुसने के लिए बढ़ रहा है।
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दूसरी ओर इसी थानाक्षेत्र के कटैया गांव में शुक्रवार की रात पानी न केवल घुसा बल्कि चारो ओर से जल ही जल दिखाई देने लगा। रास्ते में पानी भर जाने से  ग्रामीणों को अपने घरों से बाहर निकलने के बाद नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा तराई में बसे गांव कोषम इनाम, पाली, पलरा, महेवाघाट सहित कई गांवों पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। उधर अधिकारी हैं कि वह मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। यही हाल रहा तो कभी भी गांव के गांव यमुना की बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
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बारिश में ढहा घर, सामान नष्ट
 मंझनपुर तहसील के इटैला गांव में एक परिवार का घर बारिश के चलते ढह गया। गनीमत रही कि घटना के वक्त लोग घर से बाहर थे। मलबे में गृहस्थी का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर है। सूचना के बाद भी हल्का लेखपाल नुकसान का जायजा लेने गांव नहीं पहुंचा।

इटैला निवासी मनोज कुमार पुत्र मिश्रीलाल का कच्चा घर है। इसी घर में उसने परचून की दुकान खोल रखी है। लगातार हो रही बारिश के चलते उसके कच्चे घर में सीलन दौड़ गई थी। परिवार के लोग दरवाजे पर बैठे थे। इसी बीच अचानक कच्चे घर की दीवार भरभराकर ढह गई। घर के मलबे में पीड़ित की दुकान और गृहस्थी का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया। पीड़ित ने पड़ोसियों की मदद से कुछ सामान बाहर निकाला। घटना के बाद से पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिता रहा है। मामले की जानकारी हल्का लेखपाल को दी गई पर वह नहीं पहुंच सका। इसे लेकर पीड़ित में नाराजगी रही।


गंगा-यमुना दोनों उफनाई हुई हैं। गांवों में पानी घुसने की खबर मिल रही है। तीनों एसडीएम के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की गई है। जहां जो जरूरत दिखेगी, उसके हिसाब से सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
श्रीकृष्ण, एडीएम, वित्त एवं राजस्व
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