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Kaushambi News: बचत अभिकर्ता के रूप में महिलाओं को मिला काम का अवसर
Tue, 25 Nov 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 25 Nov 2025 01:04 AM IST
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मंझनपुर। जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें बचत से जोड़ने के लिए जिला बचत कार्यालय ने प्रोत्साहन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत महिलाएं डाकघर की बचत योजनाओं से जुड़कर बचत अभिकर्ता (एजेंट) बनने की प्रेरणा पा रहीं हैं।
जिला बचत अधिकारी मंतशा बानो ने बताया कि बचत अभिकर्ता बनने के लिए 21 वर्ष की आयु, 10वीं पास शैक्षिक योग्यता और जिले का निवासी होना अनिवार्य है। खास बात यह है कि इस पद पर किसी प्रकार का वेतन नहीं दिया जाता है बल्कि कमीशन के आधार पर काम होता है।
वर्तमान में जिले में 28 महिला अभिकर्ता कार्य कर रहीं है। बताया कि एजेंटों की कोई औपचारिक वैकेंसी नहीं निकलती बल्कि योग्य और इच्छुक महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद जोड़ा जाता है। बचत अभिकर्ता लोगों से छोटी-बड़ी बचत योजनाओं में पैसा जमा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
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जमा की गई राशि पर एजेंट को करीब चार प्रतिशत कमीशन मिलता है। इससे महिलाओं को आर्थिक सहयोग मिलता है और वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा पाती हैं। इन योजनाओं से निवेशकों को भी लाभ मिलता है। पांच साल में धनराशि की मैच्योरिटी होती है। जब ब्याज व अन्य लाभों के साथ धनराशि वापस की जाती है।
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जिला बचत अधिकारी मंतशा बानो ने बताया कि बचत अभिकर्ता बनने के लिए 21 वर्ष की आयु, 10वीं पास शैक्षिक योग्यता और जिले का निवासी होना अनिवार्य है। खास बात यह है कि इस पद पर किसी प्रकार का वेतन नहीं दिया जाता है बल्कि कमीशन के आधार पर काम होता है।
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वर्तमान में जिले में 28 महिला अभिकर्ता कार्य कर रहीं है। बताया कि एजेंटों की कोई औपचारिक वैकेंसी नहीं निकलती बल्कि योग्य और इच्छुक महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद जोड़ा जाता है। बचत अभिकर्ता लोगों से छोटी-बड़ी बचत योजनाओं में पैसा जमा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
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जमा की गई राशि पर एजेंट को करीब चार प्रतिशत कमीशन मिलता है। इससे महिलाओं को आर्थिक सहयोग मिलता है और वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा पाती हैं। इन योजनाओं से निवेशकों को भी लाभ मिलता है। पांच साल में धनराशि की मैच्योरिटी होती है। जब ब्याज व अन्य लाभों के साथ धनराशि वापस की जाती है।